दुनियान्यूज़राजनीतिहेडलाइंस

वो बुद्धिमान नेता… रूसी राष्ट्रपति ने की पीएम मोदी की जमकर तारीफ, जानिए इसके सियासी मायने

उमाकांत त्रिपाठी।अमेरिका ने भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगाया हुआ है. इस बीच रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए उन्हें एक बुद्धिमान नेता बताया. साथ ही साथ कहा कि सबसे पहले पीएम मोदी अपने देश के बारे में सोचते हैं. पुतिन का यह बयान पूर्व भारतीय राजनयिक को पसंद नहीं आया है और उन्होंने दावा किया है कि यह भारत के हित में नहीं है.एक निजी चैनल से बात करते हुए पूर्व भारतीय राजनयिक केपी फैबियन ने कहा, ‘मुझे यह पसंद नहीं आया कि रूस ने अमेरिका के साथ हमारे मतभेदों में सार्वजनिक रूप से हमारा समर्थन किया. रूस और चीन से हमारा समर्थन प्राप्त करना, चाहे हमने मांगा हो या नहीं, हमारे हित में नहीं है.एक अन्य पूर्व राजनयिक राजीव डोगरा ने कहा, कि- हमें सावधान रहना होगा कि हम उनकी बातों में न आ जाएं. फिलहाल, वह गंभीर हैं… हालांकि, हमें हाल की उन रिपोर्टों को भी ध्यान में रखना चाहिए जिनमें रूस की ओर से पाकिस्तान को एडवांस्ड लड़ाकू जेट इंजन ट्रांसफर करने की बात कही गई है. स्पष्ट रूप से, पुतिन के कई पहलू हैं.

 

दरअसल, पुतिन ने बयान सोची में वाल्दाई डिस्कशन क्लब के पूर्ण सत्र में दिया. जहां उन्होंने यह भी कहा कि भारत और रूस के बीच एक स्पेशल रिलेशनशिप है. ये बयान इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि भारत और रूस के रिश्ते मजबूत हुए हैं, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से भारत पर बढ़ाए गए टैरिफ ने अमेरिका और भारत के बीच मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर बातचीत को रोक दिया. इसके अलावा पिछले हफ्ते 80वें संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र के दौरान अपने संबोधन में डोनाल्ड ट्रंप ने फिर से चीन और भारत को चल रहे यूक्रेन युद्ध के “मुख्य वित्तपोषक” बताया और उन पर रूसी तेल खरीदकर युद्ध को वित्तपोषित करने का आरोप लगाया.

जानिए-रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने क्या कहा?
रशिया टुडे से बातचीत में पुतिन ने कहा,कि- मेरा मानना ​​है कि भारत के लोग हमारे संबंधों को नहीं भूलते. लगभग 15 साल पहले हमने एक विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की थी और यही सबसे अच्छा उदाहरण है. प्रधानमंत्री मोदी एक बहुत ही बुद्धिमान नेता हैं जो सबसे पहले अपने देश के बारे में सोचते हैं. अगर भारत रूसी तेल खरीदना बंद कर देता है, तो उसे 9-10 अरब डॉलर का आर्थिक नुकसान हो सकता है.’

उन्होंने कहा,कि- यहां कोई राजनीतिक पहलू नहीं है, यह पूरी तरह से एक इकॉनमिक कैलकुलेशन है. क्या भारत हमारे ऊर्जा संसाधनों को छोड़ देगा? अगर ऐसा है, तो उसे कुछ नुकसान होगा. अनुमान अलग-अलग हैं, कुछ का कहना है कि यह लगभग 9-10 अरब डॉलर हो सकता है, लेकिन अगर वह इनकार नहीं करता है, तो प्रतिबंध लगाए जाएंगे और नुकसान उतना ही होगा. भारतीय लोग कभी किसी के हाथों खुद को अपमानित नहीं होने देंगे. मैं प्रधानमंत्री मोदी को जानता हूं, वह भी ऐसा कोई फैसला नहीं लेंगे.

 

What's your reaction?

Related Posts

16 साल की लड़की ने 17 साल के बॉयफ्रेंड संग बाथरूम में बनाई गंदी रील, यूजर्स भड़के, आपने देखा ये वायरल वीडियो

खबर इंडिया की। सोशल मीडिया पर एक नाबालिग कपल की रील तेजी से वायरल हो रही है,…

MP में पत्नी ने किया पति का सौदा, गर्लफ्रेंड ने 1.5 करोड़ में खरीद भी लिया, क्या है डील के पीछे की कहानी.?

खबर इंडिया की।कुटुंब न्यायालय भोपाल में पारिवारिक रिश्तों में समझौते का एक अजीब…

पति छोड़ दामाद संग भागने वाली महिला अब जीजा के साथ भागी, थाने में बोली- अपने तरीके से जीना चाहती हूं

उमाकांत त्रिपाठी।अलीगढ़ की इस महिला को पहचानते हैं आप? यह वही महिला है, जो अपनी…

UP का हिंदू लड़का 3 साल से बना रहा था मुस्लिम लड़की से संबंध, जिस्मानी रिश्ते के मिली ऐसी सजा, रूह कांप जाएगी

उमाकांत त्रिपाठी। फतेहपुर के थाना कल्याणपुर स्थित ममरेजपुर गांव का रहने वाला 23…

1 of 679

Leave A Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *