उमाकांत त्रिपाठी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को फ्लाईदुबई के भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार से वीडियो कॉल पर करीब 9 मिनट तक बातचीत की। 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में कॉकपिट के अंदर पायलटों के बीच गंभीर घटना हुई थी। रिपोर्टों के मुताबिक, ओमानी सह-पायलट ने कैप्टन स्मित मच्छार पर चाकू से हमला किया और विमान को खतरे में डालने की कोशिश की। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद स्मित ने स्थिति को संभालने में अहम भूमिका निभाई। विमान को बाद में सऊदी अरब के ताबुक में इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई।
An unforgettable conversation with Captain Smit, filled with pride and emotions. pic.twitter.com/CCf46PKOWR
— Narendra Modi (@narendramodi) October 2, 2026
इस घटना में विमान में सवार 174 यात्रियों की जान बचाने में स्मित मच्छार की भूमिका की इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू समेत कई नेताओं ने तारीफ की है। शुक्रवार को पीएम मोदी ने भी उनसे बात कर उनके साहस और सूझबूझ की सराहना की।
पीएम मोदी से बात करते हुए भावुक हुए स्मित मच्छार
वीडियो कॉल के दौरान कैप्टन स्मित मच्छार भावुक हो गए। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से कहा कि उनका फोन आना उनके लिए बहुत गर्व की बात है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उन्हें प्रधानमंत्री से बात करने का मौका मिलेगा।
स्मित ने घटना के दौरान अपने अनुभव के बारे में भी प्रधानमंत्री को बताया। उन्होंने कहा कि हमले के बाद वह विमान में गिर गए थे और उन्हें काफी चोटें आई थीं। इसके बावजूद उन्हें यह महसूस हो रहा था कि विमान नीचे जा रहा है।
स्मित ने बताया कि उस समय उन्हें लगा कि यह आखिरी मौका है। उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया, जिसके बाद स्थिति को संभालने में दूसरे लोगों को मदद मिली।
बातचीत के दौरान स्मित ने यह भी बताया कि मुश्किल परिस्थितियों में वह हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं और घटना के दौरान भी उन्होंने हनुमान चालीसा पढ़ी। उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास है कि भगवान ने उन्हें और विमान में मौजूद लोगों को बचाया।
प्रधानमंत्री मोदी ने उनकी बात सुनकर उनके माता-पिता के संस्कारों की भी सराहना की। मोदी ने कहा कि वह स्मित की मां गीताबेन और पिता भूपेंद्रभाई को प्रणाम करेंगे।
पीएम मोदी ने कहा- पूरा देश आपके लिए प्रार्थना कर रहा था
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बातचीत के दौरान स्मित मच्छार के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने कहा कि पूरा देश उनके लिए प्रार्थना कर रहा था और उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना कर रहा था।
पीएम मोदी ने कहा कि स्मित ने मुश्किल समय में जिस साहस और सूझबूझ का परिचय दिया, उससे बड़ी संख्या में लोगों की जान बचाने में मदद मिली। प्रधानमंत्री ने उनके परिवार के धैर्य की भी तारीफ की।
मोदी ने स्मित की पत्नी सोनलबेन का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि एक दिन पहले उन्होंने सोनलबेन से बात की थी और उनकी हिम्मत देखकर प्रभावित हुए थे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसी कठिन परिस्थिति में परिवार का धैर्य बनाए रखना भी बड़ी बात है। उन्होंने स्मित की मां और पिता के संस्कारों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके परिवार ने उन्हें मजबूत संस्कार दिए हैं।
अभी अस्पताल में चल रहा इलाज
कैप्टन स्मित मच्छार का घटना के बाद इलाज चल रहा है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, उन्हें गंभीर चोटें आई थीं। बाद में उन्हें बेहतर चिकित्सा के लिए अबू धाबी ले जाया गया। प्रधानमंत्री मोदी से बातचीत के दौरान वह अस्पताल से ही वीडियो कॉल पर जुड़े थे।
