उमाकांत त्रिपाठी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि बिहार चुनाव के नतीजों ने सभी राज्य सरकारों को स्पष्ट संदेश दिया है कि उनकी विकास नीतियां ही उनकी पार्टियों का भविष्य निर्धारित करेंगी, चाहे वे ‘वामपंथी, दक्षिणपंथी या मध्यमार्गी’ दल हों। छठा रामनाथ गोयनका व्याख्यान देते हुए मोदी ने उन लोगों पर भी कटाक्ष किया जो उन्हें और बीजेपी को हमेशा ‘चुनावी मोड’ में रहने वाला कहते हैं। उन्होंने कहा कि चौबीसों घंटे विकास और लोगों की संवदेनाओं के प्रति कटिबद्ध रहने का ‘भावनात्मक मोड’ ही है जो बीजेपी को चुनाव जिताता है।
कांग्रेस पर पीएम मोदी का तंज
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘मैं राज्य सरकारों को निवेश आकर्षित करके और विकास को बढ़ावा देकर स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना को बढ़ावा देने के लिए दृढ़तापूर्वक प्रोत्साहित करता हूं।’ मोदी ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा और कहा कि नक्सलवाद और माओवादी आतंकवाद का समर्थन करने वाली ताकतें देश में अपनी जमीन खो रही हैं, लेकिन मुख्य विपक्षी पार्टी में उनकी पकड़ मजबूत हो रही है।
हमारा विजन सिर्फ विकास होना चाहिए
प्रधानमंत्री ने कहा कि चाहे केंद्र सरकार हो या क्षेत्रीय दलों के नेतृत्व वाली राज्य सरकारें, उनका प्राथमिक ध्यान विकास पर होना चाहिए। मोदी ने कहा, ‘बिहार चुनाव के नतीजों ने एक बार फिर भारत के लोगों की ऊंची आकांक्षाओं और महत्वाकांक्षाओं को लेकर एक सबक सिखाया है। भारत के लोग आज उन राजनीतिक दलों पर भरोसा करते हैं जिनकी नीयत अच्छी है और जो लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करते हैं एवं विकास को प्राथमिकता देते हैं।’
पीएम मोदी ने बताया जीत का फॉर्मूला
प्रधानमंत्री ने कहा कि बीजेपी चुनाव इसलिए जीतती है क्योंकि वह चौबीसों घंटे लोगों के विकास और कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि करोड़ों बीजेपी कार्यकर्ताओं ने अपने पसीने से पार्टी को सींचा है और वे आज भी ऐसा कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘केरल, बंगाल और जम्मू-कश्मीर जैसे राज्यों में भी हमारे सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने अपने खून से पार्टी को सींचा है। जिस पार्टी के पास ऐसे समर्पित कार्यकर्ता हों, उसके लिए चुनाव जीतना ही एकमात्र लक्ष्य नहीं होता, बल्कि वे लोगों का दिल जीतने के लिए सेवा भावना से निरंतर काम करते हैं।’
कांग्रेस में शहरी ‘नक्सलियों’ की घुसपैठ
मोदी ने कहा, ‘पिछले पांच दशकों से भारत का लगभग हर राज्य माओवादी आतंक से प्रभावित रहा है। दुर्भाग्य से, कांग्रेस ने उन लोगों को बढ़ावा देना चुना जो भारतीय संविधान में विश्वास नहीं रखते।’ प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने प्रमुख संस्थानों में ‘शहरी नक्सलियों’ को शामिल किया। मोदी ने कहा, ’10-15 साल पहले कांग्रेस में जड़ें जमा चुका शहरी नक्सल-माओवादी पारिस्थितिकी तंत्र अब ‘मुस्लिमलीगी माओवादी कांग्रेस (एमएमसी)’ में तब्दील हो चुका है। और आज मैं पूरी जिम्मेदारी के साथ कहता हूं कि एमएमसी ने अपने राजनीतिक लाभ के लिए राष्ट्रीय हितों को दरकिनार कर दिया है।’















