उमाकांत त्रिपाठी।आम चुनाव में ताकत बढ़ने के बाद विपक्ष 24 जून से शुरू हो रहे लोकसभा के पहले ही सत्र में मोदी सरकार को घेरने की तैयारी में है। I.N.D.I.A ब्लॉक की रणनीति सामूहिक ताकत दिखाने की है।फोकस तीन मुद्दों NEET, अग्निवीर योजना और एग्जिट पोल से शेयर बाजार में उथल-पुथल से करोड़ों रुपए इधर से उधर होने पर रहेगा। इन तीनों मुद्दों पर सरकार बैकफुट पर है। भाजपा के सहयोगी दल भी NEET और अग्निवीर को लेकर अलग खड़े दिख रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार
कांग्रेस इन तीनों मुद्दों पर विपक्ष को पूरी तरह साथ लेकर चलने की रणनीति अपनाएगी। मोदी सरकारी लोकसभा में घटी हुई ताकत को देखते हुए विपक्षी दल नीट और अग्निवीर जैसे मामलों से उपजे जनाक्रोश को जोर शोर से सदन में प्रकट करना चाहते हैं।वहीं, भाजपा और उसके सहयोगी दल सदन में सकारात्मक चर्चा को लेकर माहौल बनाने के रास्ते पर चलते दिखाई दे रहे हैं। दोनों सदनों के संयुक्त सत्र में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण के माध्यम से मोदी सरकार अपने अगले 5 साल के एजेंडे की झलक देगी।
मोदी का 3.0- दिखाएगा अपनी ताकत या – इंडिया ब्लॉक
नीट परीक्षा- इंडिया गठबंधन इस विवाद को लेकर संसद में सरकार से दो-दो हाथ करने लिए के मुस्तैद है। समझा जाता है कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच कराने की मांग करेंगे।
अग्निवीर- अपने चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस ने ऐलान किया था कि सत्ता में आने पर इस योजना को समाप्त किया जाएगा। कांग्रेस अब इसे संसद का सबसे अहम मुद्दा बनाने की तैयारी में है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह बार बार दिलासा देते रहे हैं कि जरूरत पड़ने पर योजना में संशोधन किए जा सकते हैं।
शेयर मार्केट- शेयर बाजार से जुड़े 16 करोड़ निवेशकों की भावनाओं को सहलाने के लिए विपक्ष चुनाव नतीजों के आने से पहले सेंसेक्स में आई तेजी और फिर बाजार गिरने को एक सुनियोजित स्कैम के तौर पर देख रहा है। राहुल इस मामले में संयुक्त संसदीय जांच समिति गठित करने की मांग कर चुके हैं।














