राज्य

केंद्र का कश्मीरियों को तोहफा: अब दिल्ली से सीधे जुड़ेगा कश्मीर, ट्राइल के बाद शुरू होगी यात्रा, पीएम मोदी करेंगे पहला सफर

उमाकांत त्रिपाठी।कश्मीर घाटी को शेष भारत से हर मौसम में जोड़े रखने के लिए सरकार लंबे समय से कनेक्टिविटी पर काम कर रही है। इस दिशा में नए साल पर देश को बड़ा तोहफा मिलने वाला है। इसे भारतीय रेलवे के लिए भी एक मील का पत्थर माना जा रहा है। दरअसल दिल्ली से श्रीनगर को सीधे कनेक्ट करने वाली रेल लाइन जनवरी में शुरू होने वाली है। इस रूट पर वंदे भारत एक्सप्रेस जैसी लग्जरी ट्रेन भी चलाने की तैयारी है। जानकारी मिली है कि खुद पीएम नरेंद्र मोदी दिल्ली से श्रीनगर जाने वाली पहली वंदे भारत एक्सप्रेस का सफऱ करेंगे। उद्घाटन वाले दिन पीएम नरेंद्र मोदी ट्रेन में यात्रा करेंगे। इस संबंध में फिलहाल ट्रायल चल रहा है। उत्तर रेलवे के मुख्य प्रवक्ता हिमांशु शेखर उपाध्याय ने इस बारे में जानकारी दी है।

पीएम मोदी खुद दिल्ली से श्रीनगर आने वाली वंदे भारत में सफर कर सकते हैं
उन्होंने कहा,कि- कटरा रियासी के बीच 17 किलोमीटर लंबे सेक्शन पर काम चल रहा है। इंजन, रोड़ी से लदी मालगाड़ी को टेस्टिंग के तहत इस रूट पर दौड़ाया जा रहा है। अंजी नदी पर भी इसे चलाकर देखा जा रहा है।’ उन्होंने कहा कि- आखिरी परीक्षण उत्तरी सर्किल के सेफ्टी कमिश्नर की ओर से 15 जनवरी के पहले किसी भी समय किया जाएगा। इसके बाद पीएम नरेंद्र मोदी खुद दिल्ली से श्रीनगर आने वाली वंदे भारत में सफर कर सकते हैं। उपाध्याय ने कहा कि- कटरा से रियासी के बीच 17 किलोमीटर लंबे सेक्शन पर काम पूरा हो चुका है। यह प्रक्रिया तेजी से जारी थी, जिसे निपटा लिया गया है। इसके अलावा यहां सबसे कठिन था टी-33 टनल का निर्माण। इसे भी अब पूरा कर लिया गया है।

दिल्ली से सीधे कश्मीर तक ट्रेन का पहुंचना है बड़ी बात
रेलवे के प्रवक्ता ने कहा कि- यदि सेफ्टी ऑडिट में कोई कमी पाई जाती है तो फिर उसे भी दूर करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत की आजादी के बाद ऐसा पहला मौका होगा, जब किसी प्रोजेक्ट के माध्यम से कश्मीर हर मौसम में शेष भारत से जुड़ा रहेगा। उन्होंने कहा कि- 17 किलोमीटर के रियासी कटरा खंड के चलते ऐसा होगा। भले ही यह काम जटिल था, लेकिन भारतीय रेलवे ने इसे साबित कर दिखाया है। उन्होंने कहा कि- कश्मीर के लोगों के लिए भी यह गेमचेंजर होगा। दिल्ली से सीधे कश्मीर तक ट्रेन का पहुंचना बड़ी बात है। यह किसी सपने के सच होने जैसा होगा। उन्होंने कहा कि कश्मीर तक ट्रेन का पहुंचना इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिहाज से बड़ा कदम है। इसके अलावा इससे सप्लाई चेन भी मजबूत होगी और लोगों को महंगाई से भी राहत मिलेगी।

इस पूरे प्रोजेक्ट में कुल 927 पुल बने हैं
रेल अधिकारी ने कहा कि- बड़ी संख्या में पर्यटक भी आ सकेंगे। रेलवे का किराया एयर टिकट के मुकाबले काफी कम है। ऐसे में उम्मीद की जा सकती है कि पर्यटकों की संख्या में इजाफा होगा। बता दें कि 118 किलोमीटर लंबे काजीगुंड बारामूला सेक्शन को 2009 में शुरू किया गया था। इसके बाद बनिहाल काजीगुंड सेक्शन जून 2013 में शुरू हुआ था। फिर उधमपुर से कटरा के बीच का 25 किलोमीटर का सफर जुलाई 2014 में शुरू हुआ। वहीं इसी साल के फरवरी में बनिहाल से सांगलदन रेलवे स्टेशनों के बीच इलेक्ट्रिक ट्रेन का ट्रायल हुआ था।आपकों बता दें कि- उधमपुर, श्रीनगर और बारामूला के बीच रेल लाइन पर 2005-06 में काम शुरू हुआ था। इस प्रोजेक्ट के रास्ते में कुल 38 सुरंगें हैं, जिनमें से टी-49 तो 12.75 किलोमीटर लंबी है। यह देश के रेल नेटवर्क की सबसे लंबी सुरंग है। वहीं इस पूरे प्रोजेक्ट में कुल 927 पुल बने हैं।

Related Posts

180 लड़कियां, 350 अश्लील वीडियो… आखिर क्या है अमरावती कांड, जिसकी सैकड़ों नाबालिग हुई शिकार

खबर इंडिया की। महाराष्ट्र के अमरावती जिले के परतवाड़ा से सामने आया वीडियो कांड…

1 of 228

Leave A Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *