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आतंकियों के साथ गैंगस्टरों के गठजोड़ को खत्म करने के लिए अमित शाह ने उठाया बड़ा कदम, पढ़िये पूरा मामला

हाल के वर्षों में दिल्ली समेत पड़ोसी राज्यों हरियाणा, उत्तर प्रदेश, पंजाब व राजस्थान में बड़े गैंगस्टरों के बढ़ते आतंक को देखते हुए उन पर नकेल कसने की कवायद शुरू हो गई है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निर्देश पर दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल में हाल ही में कई बड़े गैंगस्टरों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम के तहत चार प्राथमिकी दर्ज की गई, जिनमें दो प्राथमिकी राष्ट्रीय जांच एजेंसी को ट्रांसफर कर दिया गया। जबकि दो की स्पेशल सेल की काउंटर इंटेलीजेंस व अन्य शाखा खुद जांच कर रही है।

सेल की विभिन्न यूनिटों ने हाल में उक्त कानून के तहत कई गैंगस्टरों के शूटरों को दबोच भी चुकी है। एनआइए द्वारा सोमवार को दिल्ली समेत हरियाणा व पंजाब में की गई गैंगस्टरों के घरों पर छापेमारी इसी कार्रवाई का हिस्सा है। स्पेशल सेल के वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि देश में पहली बार गैंगस्टरों पर यूएपीए कानून के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। इस कानून के तहत पहले देश विरोधी गतिविधियों में शामिल आतंकियों पर प्राथमिकी दर्ज की जाती है।

गैंगस्टरों पर इस कानून के तहत कार्रवाई इसलिए की जा रही है क्योंकि उनके बढ़ते आतंक को पूरी तरह से ध्वस्त किया जा सके। पिछले एक दशक से यह देखा जा रहा था कि गैंगस्टर अपनी शक्ति को मजबूत करने के लिए आपस में एक-दूसरे गिरोहों से गठजाेड़ करने लगे थे। देश हित के लिए यह खतरे की बात थी। राज्य पुलिस इनके आतंक के सामने बौना साबित होने लगी थी।

हाल के वर्षों में यह बात भी सामने आ चुकी है कि गैंगस्टर जेल से माेबाइल के जरिए रंगदारी का रैकेट चला रहे हैं। इसलिए गैंगस्टरों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के लिए इस तरह का निर्णय लिया गया। गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम का मुख्य उद्देश्य आतंकी गतिविधियों पर रोकथाम लगाना होता है। पुलिस और जांच एजेंसियां इस कानून के तहत ऐसे आतंकियों, अपराधियों और संदिग्धों को चिन्हित करती हैं, जो आतंकी गतिविधियों में शामिल होते हैं।

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