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बंद कमरे में सीएम नीतीश-अमित शाह की हाइलेवल मीटिंग, सीट शेयरिंग समेत इन मुद्दों पर बनी सहमति

उमाकांत त्रिपाठी।बिहार की सियासत में लंबे समय से चल रही सीट बंटवारे की चर्चाओं पर आज बड़ी तस्वीर देखने को मिली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की करीब आधे घंटे तक चली बंद कमरे की बैठक में जदयू भाजपा गठबंधन के बीच सीट बंटवारे पर सहमति बनती हुई दिखाई पड़ रही है।दोनों के बीच हुई बैठक बेहद गोपनीय रही, लेकिन सूत्रों के मुताबिक इसमें न सिर्फ सीट बंटवारे का फॉर्मूला तय हुआ बल्कि आने वाले चुनावी अभियान की रूपरेखा पर भी गहन चर्चा की गई।

 

जानिए- बैठक में कौन-कौन रहे मौजूद
बैठक में दोनों दलों के चुनिंदा दिग्गज नेता शामिल थे।भाजपा की ओर से प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, संगठन महामंत्री भीखूभाई दलसानिया और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल शामिल रहे। वहीं जदयू की ओर से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, मंत्री विजय चौधरी और जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा बैठक में शामिल रहे।

बैठक में सीट बंटवारे पर समझौता
माना जा रहा है कि- सीट बंटवारे में जदयू और बीजेपी के बीच सीट बंटवारे पर आपसी बातचीत के बीच सीटों को लेकर सहमति बनी साथ ही सहयोगी दलों के सीटों पर भी चर्चा हुई।चिराग पासवान की लोक जनशक्ति रामविलास को भाजपा कोटे से सीटें दी जाएंगी।चिराग की पार्टी को कितनी सीटें मिलेंगी इसका फैसला भाजपा करेगी।वहीं उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक समता पार्टी और जीतन राम मांझी की हम पार्टी को साधने की जिम्मेदारी जदयू प्रमुख नीतीश कुमार पर होगी।सीटों के फाइनल बंटवारे को लेकर दोनों दलों ने आपसी सहमति जताई और गठबंधन को लेकर कोई विवाद नहीं हो इसे लेकर बातचीत हुई।

जानें- शाह ने दिया यह  संदेश
बैठक में अमित शाह ने साफ किया कि केंद्र सरकार बिहार को हरसंभव सहयोग देगी। उन्होंने निर्देश दिया कि केंद्र की सभी योजनाओं का लाभ हर हाल में जनता तक पहुंचना चाहिए। राशि की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी बिहार को जितनी मदद चाहिए उतनी मिलेगी मिलेगी।

जानिए- चुनावी अभियान की रूपरेखा
बैठक में यह भी तय हुआ कि आने वाले दिनों में भाजपा और जदयू मिलकर बड़े पैमाने पर चुनावी सभाएं करेंगे।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लगभग सभी जिलों में विशाल जनसभाएं होंगी।मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और जदयू नेताओं की भी अलग-अलग जगहों पर सभाएं आयोजित की जाएंगी। भाजपा और जदयू मिलकर संयुक्त रोडमैप तैयार करेंगे ताकि गठबंधन का संदेश मजबूत तरीके से जनता तक पहुंचे।

जानें- मुलाकात के क्या है राजनीतिक संदेश
इस मुलाकात ने साफ कर दिया है कि भाजपा और जदयू के बीच सीट बंटवारे को लेकर जो अनिश्चितता बनी हुई थी अब उसका समाधान लगभग खत्म हो गया है। दोनों दल आने वाले दिनों में एकजुट होकर विपक्ष के खिलाफ चुनावी मैदान में उतरेंगे।जीतन राम मांझी और चिराग पासवान को सीटों को लेकर दोनों बड़े नेता स्थिति को संभालेंगे।कुल मिलाकर यह बैठक सिर्फ सीट बंटवारे तक सीमित नहीं रही बल्कि चुनावी रणनीति, सहयोगी दलों के तालमेल और जनता तक केंद्र राज्य योजनाओं के लाभ पहुंचाने की दिशा में ठोस रोडमैप तैयार करने का भी बड़ा मौका साबित हुई।

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