ऑस्ट्रेलिया ने 4 टेस्ट मैचों की सीरीज के तीसरे मुकाबले में टीम इंडिया को 9 विकेट से हरा दिया है। इस जीत के साथ ही उसने सीरीज में वापसी कर ली है। अब अगर भारत को वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल खेलना है, तो चौथे टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया को हर हाल में हराना होगा। अगर भारत हार जाता है, तो उसे उम्मीद करनी होगी कि न्यूजीलैंड श्रीलंका को टेस्ट मैच हरा दे या वह मुकाबला ड्रॉ हो जाए। 141 साल पहले 85 रनों का टारगेट टेस्ट क्रिकेट में डिफेंड किया गया था। भारत 76 रनों का बचाव नहीं कर सका। दरअसल टीम इंडिया ने अश्विन और जडेजा के भरोसे कुछ ज्यादा ही टर्निंग ट्रैक तैयार कर लिया था। पर ऑस्ट्रेलियाई स्पिनर्स भारी पड़ गए।
यानी कह सकते हैं कि टीम इंडिया अपने ही बुने जाल में फंस गई। भारत पहले दोनों टेस्ट में जीत हासिल कर अभी भी 2-1 से आगे है। ऑस्ट्रेलिया को दूसरी पारी में जीत के लिए 76 रनों का लक्ष्य मिला था। उसने मैच के तीसरे दिन (शुक्रवार) को 78 रन बनाकर मुकाबले को अपने नाम कर लिया। दोनों देशों के बीच अब चौथा टेस्ट 9 मार्च से अहमदाबाद में खेला जाएगा।
ऑस्ट्रेलिया ने तीसरे टेस्ट तीसरे दिन लंच से पहले मैच को समाप्त कर दिया। 76 रन के लक्ष्य को उसने 18.1 ओवर में हासिल कर लिया। कंगारू टीम ने एक विकेट पर 78 रन बना लिए। ट्रेविस हेड 53 गेंद पर 49 रन बनाकर नाबाद रहे। वहीं, मार्नश लाबुशेन ने नाबाद 28 रन बनाए। उस्मान ख्वाजा खाता नहीं खोल पाए। इस जीत के साथ ही कंगारू ने सीरीज में वापसी कर ली है। भारत पहले दोनों टेस्ट में जीत हासिल कर अभी भी 2-1 से आगे है। अपने घर पर खेले गए पिछले 45 टेस्ट मुकाबलों में यह टीम इंडिया की तीसरी हार है। 2 दफा उसे कंगारूओं ने पराजित किया है, जबकि एक बार जीत इंग्लैंड के हाथ लगी है। तीसरे टेस्ट में जीत के साथ ऑस्ट्रेलिया ने वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल के लिए क्वालीफाई कर लिया है।
भारत ने पहली पारी में 109 रन बनाए थे। वहीं, ऑस्ट्रेलिया ने अपनी पहली पारी में 197 रन बना लिए थे। उसे 88 रनों की बढ़त मिली थी। इसके बाद भारतीय टीम दूसरी पारी में 163 रन पर ऑलआउट हो गई। इस तरह ऑस्ट्रेलिया को 76 रन का लक्ष्य मिला था। जवाब में कंगारू टीम ने 18.5 ओवर में एक विकेट पर 78 रन बनाकर मैच को जीत लिया। इस टेस्ट मैच में टीम इंडिया ने ऋषभ पंत की कमी को बहुत शिद्दत से महसूस किया। केएस भरत किसी भी लिहाज से पंत के रिप्लेसमेंट नजर नहीं आए। शुभ्मन गिल को भी केएल राहुल की बजाय ओपनिंग करने का मौका दिया, लेकिन वह इस टेस्ट मैच में पूरी तरह नाकाम रहे। रोहित शर्मा और विराट कोहली भी उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे।
भारत लगातार टर्निंग ट्रैक बनाकर ऑस्ट्रेलिया पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा था लेकिन अबकी बार यह दांव उल्टा पड़ गया। टेस्ट क्रिकेट को छोटे सेंटर्स पर प्रमोट करने की कोशिश भी टीम इंडिया के लिए नुकसानदायक रही। दरअसल इंदौर जैसे छोटे सेंटर्स पर पिच क्यूरेटर्स को अंदाजा नहीं होता, कितना ज्यादा टर्न करने वाले ट्रैक तैयार करने हैं। डे वन से गेंद काफी घूम रही थी, नतीजा रहा कि कुहनीमन ने 5, लायन ने 3 और मर्फी ने 1 विकेट हासिल कर टीम इंडिया को सिर्फ 109 के स्कोर पर समेट दिया। हार के बाद रोहित शर्मा ने भी स्वीकार किया कि पहली पारी में इतने कम स्कोर पर ऑल आउट होना हमारी हार की सबसे बड़ी वजह रहा। भारतीय बल्लेबाज स्पिन के सामने बेबस नजर आए। दूसरी पारी में चेतेश्वर पुजारा ने अर्धशतक जरूर बनाया, लेकिन वह नाकाफी साबित हुआ।














