उमाकांत त्रिपाठी।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज बुधवार को संवत्सरी के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं और इस पर्व के शाश्वत संदेश पर जोर दिया। जैन धर्म का संवत्सरी महापर्व बेहद पवित्र और महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन ‘मिच्छामी दुक्कड़म्’ कहने की परंपरा है, जिसका मतलब सभी जीवों से क्षमा मांगना और क्षमा करना है। यह दिन आत्मशुद्धि, क्षमा और करुणा का प्रतीक माना जाता है।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि- संवत्सरी हमें क्षमाशीलता की सुंदरता और करुणा की शक्ति का स्मरण कराती है। यह पर्व हमें ईमानदारी से रिश्तों को मजबूत करने और विनम्रता व दया को जीवन में अपनाने की प्रेरणा देता है। उन्होंने सभी से अपील की कि इस दिन हमारे हृदय विनम्र रहें और हमारे कार्यों में दया और सद्भावना झलके। पीएम मोदी ने संदेश के अंत में ‘मिच्छामी दुक्कड़म्’ भी लिखा।
संवत्सरी, जैन धर्म के पर्यूषण पर्व का अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण दिन होता है। इसे क्षमा का वार्षिक दिवस भी माना जाता है। इस दिन जैन धर्म के अनुयायी अपने मन, वचन और कर्म से हुई गलतियों के लिए सभी जीवों से क्षमा मांगते हैं और दूसरों को क्षमा भी करते हैं। यह दिन पश्चाताप, आत्म-चिंतन और आंतरिक शुद्धि का प्रतीक है, जिससे व्यक्ति आध्यात्मिक शांति की ओर बढ़ता है।
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गणेश चतुर्थी के अवसर पर भी देशवासियों को शुभकामनाएं दी थीं। उन्होंने कहा कि- श्रद्धा और भक्ति से भरा यह पावन अवसर हर किसी के लिए शुभकारी हो। उन्होंने भगवान गणेश से प्रार्थना की कि वे अपने सभी भक्तों को सुख, शांति और उत्तम स्वास्थ्य का आशीर्वाद दें। उन्होंने अपने संदेश में ‘गणपति बाप्पा मोरया’ भी लिखा।














