PM Narendra Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिक्षक दिवस पर राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित शिक्षकों से बातचीत की। इस दौरान पीएम मोदी ने नई शिक्षा नीति (NEP) के प्रभाव पर चर्चा की और आज के युवाओं को विकसित भारत के लिए तैयार करने की शिक्षकों की जिम्मेदारी के बारे में बात की।
मोदी ने कहा कि, आज के युवाओं को विकसित भारत के लिए तैयार करने की जिम्मेदारी शिक्षकों के हाथों में है। उन्होंने अपनी-अपनी मातृभाषा में शिक्षा प्राप्त करने के महत्व पर भी चर्चा की। इस दौरान पीएम ने न सिर्फ अपने बचपन के अनुभवों को साझा किया बल्कि टीचर्स ने भी शिक्षा के क्षेत्र में अपने-अपने अनुभव बताए
लोकगीत पढ़ाएं टीचर्स
पीएम मोदी ने शिक्षकों को छात्रों को विभिन्न भाषाओं में स्थानीय लोकगीत पढ़ाने का सुझाव दिया, ताकि उन्हें विभिन्न भाषाओं से परिचित होने में मदद मिल सके। उन्होंने शिक्षकों को भारत की विविधता का पता लगाने के लिए छात्रों को शैक्षिक यात्राओं पर ले जाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने ये भी सुझाव दिया कि शिक्षक छात्रों को भारत की विविधता का पता लगाने में मदद करने के लिए शैक्षिक भ्रमण का आयोजन कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि ऐसी गतिविधियों से न केवल सीखने की क्षमता बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय पर्यटन और अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा. साथ ही उन्होंने प्रस्ताव दिया कि पुरस्कार विजेता शिक्षकों को सामूहिक शिक्षा और सुधार को बढ़ावा देने के लिए सोशल मीडिया के माध्यम से एक दूसरे से जुड़ना चाहिए.
ये टीचर्स हुए थे सम्मानित
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार पाने वालों में जम्मू और कश्मीर की उरफाना अमीन शामिल थीं, जिन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान शैक्षिक सामग्री विकसित की. इसके अलावा पुरस्कार समारोह में आईआईटी-दिल्ली की प्रोफेसर निधि जैन, आईआईटी-रुड़की के प्रोफेसर विनय शर्मा और आईआईएसईआर पुणे के प्रोफेसर श्रीनिवास होथा को भी केमिस्ट्री और पर्यावरण मैनेजमेंट में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया.
देशभर से 82 शिक्षकों को हुआ था चयन
इस साल ‘नेशनल टीचर्स अवॉर्ड’ के लिए देशभर से 82 शिक्षकों का चयन किया गया था, जिनमें स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग द्वारा चुने गए 50 शिक्षक, उच्च शिक्षा विभाग द्वारा चुने गए 16 शिक्षक और कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय द्वारा चुने गए 16 शिक्षक शामिल हैं।














