उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने राजस्थान के खेतड़ी (झुंझनू) में विवेकानंद संदेश यात्रा राजस्थान का शुभारंभ किया। 7 जनवरी 2023 तक चलने वाली ये यात्रा स्वामी विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी, राजस्थान प्रांत तथा भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के सौजन्य से आयोजित की जा रही है। 50 दिनों में ये यात्रा, राजस्थान के सभी 33 जिलों में जायेगी तथा स्वामी विवेकानंद के विचारों का व्यापक प्रचार प्रसार करेगी।
इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि स्वामी विवेकानंद भारत की युवा सामर्थ्य और प्रतिभा के स्वर्णिम प्रतिनिधि हैं और युवा ही समाज को नई दिशा देने की क्षमता रखते हैं। स्वामी जी के संदेश को समाज के लिए सदैव प्रासंगिक बताते हुए उन्होंने कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव में इस यात्रा का खास महत्व है।

इस अवसर पर उपराष्ट्रपति खेतड़ी स्थित रामकृष्ण मिशन में गये और स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। तत्पश्चात उन्होंने विवेकानंद गैलरी का भ्रमण किया और स्वामी जी की प्रतिमा के समक्ष प्रार्थना भी की।
11 सितंबर, 1893 को शिकागो धर्म संसद में दिये गये स्वामी विवेकानंद के ओजपूर्ण भाषण को याद करते हुए उपराष्ट्रपति जी ने कहा कि स्वामी जी ने विश्व को भारत के वेदान्तिक अध्यात्म से परिचित कराया।

उन्होंने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि आज भारत स्वामी विवेकानंद के सपनों को साकार कर रहा है और निरंतर प्रगति के मार्ग पर बढ़ रहा है।
विवेकानंद संदेश यात्रा की सफलता हेतु शुभकामनाएं देते हुए श्री धनखड़ ने देशवासियों को स्वामी जी के उस आह्वान को याद करने को कहा जिसमें उन्होंने कहा था-
“उठो, जागो और तब तक न रुको जब तक लक्ष्य सिद्ध न हो जाय।”

इस अवसर पर भंवर सिंह भाटी, मंत्री, राजस्थान सरकार, ए. बालकृष्णन, अध्यक्ष विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी, स्वामी आत्मनिष्ठानंद जी महाराज, सचिव रामकृष्ण मिशन, खेतड़ी एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
इस समारोह के पश्चात माननीय उपराष्ट्रपति जी हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड, खेतड़ी कॉपर कॉम्प्लेक्स के पदाधिकारियों से मिले और उनसे विचार-विमर्श किया। इस दौरान खान मंत्रालय, भारत सरकार के सचिव, विवेक भारद्वाज भी उपस्थित रहे।