घटना के बाद भारतीय अधिकारियों ने भी स्मित और उनके परिवार से संपर्क किया था। भारतीय राजनयिक अधिकारियों ने उनकी स्थिति की जानकारी ली और इलाज से जुड़ी मदद का आश्वासन दिया।
फ्लाइट में हुई घटना के बाद यात्रियों और क्रू मेंबर्स ने भी स्थिति को नियंत्रित करने में भूमिका निभाई। विमान को सऊदी अरब के ताबुक में सुरक्षित रूप से उतारा गया। इसके बाद यात्रियों को आगे की यात्रा के लिए वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए तेल अवीव भेजा गया।
क्या हुआ था फ्लाईदुबई की फ्लाइट में
30 सितंबर को फ्लाईदुबई की फ्लाइट दुबई से तेल अवीव के लिए रवाना हुई थी। उड़ान के दौरान कॉकपिट में कैप्टन स्मित मच्छार और उनके ओमानी सह-पायलट के बीच गंभीर घटना हुई।
रिपोर्टों के अनुसार, सह-पायलट ने स्मित पर चाकू से हमला किया। इसके बाद विमान के नियंत्रण को लेकर गंभीर स्थिति पैदा हुई। विमान तेजी से नीचे जाने लगा। इस दौरान इमरजेंसी स्थिति का संकेत दिया गया और बाद में विमान को सऊदी अरब के ताबुक की ओर डायवर्ट किया गया।
यात्रियों और क्रू मेंबर्स ने हमलावर पायलट को काबू करने में मदद की। घटना की प्रकृति और हमले के उद्देश्य को लेकर जांच चल रही है। इसलिए इसे अंतिम रूप से किसी खास मकसद या साजिश से जोड़ना अभी जल्दबाजी होगी।
नेतन्याहू और ट्रंप ने भी की स्मित की तारीफ
इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की सार्वजनिक रूप से तारीफ की। उन्होंने कहा कि स्मित की कार्रवाई से विमान में मौजूद 174 लोगों की जान बचाने में मदद मिली।
इस घटना के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से भी स्मित की बहादुरी की सराहना किए जाने की रिपोर्ट सामने आई है। घटना के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय पायलट की भूमिका की चर्चा हुई।
प्रधानमंत्री मोदी ने भी इससे पहले स्मित के माता-पिता और पत्नी से बात कर उनकी सेहत की जानकारी ली थी। मोदी ने भरोसा दिलाया था कि भारतीय मिशनों की ओर से पायलट और उनके परिवार को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
11 साल से ज्यादा स्पाइसजेट में किया काम
कैप्टन स्मित मच्छार का एविएशन क्षेत्र में लंबा अनुभव है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, फ्लाईदुबई से पहले उन्होंने स्पाइसजेट में 11 साल से ज्यादा समय तक काम किया। इस दौरान उन्होंने हजारों घंटे उड़ान भरी।
जून 2022 में उन्होंने फ्लाईदुबई ज्वाइन की थी। उनके पेशेवर प्रोफाइल के अनुसार, उन्हें बोइंग 737 विमानों को उड़ाने का लंबा अनुभव है। वह पायलटों की ट्रेनिंग और मार्गदर्शन से जुड़े काम भी करते रहे हैं।
इसी लंबे अनुभव का जिक्र घटना के बाद सामने आई कई रिपोर्टों में किया गया है। विमान में पैदा हुई बेहद मुश्किल स्थिति में उनके अनुभव और निर्णय लेने की क्षमता की चर्चा भी हुई है।
गुजरात सरकार करेगी सम्मानित
कैप्टन स्मित मच्छार को गुजरात सरकार ने ‘विशिष्ट गुजरात गरिमा पुरस्कार’ से सम्मानित करने का ऐलान किया है। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने उनके साहस की सराहना करते हुए यह घोषणा की। रिपोर्टों के मुताबिक, पुरस्कार के साथ 25 लाख रुपये की राशि भी शामिल है और सम्मान समारोह स्मित के स्वस्थ होने के बाद आयोजित किया जाएगा।
इजराइल की ओर से भी स्मित मच्छार को सम्मानित किए जाने की जानकारी सामने आई है। इस पूरी घटना के बाद स्मित का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया है।
फिलहाल कैप्टन स्मित मच्छार का इलाज जारी है। फ्लाइट में हुई घटना की जांच संबंधित अधिकारी कर रहे हैं। दूसरी ओर, प्रधानमंत्री मोदी से उनकी बातचीत के बाद उनके परिवार और समर्थकों ने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की है।













