खबर इंडिया की। पुरानी दिल्ली में होने वाली लव कुश रामलीला में एक्ट्रेस पूनम पांडे को रावण की पत्नी मंदोदरी के रोल के लिए चुना गया है. अब इस पर विश्व हिंदू परिषद (विहिप), दिल्ली के प्रांत मंत्री सुरेंद्र गुप्ता ने लव कुश रामलीला में ‘मंदोदरी’ की भूमिका के लिए एक्ट्रेस पूनम पांडे के सिलेक्शन पर गहरी चिंता जाहिर की है.

इस संबंध में विहिप दिल्ली के प्रांत मंत्री सुरेन्द्र कुमार गुप्ता ने लव कुश रामलीला समिति को एक औपचारिक पत्र भेजकर इस निर्णय पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया है.

पत्र में सुरेन्द्र कुमार गुप्ता ने इस बात पर जोर किया कि रामलीला केवल एक नाट्य-प्रस्तुति नहीं, बल्कि भारतीय समाज और संस्कारों का एक जीवंत हिस्सा है. संगठन ने यूनेस्को द्वारा रामलीला को दिए गए सांस्कृतिक महत्व का भी उल्लेख किया, जो इसे एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त पारंपरिक प्रदर्शन के रूप में पहचानता है.

उन्होंने लिखा सांस्कृतिक और नैतिक संवेदनशीलता- संगठन का आग्रह है कि रामायण-आधारित प्रस्तुतियों में पात्रों का चुनाव केवल अभिनय क्षमता पर नहीं, बल्कि सांस्कृतिक उपयुक्तता और श्रद्धालुओं की भावनाओं को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए.

इसमें ये भी लिखा गया कि, ‘मंदोदरी’ चरित्र का महत्व: ‘मंदोदरी’ का चरित्र गुण, मर्यादा, संयम और आदर्श पतिव्रता के गुणों का प्रतीक माना जाता है. इसलिए, इस भूमिका को निभाने वाले कलाकार का चयन इन आदर्शों को ध्यान में रखकर होना चाहिए.

सार्वजनिक छवि पर चिंता: पत्र में कहा गया है कि पूनम पांडे की सार्वजनिक छवि और अतीत में हुए विवादों के कारण श्रद्धालुओं में असमंजस या आक्रोश की भावना उत्पन्न हो सकती है.

वहीं एक्ट्रेस पूनम पांडे ने लव-कुश रामलीला समिति को आभार जताते हुए कहा था, ‘मुझे इस पावन अवसर पर आमंत्रित करने के लिए मैं दिल से धन्यवाद करती हूं. ये मेरे लिए खुशी और गर्व की बात है. मुझे इस ऐतिहासिक और भव्य आयोजन का हिस्सा बनने का मौका मिला है.

उन्होंने आगे लिखा कि- रामलीला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि हमारी संस्कृति और परंपरा का उत्सव है. इसमें सम्मिलित होकर मैं खुद को सौभाग्यशाली मानती हूं. मैं पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ इस इवेंट का हिस्सा बनने के लिए इंतजार कर रही हूं.














