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कनाडा पर भारत के विदेश मंत्री का स्पष्ट बयान, अपने ही घर में घिरे कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिस ट्रूडो

उमाकांत त्रिपाठी। कनाडा और भारत के रिश्तों में हुए गतिरोध के बीच देश के विदेश मंत्री एस जयशंकर का बड़ा बयान सामने आया है। आपको बता दें कि कनाडा ने हाल ही में बताया था कि उसने भारत में तैनात अपने 41 राजनयिकों को वापस बुला लिया है जिस पर अमेरिका और कनाडा ने भी चिंता जताई थी। भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर का कहना है कि कनाडा के राजनयिकों के ‘आंतरिक मामलों’ में ‘लगातार दख़ल’ देने के चलते भारत ने कूटनीतिक समानता लाई है। इसके साथ ही विदेश मंत्री ने ये भी माना है कि भारत और कनाडा के बीच रिश्ते बेहद ‘मुश्किल दौर’ से गुज़र रहे हैं और बहुत जल्द कनाडाई लोगों के लिए वीजा सेवा को बहाल कर दिया जाएगा।

अपने ही घर में घिरे कनाडा के प्रधानमंत्री

हाल ही में कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो का बयान सामने आया था। उन्होंने वीजा सेवा प्रभावित होने के लिए भारत की आलोचना की थी। उनका कहना था कि इससे कनाडा में पढ़ रहे भारतीय छात्रों की मुश्किलें पैदा होंगी, साथ ही यात्रा और व्यापार से जुड़े मामलों में भी दिक्कतें पेश आएंगी। ट्रूडो अपने इस बयान पर कनाडा में ही घिर गए हैं। कनाडा में प्रधानमंत्री ट्रूडो के मुख्य प्रतिद्वंदी और कंज़रवेटिव पार्टी के नेता पियर पोइलिएव ने ट्रूडो की आलोचना करते हुए कहा है कि भारत के साथ पेशेवर रिश्तों की ज़रूरत है।

कनाडा के पीएम को विदेश मंत्री का कड़ा जवाब

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने खुलकर भारत-कनाडा के रिश्तों पर अपनी बात कही। उन्होंने कहा की- यह पूरा मुद्दा समानता का है कि एक देश में कितने राजनयिक रहें और दूसरे देश में कितने राजनयिक रहें। वियना संधि एक समानता मुहैया कराती है जो कि अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत प्रासंगिक है। लेकिन हमारे मामले में हमने समानता लागू की क्योंकि कनाडा के कर्मचारियों के लगातार दख़ल देने से हम चिंतित थे। हमने इस पर बहुत कुछ सार्वजनिक नहीं किया है, मेरे हिसाब से समय के साथ-साथ अधिक चीजें बाहर आ जाएंगी और लोग समझेंगे कि हमें किस तरह कि असहजता थी।

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