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शादी के बाद बॉयफ्रेंड के साथ प्लानिंग की, फिर ट्रेन में शूटर से कराया, इंजीनियर पति का मर्डर, गिरफ्तार हुई अफसर पत्नी

खबर इंडिया की।Train Murder Case ने बिहार समेत पूरे देश को झकझोर दिया है। सुपौल जिले से सामने आए इस सनसनीखेज मामले में पुलिस ने खुलासा किया है कि मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर (MVI) अस्मिता कुमारी ने अपने इंजीनियर पति देव कुमार गुंजन की हत्या की साजिश शादी के शुरुआती दिनों से ही रचनी शुरू कर दी थी। इस साजिश में उसका कथित प्रेमी अजीत कुमार और एक शूटर भी शामिल था। पुलिस के अनुसार, हत्या के लिए 4 लाख रुपये की सुपारी दी गई थी और इसे ट्रेन में लूटपाट के दौरान हुई वारदात का रूप देने की कोशिश की गई।

पुलिस की जांच में सामने आए तथ्यों ने इस पूरे मामले को और भी चौंकाने वाला बना दिया है। कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), तकनीकी साक्ष्य और पूछताछ के आधार पर पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।


कैसे रची गई Train Murder Case की पूरी साजिश?

पुलिस के अनुसार, देव कुमार गुंजन, अस्मिता कुमारी और अजीत कुमार ने वर्ष 2017 में बिजली विभाग में एक साथ नौकरी शुरू की थी। इसी दौरान तीनों के बीच जान-पहचान हुई। वर्ष 2018 में देव कुमार और अस्मिता की शादी हुई, लेकिन शादी के बाद अस्मिता और अजीत के बीच कथित रूप से नजदीकियां बढ़ती चली गईं।

 

जांच में पुलिस का दावा है कि- शादी के दूसरे दिन से ही अस्मिता अपने पति को रास्ते से हटाने की योजना बना रही थी। इसके लिए उसने अपने कथित प्रेमी अजीत कुमार के साथ मिलकर शूटर राजू कुमार से संपर्क किया। दोनों ने राजू को हत्या के बदले 4 लाख रुपये देने का सौदा किया।

कई महीनों तक योजना बनाने के बाद 11 जून को इस साजिश को अंजाम दिया गया।


चलती ट्रेन में हुई इंजीनियर की हत्या

11 जून को देव कुमार गुंजन जमुई से जनसाधारण एक्सप्रेस में बैठकर सुपौल स्थित अपनी पत्नी से मिलने जा रहे थे। रात करीब 8:30 बजे मानसी स्टेशन और बदलाघाट रेलवे स्टेशन के बीच ट्रेन में शूटर राजू कुमार ने उन्हें सीने में गोली मार दी।गोली लगने के बाद ट्रेन में अफरा-तफरी मच गई। गंभीर रूप से घायल देव कुमार को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

 

देव कुमार झारखंड के गोड्डा जिले के निवासी थे और जमुई के मलयपुर पावर ग्रिड में ग्रेड-वन टेक्नीशियन के पद पर कार्यरत थे। वहीं उनकी पत्नी अस्मिता सुपौल में मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर के पद पर तैनात है। अजीत कुमार भी बिजली विभाग में ग्रेड-वन टेक्नीशियन है।


लूटपाट का एंगल बनाकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश

हत्या के बाद अस्मिता कुमारी ने पुलिस को बताया कि ट्रेन में लूटपाट के दौरान विरोध करने पर उनके पति की गोली मारकर हत्या कर दी गई।

शुरुआत में पुलिस ने इसी दिशा में जांच शुरू की, लेकिन कई सवालों ने जांच का रुख बदल दिया। सबसे बड़ा सवाल यह था कि यदि यह सामान्य लूटपाट थी तो केवल देव कुमार को ही क्यों गोली मारी गई? बाकी यात्रियों के साथ ऐसी घटना क्यों नहीं हुई?

यहीं से पुलिस को मामला संदिग्ध लगा और तकनीकी जांच शुरू की गई।

 


कॉल डिटेल ने खोला पूरा राज

पुलिस ने मृतक, उसकी पत्नी और अन्य संदिग्धों के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल और लोकेशन का विश्लेषण किया। जांच में अस्मिता और अजीत के बीच लगातार बातचीत के सबूत मिले।

 

इसके बाद पुलिस ने दोनों से अलग-अलग पूछताछ की। पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पूरी साजिश सामने आ गई। इसके बाद पुलिस ने अस्मिता कुमारी, अजीत कुमार और शूटर राजू कुमार को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस का कहना है कि हत्या पूरी तरह से पूर्व नियोजित थी और इसे दुर्घटना या लूटपाट का रूप देने की कोशिश की गई थी।

 


पुलिस जांच में सामने आए अहम तथ्य

जांच एजेंसियों के अनुसार—

  • हत्या के लिए पहले से शूटर तय किया गया था।
  • शूटर को 4 लाख रुपये की सुपारी देने का सौदा हुआ।
  • ट्रेन में हत्या इसलिए की गई ताकि मामला लूटपाट जैसा लगे।
  • मोबाइल कॉल रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्यों ने पूरे षड्यंत्र का खुलासा किया।
  • तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की पूछताछ की जा रही है।

इलाके में सनसनी, परिवार सदमे में

देव कुमार गुंजन की हत्या से उनके परिवार में शोक का माहौल है। रिश्तेदारों का कहना है कि उन्हें कभी अंदाजा नहीं था कि इतनी बड़ी साजिश रची जा रही है।

वहीं सुपौल और आसपास के इलाकों में भी इस मामले को लेकर लोगों में भारी चर्चा है। एक सरकारी अधिकारी पर पति की हत्या की साजिश रचने का आरोप लगने से मामला और भी गंभीर माना जा रहा है।

 

पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि हत्या की योजना कब बनी, सुपारी की रकम किस माध्यम से दी गई और क्या इस षड्यंत्र में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था।


आगे क्या होगा?

तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड लेने की तैयारी की जा रही है। जांच एजेंसियां डिजिटल सबूत, बैंक लेनदेन और अन्य तकनीकी पहलुओं की भी जांच कर रही हैं। यदि सभी आरोप सिद्ध होते हैं तो आरोपियों के खिलाफ हत्या, आपराधिक साजिश और अन्य संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जाएगी।

 

यह Train Murder Case केवल एक हत्या का मामला नहीं बल्कि रिश्तों में विश्वासघात, सुनियोजित अपराध और तकनीकी जांच की सफलता का भी बड़ा उदाहरण बनकर सामने आया है।

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