उमाकांत त्रिपाठी। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह भोपाल के रवींद्र भवन में आयोजित राष्ट्रीय सहकारिता सम्मेलन में शामिल हुए। इस दौरान मध्यप्रदेश दुग्ध संघ और नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (NDDB) के बीच एमओयू हुआ। इसके साथ ही एमपी के छह दुग्ध संघों और एनडीडीबी के बीच छह अलग-अलग एमओयू भी किए गए।
9 से बढ़कर 20 फीसदी हो जाएगा दुग्ध उत्पादन
सहकारिता सम्मेलन में अपने भाषण के दौरान गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि, अब दुग्ध उत्पादन 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत हो जाएगा। कृषि सहकारी और पशुपालन में ढेर सारी संभावनाएं है। सहकारी आंदोलन मृत प्राय होता जा रहा था हम अब उसे गति देने का प्रयास कर रहे हैं। शाह ने कहा कि, समय के साथ सहकारी कानूनों में बदलाव नहीं हो पाया, लेकिन अब हालात बदल रहे हैं। पहले तो केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय ही नहीं था, आजादी के 75 साल बाद पीएम मोदी ने मंत्रालय बनाया और मुझे पहला मंत्री बनाया।
गांव में 50 प्रतिशत तक सहकारिता समिति बनाए-शाह
शाह ने मंच से कहा कि, गांव में 50 फीसदी से ज्यादा सहकारिता समिति बनाई जानी चाहिए। सहकारिता मंत्रालय में सबसे पहले मॉडल बायलॉज बनाए और उसे सभी राज्य सरकारों को भेजे। कई पत्रकार अटकलें लगा रहे थे कि मॉडल बायलॉज पॉलिटिक्स की बलि चढ़ जाएगा। कई गैर बीजेपी शासित राज्य बायलॉज स्वीकार नहीं करेंगे।
मैं कहना चाहता हूं की संपूर्ण भारत में मॉडल बायलॉज को स्वीकार किया गया है। जब आपकी नीयत ठीक हो, श्रम करने की वृद्धि हो तो रिजल्ट भी ठीक ही आएंगे। कांग्रेस के जमाने में जो सहकारिता मर गई अब उसे जिंदा करने का स्वर्णिम समय है। किसान को दूध उत्पादन का शत प्रतिशत लाभ मिले तब ही हम कामयाब होंगे।















