उमाकांत त्रिपाठी।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा, जबलपुर में रेडीमेड और टेक्सटाइल स्किल सेंटर बनाया जाएगा। यहां इस सेक्टर में निवेश की बहुत संभावनाएं हैं। डॉ. मोहन जबलपुर रीजनल इंडस्ट्रीज कॉन्क्लेव में पहुंचे हैं। उन्होंने छिंदवाड़ा के विकास के लिए 15 नई यूनिट का वर्चुअल लोकार्पण भी किया।
सीएम ने इंवेस्टमेंट प्रमोशन पॉलिसी बुक का विमोचन किया
यूपी और तमिलनाडु के बाद देश के तीसरे डिफेंस कॉरिडोर जबलपुर, कटनी और इटारसी में निवेश के लिए हो रही इस कॉन्क्लेव में 5 देशों और 9 राज्यों के 3500 से ज्यादा इंवेस्टर्स आए हैं। इसका आयोजन नेताजी सुभाषचंद्र बोस कन्वेंशन सेंटर में किया जा रहा है। सीएम ने इंवेस्टमेंट प्रमोशन पॉलिसी बुक का विमोचन भी किया।
इंवेस्टर्स में अदाणी ग्रुप की डिफेंस यूनिट देख रहे अशोक वाधवान, एडवांस वेपन इक्विपमेंट इंडिया लिमिटेड के राजेश चौधरी, सैन्य वाहन निगम लिमिटेड के सीएमडी संजय द्विवेदी जैसे बड़े नाम शामिल हैं। अदाणी समूह अभी शिवपुरी के आसपास 10 हजार करोड़ का निवेश करने वाला है। जमीन देख ली गई है। यह गोला-बारूद उत्पादन से जुड़ी यूनिट होगी। डिफेंस में निवेश करने के लिए 50 एकड़ तक जमीन 75% डिस्काउंट पर दी जाएगी।
जबलपुर चैंबर ऑफ कॉमर्स के वाइस प्रेसिडेंट बोले
जबलपुर चैंबर ऑफ कॉमर्स के वाइस प्रेसिडेंट हिमांशु खरे ने कहा कि रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव एक अच्छी पहल है। ये मीट पूरे प्रदेशभर की है।
निवेशक स्वतंत्र है कि उसे जहां अच्छा वातावरण मिलेगा वह निवेश कर सकेगा। सीएम से आग्रह है कि वे जबलपुर में कुछ अच्छी योजनाएं लेकर आए।
टेक्सटाइल एसोसिएशन के अध्यक्ष बोले
मध्यप्रदेश टेक्सटाइल मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष श्रेयस्कर चौधरी ने कहा कि MSME सेक्टर में जबलपुर में बहुत संभावनाएं नजर आ रही हैं। मैं टेक्सटाइल सेक्टर से हूं। मुझे उम्मीद है कि यहां पर नारी सशक्तिकरण पर बहुत काम होगा। अगले दो से तीन साल में करीब 1500 महिलाओं को रोजगार मिलेगा।हम इन्वेस्टमेंट को सपोर्ट कर रहे हैं ताकि यहीं के लोग इन्वेस्टमेंट करें। ताकि उनको भी कस्टमर बेस मिल जाए।डिफेंस के सेक्टर में भी जबलपुर में शुरुआत हो चुकी हैं। 20 कंपनियों का इनॉगरेशन हो चुका है। 50 कंपनियों का भूमिपूजन हो चुका है।
सीएम बोले
सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश से निकलने वाला हीरा प्रदेश में ही रहे, सरकार इसकी भी कोशिश कर रही हैं।
अभी तक तो जबलपुर में तोप बनती थी, अब टैंक बनने का एमओयू हुआ है।
फॉरेस्ट टूरिज्म भी एमपी निवेश के अच्छे अवसर प्रदान कर रहा है।














