उमाकांत त्रिपाठी। पुरानी दिल्ली के प्रतिष्ठित लाला श्रीभगवान गुप्ता परिवार में जन्मे सुमन कुमार गुप्ता बचपन से ही अपनी मिलनसार प्रवृत्ति और सक्रियता के कारण परिवार व समाज के प्रिय रहे। रामजस स्कूल से शिक्षा प्राप्त करने के बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के पी.जी.डी.ए.वी. कॉलेज से स्नातक की डिग्री हासिल की। कॉलेज जीवन से ही वे सामाजिक गतिविधियों से जुड़े रहे और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से प्रेरणा लेते हुए आपातकाल के विरोध में भी सक्रिय भूमिका निभाई।

व्यापारिक जगत में उन्होंने देहली हिन्दुस्तानी मर्केन्टाइल एसोसिएशन की पंच प्रणाली में न्यायसंगत निर्णय देकर सम्मान अर्जित किया। वैश्य समाज की 127 वर्ष पुरानी संस्था बड़ी पंचायत वैश्य बीसे अग्रवाल ने उन्हें “वैश्य शिरोमणि” और अग्रोहा विकास ट्रस्ट ने “वैश्य रत्न” सम्मान से सम्मानित किया।
जनसंघ से हुई शुरुआत
राजनीति की शुरुआत जनसंघ से करने वाले सुमन कुमार गुप्ता भारतीय जनता पार्टी के गठन के बाद मंडल महामंत्री से लेकर जिलाध्यक्ष तक की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाते रहे। चांदनी चौक जैसे ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और गंगा-जमनी तहज़ीब वाले क्षेत्र में उन्होंने भाजपा कार्यकर्ता के रूप में सांसदों, विधायकों और निगम प्रत्याशियों को विजय दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

सुमन गुप्ता यानी विकास पुरुष
2007 में निगम पार्षद चुने जाने के बाद उन्होंने चांदनी चौक में कई महत्वपूर्ण विकास कार्य करवाए। इनमें जनता अदालत, चांदनी चौक सौंदर्यीकरण योजना, परेड ग्राउंड में भूमिगत पार्किंग, पीली कोठी के पुराने टी.वी. अस्पताल का जीर्णोद्धार, पार्कों में बच्चों के लिए साधन, तथा शांति देसाई स्पोर्ट्स क्लब में स्विमिंग पूल और जिम की पुनः शुरुआत जैसे कदम प्रमुख रहे।

साफ है सुमन गुप्ता का विजन
भविष्य के लिए उनके संकल्प भी साफ हैं — रोजाना जनता अदालत, दिन में दो बार सफाई व्यवस्था, गलियों का पुनः विकास, सीवर और पानी समस्या का समाधान, शाहजहांबाद विकास बोर्ड का नाम बदलकर इंद्रप्रस्थ विकास बोर्ड करने का प्रयास, समुदाय भवनों का नवीनीकरण, पार्कों का सुधार, लटकते तारों से मुक्ति और व्यापारियों की समस्याओं का समाधान।
सुमन कुमार गुप्ता का लक्ष्य हमेशा स्पष्ट रहा है—चांदनी चौक का समग्र विकास और जनता की निस्वार्थ सेवा।















