उमाकांत त्रिपाठी। आंध्रप्रदेश के विजयवाड़ा में शुक्रवार 19 जनवरी को भारतीय संविधान के निर्माता डॉ भीमराव अम्बेडकर की दुनिया की सबसे ऊंची मूर्ति का अनावरण किया जाऐगा। इस मूर्ति को स्टैच्यू ऑफ सोशल जस्टिस नाम दिया गया है, जो दुनिया की टॉप 50 सबसे ऊंची मूर्तियों की लिस्ट में शामिल होगी।
206 फीट है इसकी ऊंचाई
इसकी ऊंचाई जमीन से 206 फीट है। इससे पहले तेलंगाना में स्थित अंबेडकर की 175 फीट की ऊंची मूर्ति सबसे बड़ी मानी जाती थी। आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, ‘विजयवाड़ा में हमारी सरकार द्वारा बनाया गया अंबेडकर का 206 फीट का महाशिल्पम न केवल राज्य के लिए बल्कि देश के लिए भी एक प्रतीक है। इंडिया से बाहर डॉ अम्बेडकर की सबसे ऊंची मूर्ति अमेरिका के वांशिगटन में हैं। पिछले साल 2023 में इसका अनावरण किया गया था, जिसे ‘स्टैच्यू ऑफ इक्वालिटी’ नाम दिया गया।
क्या है इस मूर्ति की खासियत
दुनिया की सबसे ऊंची अम्बेडकर प्रतिमा 125 फीट ऊंची है और 81 फीट ऊंचे पैडस्टल पर खड़ी है। प्रतिमा को बनाने में 404.35 करोड़ रुपये का खर्च आया है। यह हरे-भरे पार्क में 18.81 एकड़ के परिसर में स्थित है। कच्चे माल की सोर्सिंग से लेकर डिजाइनिंग तक, मूर्ति का निर्माण पूरी तरह से ‘मेड इन इंडिया’ प्रोजेक्ट के तहत किया गया था। इसे बनाने में लगभग 400 टन स्टील लगा है। मूर्ति को बनाने की जगह स्वराज मैदान समेत मूर्ति के आसपास के क्षेत्र को फिर से विकसित किया गया। परिसर में जल निकाय और अन्य सुविधाओं का ध्यान भी रखा गया है। साथ ही यहां म्यूजिकल वॉटर फाउंटेन भी बनाया गया है।














