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बाबा रामदेव के बयान पर छिड़ा विवाद , IMA हुआ सख्त

बाबा रामदेव द्वारा डॉक्टरों पर की गई टिप्पणी पर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। एलोपैथी डॉक्टरों पर की गई टिप्पणी से नाराज IMA की राज्य शाखा ने सरकार से रामदेव के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। IMA ने मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत और मुख्य सचिव ओम प्रकाश को पत्र भेजा है। IMA ने बाबा रामदेव को नोटिस भेजकर 14 दिन में जवाब मांगा है।

साथ ही उन्हें चेताया कि अगर तय समय-सीमा में जवाब नहीं दिया गया तो उनके खिलाफ FIR दर्ज की जाएगी। IMA की राज्य शाखा के सचिव डॉ. अजय खन्ना की ओर से सोमवार को मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को पत्र भेजा गया। इसके साथ ही मुख्य सचिव को बाबा रामदेव का वायरल वीडियो भी वाट्सएप किया गया है।

डॉ. अजय खन्ना ने अपने पत्र में लिखा है कि बाबा रामदेव के बयान से देश भर के डॉक्टरों में काफी नाराजगी है और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने भी बाबा रामदेव के बयान को गलत माना है। उन्होंने कहा कि सरकार बाबा रामदेव के खिलाफ तत्काल सख्त से सख्त कार्रवाई करे।

इधर, IMA की ओर से बाबा रामदेव को मानहानि का नोटिस भी भेजा जा रहा है। डॉ. अजय खन्ना ने बताया कि अभी नोटिस तैयार किया जा रहा है और मंगलवार को नोटिस बाबा रामदेव को भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि इस मामले में मानहानि के दावे के अलावा FIR भी दर्ज कराई जाएगी। सरकार की ओर से ठोस कार्रवाई न होने पर IMA रणनीति बनाएगा।   

केंद्र सरकार के सख्त रुख के बाद एलोपैथी चिकित्सा पद्धति पर दिए गए बयान को वापस लेने के बाद बाबा रामदेव सोमवार को एलोपैथिक चिकित्सा पद्धति और फार्मा कंपनियों पर हमलावर हो गए। बाबा रामदेव ने पूछा कि एक आदमी का कम से कम एक किलो वजन कम हो जाए। बिना सर्जरी के बैरियाट्रिक सर्जरी और लाइपोसेक्शन के, बिना किसी छेड़छाड़ के, दवाई खाएं और वजन घट जाएं, क्या फार्मा इंडस्ट्री में ऐसी कोई दवाई है?

सोरायसिस, सोरायटिक अर्थरायटिस और सफेद दाग का कोई निर्दोष स्थायी समाधान बताएं। एलोपैथी के पास पार्किंसन का निर्दोष स्थायी समाधान क्या है? बाबा ने यह भी कहा कि कब्ज, गैस, एसीडिटी का फार्मा इंडस्ट्री के पास स्थायी समाधान क्या है? अनिद्रा, लोगों को नींद नहीं आती है, क्योंकि आपकी दवा 4-6 घंटे ही असर करती हैं, वह भी साइड इफेक्ट के साथ।

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