उमाकांत त्रिपाठी।एशिया की सबसे बड़ी फील्ड फायरिंग रेंज में मंगलवार को तीनों सेनाओं ने भारत शक्ति युद्धाभ्यास के जरिए देश में बने हथियारों की ताकत दिखाई। इस युद्धाभ्यास को देखने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी जैसलमेर जिले के पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में पहुंचे। भारत में बने हथियारों की ताकत देखकर उन्होंने कहा कि ये नए भारत का आह्वान है। उन्होंने कहा कि डिफेंस के लिए पिछले दस साल में 6 लाख करोड़ के ऑर्डर भारतीय कंपनियों को दिए गए हैं।मोदी ने कहा- कुछ दिन पहले ही कैबिनेट ने फैसला लिया है कि पांचवी पीढ़ी के लड़ाकू विमान भी हम भारत में ही डिजाइन, डेवलप और मैन्युफैक्चर करने वाले हैं। भविष्य में भारत का डिफेंस सेक्टर बहुत बड़ा होने वाला है।
ड्रोन ने बताई लोकेशन
युद्धाभ्यास के दौरान भारत में बने ड्रोन द्वारा दुश्मनों के बारे में सूचनाएं इकट्ठा की गईं। सर्विलेंस सैटेलाइट, सर्विलेंस ड्रोन, सर्वे ड्रोन ने दुश्मन की पिन पॉइंट लोकेशन की जानकारी सेना के हेडक्वार्टर भेजी। इस सूचना के आधार पर हेडक्वार्टर ने पिनाका मिसाइल और लॉन्ग रेंज रॉकेट लॉन्चर सिस्टम को हमले का ऑर्डर दिया।
इन रॉकेट लॉन्चर सिस्टम ने टारगेट लॉक कर 18 किमी दूर दुश्मन के कमांड एंड कट्रोल हेडक्वार्टर को बर्बाद कर दिया। वहीं 6 पिनाका मल्टी बैरल रॉकेट सिस्टम ने बचे हुए दस्तों को नेस्तनाबूद कर दिया। पिनाक भगवान शिव के धनुष का नाम है, जिसे उन्होंने ऋषि परशुराम को दिया था।
वायु सेना ने थल सेना को हवाई हमलों से बचाया
वायु सेना ने दुश्मन के एयर बेस और महत्वपूर्ण कम्युनिकेशन सेंटर को फायर से बर्बाद कर दिया। ऑफेंसिव काउंटर एयर ऑपरेशन की वजह से फेवरेबल एयर सिचुएशन हासिल की गई, इससे थल सेना के ऊपर हवाई हमले का खतरा कम कर दिया गया।
कमांडोज ने हेडक्वार्टर में भेजी सूचनाएं
युद्धाभ्यास की शुरुआत तीनों सेनाओं के स्पेशल फोर्स के जवानों के दुश्मन के इलाकों में घुसने के साथ हुई। एडवांस लाइट हेलिकॉप्टर ध्रुव ने लाइट व्हीकल को कैरी किया। दूसरे हेलिकॉप्टर में थल सेना के पैरा कमांडो, नौसेना के मार्कोस और वायु सेना के गरुड़ कमांडो दुश्मन के इलाकों में घुसे। इन कमांडों ने दुश्मन के इलाके की सूचनाएं इकट्ठा की और हेडक्वार्टर में भेजे।














