उमाकांत त्रिपाठी।Commonwealth Games Glasgow 2026:Commonwealth Games Glasgow 2026 में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 39 पदक अपने नाम किए हैं। इस उपलब्धि के साथ भारत ने पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया। प्रतियोगिता के समापन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय दल को बधाई देते हुए खिलाड़ियों की मेहनत, समर्पण और जज्बे की जमकर सराहना की। भारत ने इस बार 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य पदक जीते, जबकि मुक्केबाजी में भारतीय खिलाड़ियों ने सबसे अधिक प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए 7 गोल्ड मेडल अपने नाम किए।
कॉमनवेल्थ गेम्स के समापन के बाद प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भारतीय खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि देश को उनके प्रदर्शन पर गर्व है और भविष्य में भी ऐसे ही शानदार परिणामों की उम्मीद है।
PM Modi ने भारतीय खिलाड़ियों की जमकर की तारीफ
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में लिखा कि Commonwealth Games Glasgow 2026 में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार खेल भावना, अनुशासन और दृढ़ संकल्प का परिचय दिया है। उन्होंने कहा कि पूरे देश को भारतीय दल के प्रदर्शन पर गर्व है।
प्रधानमंत्री ने लिखा,
“ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स में हमारे भारतीय दल द्वारा किए गए प्रदर्शन पर मुझे गर्व है। भारत ने 39 मेडल जीते हैं, जिनमें 13 गोल्ड मेडल शामिल हैं। सभी पदक विजेताओं को हार्दिक बधाई।”
उन्होंने आगे कहा कि खिलाड़ियों की मेहनत और सफलता देश के युवाओं के लिए प्रेरणा बनेगी तथा आने वाले वर्षों में भारतीय खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मंच पर और बेहतर प्रदर्शन करेंगे।
भारत ने जीते 39 मेडल, मुक्केबाजी रही सबसे सफल
Commonwealth Games Glasgow 2026 में भारत का कुल प्रदर्शन काफी प्रभावशाली रहा। भारतीय खिलाड़ियों ने कुल 39 पदक अपने नाम किए, जिनमें शामिल हैं—
- 🥇 13 गोल्ड मेडल
- 🥈 17 सिल्वर मेडल
- 🥉 9 ब्रॉन्ज मेडल
इस बार भारतीय मुक्केबाजों ने इतिहास रचते हुए 7 गोल्ड मेडल जीतकर सबसे अधिक योगदान दिया। बॉक्सिंग में भारतीय खिलाड़ियों के दमदार प्रदर्शन ने दुनिया का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।
इसके अलावा अन्य खेलों में भी भारतीय खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया, हालांकि कई पारंपरिक खेल इस संस्करण का हिस्सा नहीं थे।
कई प्रमुख खेल शामिल नहीं होने से भारत को हुआ नुकसान
इस बार Commonwealth Games Glasgow 2026 का आयोजन सीमित खेलों के साथ किया गया। दरअसल, ग्लास्गो को अंतिम समय में मेजबानी मिलने के कारण कई लोकप्रिय खेलों को प्रतियोगिता में शामिल नहीं किया जा सका।
इन खेलों में शामिल नहीं किए गए प्रमुख खेल थे—
- कुश्ती
- हॉकी
- बैडमिंटन
- निशानेबाजी
- टेबल टेनिस
ये सभी ऐसे खेल हैं जिनमें भारत परंपरागत रूप से सबसे ज्यादा पदक जीतता रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ये खेल प्रतियोगिता का हिस्सा होते तो भारत की पदक संख्या और भी अधिक हो सकती थी तथा वह शीर्ष तीन देशों में जगह बना सकता था।
122 भारतीय खिलाड़ियों ने लिया हिस्सा
इस संस्करण में भारत की ओर से कुल 122 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। खिलाड़ियों ने सीमित खेलों के बावजूद शानदार प्रदर्शन किया और देश का नाम रोशन किया।
इस बार प्रतियोगिता में पैरा स्पोर्ट्स को भी शामिल किया गया, जिसमें भारतीय खिलाड़ियों ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। इससे भारत के कुल पदकों की संख्या बढ़ाने में भी मदद मिली।
भारतीय दल के प्रदर्शन ने यह साबित किया कि देश के खिलाड़ी लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान मजबूत कर रहे हैं और आने वाले वर्षों में बड़े आयोजनों में भी बेहतर प्रदर्शन करने की क्षमता रखते हैं।
पदक तालिका में कौन रहा सबसे आगे?
Commonwealth Games Glasgow 2026 की अंतिम पदक तालिका में ऑस्ट्रेलिया ने एक बार फिर अपना दबदबा कायम रखा।
टॉप-4 देश
- 🇦🇺 ऑस्ट्रेलिया – 171 मेडल
- 🏴 इंग्लैंड – 110 मेडल
- 🇨🇦 कनाडा – 62 मेडल
- 🇮🇳 भारत – 39 मेडल
हालांकि भारत चौथे स्थान पर रहा, लेकिन सीमित खेलों के बावजूद खिलाड़ियों का प्रदर्शन काफी सराहनीय माना जा रहा है।
युवाओं के लिए प्रेरणा बने भारतीय खिलाड़ी
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में कहा कि भारतीय खिलाड़ियों की सफलता केवल पदक जीतने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश के लाखों युवाओं को खेलों में आगे बढ़ने की प्रेरणा भी देती है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में भारतीय खिलाड़ी और बेहतर प्रदर्शन करेंगे तथा देश को गर्व महसूस कराने का सिलसिला जारी रखेंगे।
Commonwealth Games Glasgow 2026 में भारतीय खिलाड़ियों की मेहनत, अनुशासन और संघर्ष ने यह साबित कर दिया कि सीमित अवसरों के बावजूद भारत विश्व खेल मंच पर मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने में सक्षम है। 39 पदकों के साथ चौथा स्थान हासिल करना भारतीय खेलों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। आने वाले वर्षों में यदि भारत अपने पारंपरिक मजबूत खेलों में भी भाग लेता है तो पदकों की संख्या और रैंकिंग दोनों में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल सकता है।













