उमाकांत त्रिपाठी। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में बीजेपी के लिए टिकट वितरण से पहले की बागडोर संभालने वाले अमित शाह को अब टिकट वितरण के बाद भी बागडोर संभालना पड़ रहा है। टिकट वितरण के बाद उपजे असंतोष को साधने के लिए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह तीन दिवसीय मध्य प्रदेश के दौरे पर रहे। मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनावों के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने की आखिरी तारीख से ठीक पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह राज्य का दौरा किया। जिसमें उन्होंने पार्टी के बागी नेताओं को अपना नामांकन वापस लेने के लिए मनाने की कोशिश की ताकि विपक्षी पार्टी कांग्रेस को किसी तरह का कोई राजनीतिक लाभ ना मिल सके और पार्टी के हाथ सत्ता की चाबी लग सके।
गृह मंत्री से मिलकर बागियों के बदले सुर
चुनाव आयोग के मुताबिक, नामांकन पत्र दाखिल करने की आखिरी तारीख 30 अक्टूबर और उम्मीदवारी वापस लेने की आखिरी तारीख दो नवंबर है। राज्य में 17 नवंबर को मतदान होने हैं और नतीजे तीन दिसंबर को घोषित किए जाएंगे। बीजेपी को इस बार भारी विद्रोह का सामना करना पड़ रहा है। पार्टी के कई नेताओं के टिकट काटे गए हैं। जिससे नाराज होकर उन्होंने या तो स्वतंत्र उम्मीदवारों के रूप में या अन्य दलों के बैनर तले बीजेपी प्रत्याशियों को टक्कर देने के लिए नामांकन पत्र दाखिल किया है। हालांकि शाह से बातचीत के बाद कई उम्मीदवारों ने नामांकन वापस लिया है।
31 अक्टूबर को हुई संगठन की दो बड़ी बैठक
भारतीय जनता पार्टी की संभागीय बैठक सुबह 10.30 बजे से ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में शुरू हुई। ये बैठक दो सत्रों में हुई। आपको बता दें कि बैठक पहले 30 अक्टूबर को अमित शाह लेने वाले थे। लेकिन नामांकन का आख़िरी दिन होने की वजह से इसे कैंसल कर दिया गया था। आज इंदौर संभाग के सभी 9 संगठनात्मक जिलों की बैठक हुई। जिसमें 37 सीटों के विधानसभाओं के प्रभारी और वहां भेजे गए प्रवासी विधायकों को भी बुलाया गया। यह बैठक केंद्रीय मंत्री और एमपी चुनाव प्रभारी भूपेन्द्र यादव ने ली।














