Goldy Saket Death Case इन दिनों मध्य प्रदेश के रीवा जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। 20 वर्षीय गोल्डी साकेत की मौत के बाद सामने आए घटनाक्रम ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। परिवार का आरोप है कि उन्हें बेटी की मौत की जानकारी समय पर नहीं दी गई। वहीं प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद करीब 35 दिन बाद शव को कब्र से निकालकर दोबारा अंतिम संस्कार किया गया। फिलहाल पुलिस और संबंधित एजेंसियां मामले की जांच में जुटी हुई हैं।
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रीवा जिले के गोविंदगढ़ थाना क्षेत्र के तमरी गांव की रहने वाली गोल्डी साकेत हैदराबाद में एक निजी फैक्ट्री में काम करती थी। वहीं उसकी पहचान एक युवक से हुई, जिसके बाद दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और विवाह तक बात पहुंच गई। हालांकि युवती की मौत के बाद कई ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिनकी जांच अभी जारी है।
कैसे हुई थी गोल्डी साकेत और युवक की मुलाकात?
परिजनों के अनुसार, गोल्डी साकेत की पहचान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए एक युवक से हुई थी। बातचीत के दौरान दोनों करीब आए और बाद में उन्होंने विवाह कर लिया। परिवार का दावा है कि शादी के बाद कई ऐसी बातें सामने आईं, जिनके कारण रिश्ते में तनाव पैदा हुआ।

गोल्डी की मां का कहना है कि उनकी बेटी समय-समय पर फोन के जरिए अपनी परेशानियों की जानकारी देती थी। परिवार के अनुसार, वह कई बार मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना की बात भी बताती थी। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
परिवार से अचानक टूट गया संपर्क
गोल्डी साकेत के माता-पिता का कहना है कि एक समय के बाद उनकी बेटी का संपर्क पूरी तरह समाप्त हो गया। उन्होंने कई बार बातचीत करने की कोशिश की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।

परिजनों के अनुसार, वे लगातार बेटी की तलाश करते रहे। काफी समय तक उन्हें यह भी जानकारी नहीं मिली कि गोल्डी की मौत हो चुकी है। बाद में परिचितों से मिली सूचना के जरिए उन्हें इस घटना का पता चला।
यहीं से पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया। परिवार ने पुलिस और प्रशासन से संपर्क कर मामले की जांच की मांग की। उनका कहना था कि कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब अभी तक नहीं मिले हैं।
मौत के बाद क्यों बढ़ा विवाद?
गोल्डी साकेत की मौत के बाद सबसे बड़ा सवाल सूचना को लेकर उठा। परिवार का आरोप है कि उन्हें समय पर जानकारी नहीं दी गई। इसके अलावा मृत्यु के कारणों को लेकर भी कई तरह की चर्चाएं सामने आईं।

परिजनों का कहना है कि यदि उन्हें समय पर जानकारी मिल जाती तो वे कानूनी और सामाजिक प्रक्रिया में शामिल हो सकते थे। इसी वजह से उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और सच्चाई सामने लाने की मांग की।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी तथ्यों की जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा।
35 दिन बाद कब्र से निकाला गया शव
मामले में सबसे महत्वपूर्ण घटनाक्रम तब सामने आया जब प्रशासनिक अनुमति और कानूनी प्रक्रिया के बाद लगभग 35 दिन बाद गोल्डी साकेत के शव को कब्र से बाहर निकाला गया।
इसके बाद आवश्यक परीक्षण और औपचारिकताएं पूरी की गईं। बाद में परिवार की इच्छा के अनुसार हिंदू रीति-रिवाजों से अंतिम संस्कार किया गया।
परिवार ने इसे बेहद भावनात्मक क्षण बताया। पिता तीरथ साकेत का कहना है कि उन्होंने बेटी की शादी के लिए पैसे जमा किए थे, लेकिन परिस्थितियां ऐसी बनीं कि वही रकम अंतिम संस्कार और संबंधित रस्मों में खर्च करनी पड़ी।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच की स्थिति
जानकारी के अनुसार, शव लंबे समय तक दफन रहने के कारण उसकी स्थिति काफी प्रभावित हो चुकी थी। इस वजह से पोस्टमॉर्टम के दौरान मौत का सटीक कारण स्पष्ट रूप से स्थापित नहीं हो सका।
अब जांच एजेंसियां अन्य उपलब्ध साक्ष्यों, गवाहों के बयानों, मोबाइल रिकॉर्ड और परिस्थितिजन्य तथ्यों के आधार पर मामले की पड़ताल कर रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में डिजिटल साक्ष्य और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान जांच की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
परिवार को न्याय का इंतजार
गोल्डी साकेत के परिजन लगातार निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि मामले से जुड़े हर पहलू की गंभीरता से जांच होनी चाहिए ताकि वास्तविक सच्चाई सामने आ सके।
वहीं पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद कानूनी प्रावधानों के तहत आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले की जांच जारी है और अधिकारियों की नजर हर पहलू पर बनी हुई है।















