उमाकांत त्रिपाठी। PM Modi NDA Meeting दिल्ली के रामलीला मैदान पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के शपथ ग्रहण के कुछ देर बाद ही एनडीए ने अपनी बैठक की. सोशल मीडिया पर ग्रुप फोटो खूब शेयर की गई. एमपी के सीएम मोहन यादव ने बाहर आकर कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी जब एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों, उपमुख्यमंत्रियों के साथ बैठक करते हैं तो इससे सरकारों में कॉन्फिडेंस आता है. उत्साह और उमंग बढ़ाता है. दरअसल, शपथ ग्रहण में शक्ति प्रदर्शन का तरीका नया नहीं है. कांग्रेस भी मौका मिलने पर अपने सहयोगियों के साथ ऐसा मंच तैयार करती रही है लेकिन भाजपा ने अब आगे का मिशन भी सेट कर दिया है.
पीएम ने एनडीए की बैठक में ‘एक हैं तो सेफ हैं’ का संदेश दिया
हां, महाराष्ट्र, हरियाणा और अब दिल्ली में सरकार बनने के बाद बिहार की बारी है. दिल्ली में एनडीए की महाजुटान में सीएम नीतीश कुमार भले नहीं आए पर उनके प्रतिनिधि जरूर मौजूद थे. नीतीश कुमार यात्रा के चलते नहीं आए थे और बजट के कारण यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ नहीं पहुंच सके. दिल्ली जीत से उत्साहित भाजपा के नेतृत्व वाले NDA ने गुरुवार को बिहार और पश्चिम बंगाल सहित आगे के सभी विधानसभा चुनाव मिलकर लड़ने का संकल्प लिया. पीएम ने एनडीए की बैठक में ‘एक हैं तो सेफ हैं’ का संदेश दिया.
पीएम मोदी की में हुई इस बैठक में तमाम मुद्दों पर चर्चा हुई
यह मीटिंग इसलिए भी महत्वपूर्ण हो जाती है क्योंकि- हर महीने सहयोगी दलों खासतौर से नीतीश कुमार और चंद्रबाबू नायडू के साथ भाजपा के संबंधों, महाराष्ट्र में सीएम देवेंद्र फडणवीस और डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे के बीच मतभेद की खबरें और अटकलें लगाई जाती रहती हैं. अब दिल्ली में एक मंच पर सभी मुस्कुराते हुए दिखाई दिए.
दिल्ली में एनडीए के नेताओं ने एकसाथ यह मैसेज देने की कोशिश की है कि वे एक हैं. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में तमाम मुद्दों पर चर्चा हुई और गठबंधन की एकता पर जोर दिया गया. बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू, उप मुख्यमंत्री पवन कल्याण, शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अजीत पवार, अपना दल (एस) के सोनेलाल पटेल सहित दूसरे घटक दलों के नेता शामिल थे.
पीएम ने मंच से ही मैसेज दे दिया था
हां, याद कीजिए 20 फरवरी को जब दिल्ली में शपथ ग्रहण के समय पीएम मोदी मंच पर पहुंचे थे तो उन्होंने कुछ नेताओं से ही हाथ मिलाया और बात की थी, इसमें पवन कल्याण, चंद्रबाबू नायडू और एकनाथ शिंदे प्रमुख थे. इसने सबका ध्यान खींचा था. पीएम इस बात को समझते थे और इशारों में उन्होंने एकजुटता का संदेश दे दिया. जब पीएम मिल रहे थे तो कुछ ऐसी बातें हुईं कि सभी मुस्कुरा रहे थे.














