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जी20 के तहत पश्चिम बंगाल में पर्यटन कार्य समूह की दूसरी बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हुई

भारत की जी20 की अध्यक्षता के तहत पर्यटन कार्य समूह की  सिलीगुड़ी, पश्चिम बंगाल में हुई बैठक आज संपन्न हो गई। बैठक के दौरान दो कार्यक्रम, एक उद्घाटन सत्र, कार्यकारी समूह की बैठकें, द्विपक्षीय बैठकों की एक श्रृंखला, बतासिया लूप, राज्यपाल भवन दार्जिलिंग की यात्रा और डीएचआर पर एक आनंददायक सवारी शामिल थी।

कार्य समूह की बैठक से पहले 1 अप्रैल को ‘ ‘सतत विकास लक्ष्यों को हासिल करने के लिए एक वाहक के रूप में एडवेंचर टूरिज्म’ विषय पर एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। पैनल चर्चा में पैनल के सदस्यों ने एडवेंचर टूरिज्म के क्षेत्र में सर्वोत्तम प्रथाओं, सफलता की कहानियों, संभावनाओं और इससे जुड़े मुद्दों पर प्रकाश डाला। पैनल चर्चा में यूनाइटेड किंगडम, मैक्सिको, कनाडा, जर्मनी, जापान, ब्राजील के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। अन्य विषयों के अलावा एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देने पर चर्चा की गई और साथ ही, साहसिक पर्यटन से जुड़े वैश्विक और भारतीय परिदृश्य पर प्रस्तुतियां दी गईं। प्रतिनिधियों और प्रतिभागियों ने चाय के बागानों का भी दौरा किया और पूरे उत्साह के साथ मूनलाइट चाय पत्ती तोड़ीं और चाय के परीक्षण में भाग लिया।

केंद्रीय पर्यटन, संस्कृति और उत्तर पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री  जी. किशन रेड्डी और अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री   जॉन बारला ने उद्घाटन सत्र की शोभा बढ़ाई।सत्र में, केंद्रीय मंत्री  जी. के. रेड्डी ने ऐलान किया कि स्वतंत्रता के 100वें साल यानी 2047 तक भारत को एक लाख करोड़ डॉलर की पर्यटन अर्थव्यवस्था बनाना हमारा लक्ष्य है। उन्होंने यह भी बताया कि पर्यटन मंत्रालय ने एक राष्ट्रीय पर्यटन नीति का मसौदा भी तैयार किया है। नई नीति देश में पर्यटन क्षेत्र के सतत और जिम्मेदारी पूर्ण विकास के लिए एक समग्र रूपरेखा है और इसका उद्देश्य सतत विकास लक्ष्य 2030 को हासिल करने के उद्देश्य से भारत की प्रतिबद्धता को सामने लाने के लिए देश में पर्यटन के विकास से जुड़े ढांचे में सुधार करना, पर्यटन उद्योगों को समर्थन देना और पर्यटन को मजबूत बनाना है।

भारत द्वारा पेश पहले ड्राफ्ट आउटकम और पांच प्राथमिकताओं पर जी20 के सभी सदस्य देशों (ट्रोइका-इंडोनेशिया और ब्राजील सहित) ने अपनी प्रतिक्रिया और सुझाव साझा किए।

पर्यटन कार्य समूह की बैठक का दूसरा सत्र प्रस्तुतीकरण और खुली चर्चा प्रारूप में तैयार किया गया था। सत्र में सभी पांच प्राथमिकताओं पर एक-एक कर चर्चा की गई। तुर्की, सऊदी अरब, ऑस्ट्रेलिया, इंडोनेशिया और इटली ने हरित पर्यटन, डिजिटलीकरण, कौशल, पर्यटन एमएसएमई और डेस्टिनेशन मैनेजमेंट सहित प्रत्येक प्राथमिकता पर एक प्रस्तुति दी। प्रत्येक प्रस्तुति के बाद सदस्य देशों, आमंत्रित देशों और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के बीच विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक का समापन करते हुए, अध्यक्ष (भारत) ने पांच प्राथमिकताओं का समर्थन करने और सफलतापूर्वक बैठक के आयोजन के लिए सभी जी20 सदस्यों, आमंत्रित देशों, अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के प्रति आभार व्यक्त किया।

इससे जुड़े एक अन्य कार्यक्रम में, प्रतिभागियों ने “मिशन मोड में पर्यटन: साहसिक पर्यटन के लाभ” पर दी प्रस्तुतियों में एडवेंचर टूरिज्म के लाभ, मुद्दों और चुनौतियों को रेखांकित किया। साथ ही, भारत को वैश्विक स्तर पर साहसिक पर्यटन का एक प्रतिस्पर्धी हब बनाने के संबंध में चर्चा की गई। इसके अलावा साहसिक पर्यटन से जुड़ी सुरक्षा पर मॉडल कानून और गांवों के साहसिक स्थलों के रूप में विकास के तरीकों पर भी चर्चा की गई।

आज, प्रतिनिधियों ने डीएचआर पर घूम स्टेशन से दार्जिलिंग स्टेशन तक सवारी का लुत्फ उठाया। प्रतिनिधियों ने बतासिया लूप और युद्ध स्मारक का भी दौरा किया। घूम स्टेशन देश का सबसे ऊंचा रेलवे स्टेशन है।

प्रतिनिधियों ने राज्यपाल भवन में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल डॉ. सी. वी. आनंद से भी मुलाकात की। प्रतिभागियों ने शाम को चौरस्ता, दार्जिलिंग में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आनंद लिया।

मेफेयर टी रिजॉर्ट में प्रवास के दौरान, प्रतिनिधियों को एक योग सत्र में भाग लेने का अवसर मिला।

पर्यटन मंत्रालय ने सिलीगुड़ी और दार्जिलिंग में सभी प्रतिनिधियों को स्थानीय कला और शिल्प से परिचित कराया। पश्चिम बंगाल के एमएसएमई और पर्यटन विभाग ने प्रतिनिधियों के लिए स्थानीय कलाओं और शिल्प से जुड़े स्टाल लगवाए थे।

बैठक के दौरान हिमालयन पर्वतारोहण संस्थान, दार्जिलिंग ने माल रोड पर अपने उपकरणों की प्रदर्शनी का भी आयोजन किया। पर्यटन मंत्रालय ने ओडीओपी के प्रतिनिधियों को स्मृति चिह्न सौंपकर पश्चिम बंगाल के स्थानीय उत्पादों को भी बढ़ावा दिया। इनमें बर्धमान जिले से वुडन आउल सेट, बांकुरा जिले से डोकरा जीआई हुक मछली, मालदा जिले से बंगलश्री सिल्क पॉकेट स्क्वायर और कलिम्पोंग जिले से चितपोर अत्तर जैसी वस्तुएं शामिल थीं।

इस क्रम में आगे, पर्यटन कार्य समूह गोवा में होने वाली मंत्रिस्तरीय बैठक सहित दो और बैठकों का आयोजन करेगा। सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने के वाहक के रूप में पर्यटन के लिए एक मंत्रिस्तरीय विज्ञप्ति और गोवा रोडमैप जारी करने की योजना है।

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