उमाकांत त्रिपाठी। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा शुरू किए गए विक्रमोत्सव की चर्चा पूरे भारत में हो रही है. 12 से 14 अप्रैल तक दिल्ली के लाल किला (Red Fort) के माधवदास पार्क में विक्रमादित्य महानाट्य () का आयोजन जारी है. इसमें 12 अप्रैल को सीएम मोहन यादव, दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता (Rekha Gupta) सहित अन्य लोग शामिल हुए. इस लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी () ने सीएम डॉ. मोहन यादव (Dr. Mohan Yadav) की तारीफ की. प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में कहा कि मुझे खुशी है कि मध्य प्रदेश के ऊर्जावान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में आयोजित इस महोत्सव के माध्यम से सम्राट विक्रमादित्य की गौरवगाथा और वैभव को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है.
पीएम मोदी ने लिखा ये संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में लिखा कि युगपुरुष सम्राट विक्रमादित्य का शासनकाल जनकल्याण, सुशासन और सांस्कृतिक पुनरुत्थान के लिए जाना जाता है. वह भारत की न्यायप्रिय और लोक कल्याणकारी नेतृत्व परंपरा के प्रतीक थे. उन्होंने साहित्य, कला और विज्ञान को जिस रूप में प्रोत्साहित किया, वह आज भी हमारे लिए आदर्श है. उनके काल की ‘विक्रम संवत’ परंपरा आज भी भारतीय संस्कृति की पहचान है. सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य और प्रदर्शनी का महत्व एक सांस्कृतिक आयोजन से कहीं अधिक है.
क्या है विक्रमादित्य महानाट्य?
नई दिल्ली में स्थित लाल किले के माधवदास पार्क में विक्रमादित्य महानाट्य का आयोजन 12 से 14 अप्रैल तक किया जाएगा. सम्राट विक्रमादित्य के साथ-साथ लाल किले पर विक्रमादित्य और अयोध्या, विक्रमादित्य क़ालीन पुरातात्विक मुद्रा मुद्रांक, वृहत्तरभारत के सांस्कृतिक वैभव, एमपी में पर्यटन की संभावनाओं, प्रदेश में निवेश और रोजगार सृजन के अवसरों में लोकव्यापीकरण के प्रयासों पर केंद्रित प्रदर्शनियाँ भी लगाई जा रही हैं।












