खबर इंडिया की।ट्रेन में सफर के दौरान कई यात्री दरवाजे पर खड़े होकर ठंडी हवा का आनंद लेते हैं। वहीं, कुछ युवा मोबाइल से वीडियो या रील बनाने के लिए ट्रेन के फुटबोर्ड तक पहुंच जाते हैं। देखने में यह भले ही रोमांचक लगे, लेकिन चलती ट्रेन में इस तरह सफर करना बेहद खतरनाक हो सकता है।
रेलवे लगातार यात्रियों से अपील करता है कि वे यात्रा के दौरान ट्रेन के डिब्बे के अंदर ही रहें। दरवाजे पर खड़े होकर बाहर झांकना, फुटबोर्ड पर बैठना या शरीर का हिस्सा ट्रेन से बाहर निकालना गंभीर हादसे की वजह बन सकता है।
पलक झपकते बिगड़ सकता है संतुलन
चलती ट्रेन में अचानक ब्रेक लगने, ट्रैक के घुमाव या झटके आने की स्थिति में दरवाजे पर खड़े यात्री का संतुलन बिगड़ सकता है। अगर व्यक्ति फुटबोर्ड पर है, तो संतुलन बिगड़ने पर सीधे पटरियों पर गिरने का खतरा रहता है।
डिब्बे के अंदर खड़े यात्री के लिए भीड़ और अचानक लगने वाले झटके परेशानी पैदा कर सकते हैं, लेकिन फुटबोर्ड पर खड़े व्यक्ति के पास खुद को संभालने की गुंजाइश काफी कम होती है। इसलिए रेलवे यात्रियों को दरवाजे के पास अनावश्यक रूप से खड़े होने से बचने की सलाह देता है।
सेल्फी और रील के चक्कर में भी न निकालें शरीर बाहर
ट्रेन से बाहर का वीडियो बनाने या सेल्फी लेने के दौरान कुछ यात्री अपना शरीर दरवाजे या खिड़की से बाहर निकाल देते हैं। यह भी जानलेवा साबित हो सकता है।
रेलवे ट्रैक के आसपास सिग्नल के खंभे, बिजली के पोल, पेड़ और अन्य संरचनाएं मौजूद होती हैं। तेज गति से चल रही ट्रेन में बाहर निकले शरीर का इनसे टकराव गंभीर चोट का कारण बन सकता है।
सोशल मीडिया के लिए कुछ सेकंड की वीडियो बनाने के चक्कर में अपनी जान जोखिम में डालना बेहद खतरनाक है।
रेलवे अधिनियम में भी है प्रावधान
चलती ट्रेन के इंजन, फुटबोर्ड या ऐसी जगह यात्रा करना जहां यात्रियों को यात्रा करने की अनुमति नहीं है, रेलवे कानून के तहत कार्रवाई का कारण बन सकता है। रेलवे अधिनियम की धारा 156 के तहत ऐसे मामलों में जुर्माने और जेल का प्रावधान बताया गया है।
किसी यात्री द्वारा अधिकृत स्थान के बजाय इंजन या फुटबोर्ड पर यात्रा करने और रेलवे कर्मचारी की चेतावनी के बावजूद ऐसा जारी रखने की स्थिति में कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
ट्रेन में ज्यादा भीड़ हो तो क्या करें?
कई यात्री भीड़ का हवाला देकर ट्रेन के गेट पर खड़े होने या फुटबोर्ड पर यात्रा करने को मजबूरी बताते हैं। लेकिन भीड़ की स्थिति में भी चलती ट्रेन के दरवाजे पर लटकना सुरक्षित विकल्प नहीं है।
अगर ट्रेन में अत्यधिक भीड़ है और अंदर खड़े होने की जगह नहीं है, तो यात्री रेलवे स्टाफ से मदद ले सकते हैं। संभव हो तो दूसरी ट्रेन या अगले अवसर से यात्रा करना ज्यादा सुरक्षित है।
सुरक्षित ट्रेन यात्रा के लिए इन बातों का रखें ध्यान
- चलती ट्रेन में फुटबोर्ड पर यात्रा न करें।
- दरवाजे पर खड़े होकर बाहर की तरफ न झुकें।
- सेल्फी या रील बनाने के लिए शरीर ट्रेन से बाहर न निकालें।
- बच्चों को ट्रेन के दरवाजे से दूर रखें।
- ट्रेन में अत्यधिक भीड़ होने पर रेलवे स्टाफ से मदद लें।
- किसी यात्री को खतरनाक तरीके से यात्रा करते देखें तो रेलवे कर्मचारियों को सूचना दें।
याद रखें, ट्रेन का सफर तभी सुरक्षित है जब यात्री अपनी निर्धारित जगह के अंदर रहें। कुछ सेकंड का रोमांच या सोशल मीडिया की एक रील जिंदगी से ज्यादा कीमती नहीं है।














