उमाकांत त्रिपाठी।Kalava Niyam: हिंदू धर्म में कलावा, मौली या रक्षा सूत्र का विशेष महत्व है. पूजा-पाठ, व्रत और धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान हाथ में कलावा बांधने की परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है. यह केवल एक धागा नहीं, बल्कि आस्था, सुरक्षा और शुभता का प्रतीक है. पुरुष और स्त्रियों के लिए इसे बांधने के नियम अलग-अलग बताए गए हैं. आइए जानते हैं कि महिलाओं और कन्याओं को किस हाथ में कलावा बांधना शुभ माना जाता है.
जानिए- महिलाओं के लिए कलावा बांधने का नियम
शास्त्रों के अनुसार महिलाओं और कन्याओं को बाएं हाथ में कलावा बांधना शुभ माना जाता है.
बायां हाथ स्त्रियों के लिए सौम्यता, सौंदर्य और शक्ति का प्रतीक है.
बाएं हाथ में कलावा बांधने से नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा होती है और घर में सुख-शांति बनी रहती है.
जानें- कन्याओं के लिए विशेष महत्व
कन्याओं के लिए बाएं हाथ में कलावा बांधना उनके दीर्घायु, स्वास्थ्य और सौभाग्य का कारक माना गया है.
यह उन्हें देवी स्वरूप मानकर पूजने और उनकी रक्षा का प्रतीक है.
माना जाता है कि कलावा बांधने से कन्याओं पर मां दुर्गा की विशेष कृपा बनी रहती है.
जानिए- यह है धार्मिक मान्यता
पुरुष दाहिने हाथ में कलावा बांधते हैं क्योंकि यह कर्म और धर्म का प्रतीक है.
वहीं, स्त्रियां और कन्याएं बाएं हाथ में कलावा बांधती हैं क्योंकि यह चंद्र तत्व और शक्ति का द्योतक है.
यह परंपरा वेदों और पुराणों से वर्णित है.
जानिए- कलावा बांधने के फायदे
.नकारात्मक शक्तियों से सुरक्षा.
.घर में सुख-समृद्धि और शांति.
.रोग और कष्टों से मुक्ति.
.जीवन में शुभता और मंगल कार्यों में सफलता.
.महिलाओं और कन्याओं के लिए बाएं हाथ में कलावा बांधना अत्यंत शुभ माना गया है.














