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पीएम मोदी का अमेरिका दौरा: टॉप 15 टेक कंपनियों के CEO से मिले, एआई, क्वांटम कंप्यूटिंग और सेमीकंडक्टर हुई बात

उमाकांत त्रिपाठी।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिकी दौरे पर हैं. इस दौरान उन्होंने अमेरिकी टेक कंपनियों के सीईओ के साथ एक राउंडटेबल मीटिंग भी की है, जहां उन्होंने भारत की विकास संभावनाओं पर जोर दिया और विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देने की पहलों पर चर्चा की. PM मोदी की इस राउंड टेबल मीटिंग में गूगल से लेकर Nvidia जैसे टॉप 15 टेक कंपनियों के CEO शामिल थे.यह बैठक मोदी की तीन दिवसीय अमेरिकी यात्रा के दूसरे चरण के दौरान रविवार को न्यूयॉर्क पैलेस होटल में हुई. समाचार एजेंसी की खबर के मुताबिक, इसमें एआई, क्वांटम कंप्यूटिंग और सेमीकंडक्टर जैसी अत्याधुनिक तकनीकों पर काम करने वाली 15 प्रमुख अमेरिकी फर्मों के सीईओ ने भाग लिया.

 

बैठक में टेक और इनोवेशन पर हुई चर्चा
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा- न्यूयॉर्क में टेक्नोलॉजी सीईओ के साथ एक सक्सेसफुल राउंडटेबल बैठक हुई, जिसमें टेक, इनोवेशन और अन्य से संबंधित पहलुओं पर चर्चा की गई. इस क्षेत्र में भारत द्वारा की गई प्रगति पर भी प्रकाश डाला. विदेश मंत्रालय के मुताबिक, सम्मेलन के दौरान मोदी ने कहा कि प्रौद्योगिकी सहयोग और महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकियों पर पहल (आईसीईटी) जैसे प्रयास भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी के मूल में हैं. प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि अपने तीसरे कार्यकाल में भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने के लिए हर संभव प्रयास करेगा और कंपनियों को सहयोग और नवाचार के लिए भारत की विकास कहानी का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया.

सुंदर पिचाई समेत ये दिग्गज थे मौजूद
मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग द्वारा आयोजित इस सम्मेलन में गूगल के सीईओ पिचई, एडोब के सीईओ शांतनु नारायण, एक्सेंचर के सीईओ जूली स्वीट और NVIDIA के सीईओ जेन्सेन हुआंग सहित शीर्ष अमेरिकी टेक फर्मों के सीईओ शामिल हुए. गोलमेज सम्मेलन में भाग लेने वाले अन्य लोगों में AMD की सीईओ लिसा सु, HP Inc. के सीईओ एनरिक लोरेस, IBM के सीईओ अरविंद कृष्णा, मॉडर्ना के चेयरमैन डॉ. नूबर अफयान और वेरिजॉन के सीईओ हैंस वेस्टबर्ग शामिल हैं. बौद्धिक संपदा की सुरक्षा और तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने के लिए भारत की गहरी प्रतिबद्धता के बारे में व्यापारिक नेताओं को आश्वस्त करते हुए, मोदी ने देश में हो रहे आर्थिक परिवर्तन पर प्रकाश डाला.

भारत को सेमीकंडक्ट विनिर्माण का वैश्विक केंद्र बनाने पर दिया जोर
मोदी ने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार भारत को सेमीकंडक्ट विनिर्माण का वैश्विक केंद्र बनाने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने देश को जैव प्रौद्योगिकी महाशक्ति के रूप में विकसित करने के लिए भारत की BIO E3 (पर्यावरण, अर्थव्यवस्था और रोजगार के लिए जैव प्रौद्योगिकी) नीति के बारे में भी बात की और AI के विषय पर कहा कि भारत की नीति सभी के लिए AI को बढ़ावा देना है, जो इसके नैतिक और जिम्मेदार उपयोग पर आधारित है.सीईओ ने भारत की वैश्विक प्रौद्योगिकी केंद्र के रूप में बढ़ती प्रमुखता की सराहना की, जो इसकी नवाचार-अनुकूल नीतियों और फलते-फूलते बाजार अवसरों से प्रेरित है. उन्होंने भारत के साथ निवेश और सहयोग करने में भी गहरी रुचि व्यक्त की, इस बात पर सहमति व्यक्त की कि स्टार्टअप में निवेश करना देश में नई तकनीकों का नवाचार और विकास करने का एक सहक्रियात्मक अवसर होगा.

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