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काशी तमिल संगमम् में पीएम मोदी का भाषण, बोले- मैं सेवक हूं; पहली बार हुआ AI का इस्तेमाल,

उमाकांत त्रिपाठी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 9 साल में 43वीं बार वाराणसी के दौरे पर पहुंचे। यहां पीएम ने काशी तमिल संगमम्-2 का इनॉगरेशन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि- देश के सभी लोग विकसित भारत संकल्प यात्रा को सफल बनाने के लिए समय दे रहे हैं। यहां (वाराणसी) के सांसद के नाते मेरा भी दायित्व बनता था कि मुझे भी उस कार्यक्रम में समय देना चाहिए। आज मैं सांसद और आपके सेवक के रूप में इस यात्रा में हिस्सा लेने आया हूं। नमो घाट पर उन्होंने कहा कि काशी-तमिलनाडु के रिश्ते भावात्मक और रचनात्मक हैं। तमिलनाडु से काशी आने का मतलब है कि महादेव के एक घर से दूसरे घर आना। इसलिए तमिलनाडु और काशीवासियों के बीच जो प्रेम है, जो संबंध है वो अलग भी है और अद्वितीय भी है। आपको बता दें कि PM के भाषण में पहली बार AI का इस्तेमाल हुआ। दरअसल, पीएम जो भाषण दे रहे थे, वह कन्वर्ट होकर तमिल में सुनाई दे रहा था।

पीएम आवास पर बोले मोदी

इस दौरान पीएम ने केंद्र सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि- पीएम आवास योजना है, जो जिसकी झुग्गी है,उसको मिलना चाहिए। जब से आपने मुझे काम दिया है, अब तक चार करोड़ परिवारों को उनका घर मिला चुका है। तब उसको लगता है कि मैंने कितना बड़ा काम किया है। बहुत कम लोग हैं तो इसकी ताकत समझते हैं। पीएम ने आगे कहा कि- मुझे विश्वास है काशी के लोग आप सभी की सेवा में कोई कमी नहीं छोड़ रहे होंगे। आप जब यहां से जाएंगे, तो बाबा काशी विश्वनाथ के आशीर्वाद के साथ-साथ काशी का स्वाद, काशी की संस्कृति और काशी की स्मृतियां भी ले जाएंगे। इस दौरान पीएम मोदी ने छोटा कटिंग मेमोरियल मैदान में आयुष्मान योजना के लाभार्थियों से बात की।

देशवासी को विश्वास हो की ये संपत्ति उनकी है

इस दौरान पीएम ने कहा कि- जब बैंक सामने से पैसा देता है, तब लोगों का विश्वास बढ़ जाता है कि ये बैंक मेरा है। मैं चाहता हूं कि हिंदुस्तान के हर व्यक्ति को लगना चाहिए कि ये रेलवे मेरा है, अस्पताल मेरा है, ये ऑफिस अब मेरा है, ये देश मेरा है। ये भाव जब जगता है, तब देश के लिए कुछ करने की इच्छा भी जग जाती है। गरीबी हटाओ नारा देना एक बात है, जब गरीब कहता है कि मेरे घर से गरीबी हट गई, तो बड़ी बात है। अगर हम इस समय 140 करोड़ देशवासी, इस मिजाज से भर जाएं कि अब हमें देश को आगे ले जाना है, हर किसी की जिंदगी बदलनी है। हर किसी के शक्ति का सम्मान होना चाहिए। अगर हमने आज ये बीज बो लिया तो 2047 में विकसित भारत बन जाएगा। जब भारत विकसित हो जाएगा, तब हम हर मुसीबत से मुक्त हो जाएंगे। मुसीबतों से मुक्ति का ये मार्ग है विकसित भारत के संकल्प को पूरा करना।

 

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