PM Modi Sharad Pawar Call: उमाकांत त्रिपाठी।महाराष्ट्र की राजनीति के दिग्गज नेता और एनसीपी (एसपी) अध्यक्ष शरद पवार की तबीयत अब पहले से काफी बेहतर है। बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें फोन कर स्वास्थ्य का हालचाल जाना। इस दौरान पीएम मोदी ने शरद पवार से अपनी सेहत का ध्यान रखने और कुछ दिन आराम करने की सलाह दी। फोन पर दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत में सुप्रिया सुले का भी जिक्र हुआ। पीएम मोदी की एक टिप्पणी ने महाराष्ट्र की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
शरद पवार को फोन करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बातचीत का एक बयान सामने आया है। अस्पताल के बाहर पत्रकारों से चर्चा करते हुए मनियार ने बताया कि प्रधानमंत्री ने शरद पवार से कहा कि वे फिलहाल अपनी सेहत पर ध्यान दें और आराम करें। इस दौरान पीएम मोदी ने सुप्रिया सुले को लेकर भी खास बात कही।
पीएम मोदी बोले- सुप्रिया और हम देश संभाल लेंगे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शरद पवार से बातचीत के दौरान कहा, “सुप्रिया अब तैयार है। सुप्रिया और हम देश संभाल लेंगे। आप अपनी सेहत का ध्यान रखें और आराम करें। अपना आशीर्वाद हम पर बनाए रखें।”
पीएम मोदी की इस टिप्पणी के बाद महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं शुरू हो गई हैं। खासतौर पर सुप्रिया सुले का जिक्र किए जाने को राजनीतिक नजरिए से देखा जा रहा है। हालांकि, इस बातचीत को लेकर सामने आई जानकारी के मुताबिक प्रधानमंत्री का मुख्य उद्देश्य शरद पवार के स्वास्थ्य का हाल जानना और उन्हें आराम करने की सलाह देना था।
प्रधानमंत्री ने बुधवार सुबह फोन कर पवार की तबीयत के बारे में जानकारी ली थी। इस पर शरद पवार ने फोन करने और उनका हालचाल पूछने के लिए प्रधानमंत्री का धन्यवाद किया।
शरद पवार ने पीएम मोदी से कहा- देश की चिंता नहीं
प्रधानमंत्री मोदी के फोन कॉल पर शरद पवार ने उन्हें भरोसा दिलाया कि वे आराम कर रहे हैं और उनकी तबीयत में सुधार है। बातचीत के दौरान उन्होंने कहा, “आप सभी के रहते मुझे देश की कोई चिंता नहीं है।”
दोनों नेताओं के बीच हुई इस बातचीत को राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है। शरद पवार महाराष्ट्र की राजनीति के सबसे अनुभवी नेताओं में शामिल हैं। अलग-अलग राजनीतिक विचारधाराओं के बावजूद कई मौकों पर देश के वरिष्ठ नेताओं के बीच व्यक्तिगत संवाद देखने को मिलता रहा है।
पीएम मोदी का फोन भी इसी क्रम में देखा जा रहा है। हालांकि, सुप्रिया सुले को लेकर की गई टिप्पणी ने इस बातचीत को राजनीतिक चर्चा का विषय बना दिया है।
2 नवंबर को अस्पताल में भर्ती हुए थे शरद पवार
शरद पवार को 2 नवंबर को खांसी और सीने में जकड़न की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्हें पुणे के रूबी हॉल क्लिनिक में रखा गया था। उनकी तबीयत को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में चिंता थी।
अस्पताल के बाहर पत्रकारों से बातचीत करते हुए मनियार ने बताया कि शरद पवार की हालत स्थिर थी और कोई गंभीर समस्या सामने नहीं आई थी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पवार अपनी सेहत को लेकर हमेशा सतर्क रहते हैं और नियमित स्वास्थ्य जांच के लिए भी अस्पताल पहुंचे थे।
बुधवार को उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। डॉक्टरों ने उनकी सेहत को ध्यान में रखते हुए सार्वजनिक कार्यक्रमों में दोबारा शामिल होने से पहले कम से कम 2 से 4 दिन तक पूरी तरह आराम करने की सलाह दी है।
सुप्रिया सुले के साथ मुंबई स्थित घर लौटे पवार
अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद शरद पवार अपनी बेटी और लोकसभा सांसद सुप्रिया सुले के साथ दक्षिण मुंबई स्थित अपने घर के लिए रवाना हो गए। घर पर आराम के दौरान उनकी निजी मेडिकल टीम स्वास्थ्य की निगरानी करेगी।
सुप्रिया सुले ने भी सोशल मीडिया के जरिए शरद पवार की सेहत को लेकर जानकारी साझा की थी। उन्होंने अपनी पोस्ट में बताया कि बाबा की तबीयत अब काफी बेहतर है और वे मुंबई जा रहे हैं।
उन्होंने रूबी हॉल क्लिनिक की मेडिकल टीम का आभार जताते हुए लिखा, “बाबा अब काफी बेहतर हैं और हम मुंबई जा रहे हैं। रूबी हॉल की पूरी टीम का बहुत-बहुत धन्यवाद, जिन्होंने उनका इतना अच्छा ख्याल रखा। आप सभी की शुभकामनाओं के लिए मैं तहे दिल से आभारी हूं।”
महाराष्ट्र की राजनीति में क्यों हो रही है चर्चा?
शरद पवार महाराष्ट्र की राजनीति में लंबे समय से महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं। उनकी बेटी सुप्रिया सुले भी राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय हैं और लोकसभा सांसद के तौर पर अपनी जिम्मेदारी निभा रही हैं।
ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी की ओर से सुप्रिया सुले का जिक्र किए जाने को राजनीतिक हलकों में अलग-अलग नजरिए से देखा जा रहा है। खासकर पीएम मोदी के कथित बयान ‘सुप्रिया और हम देश संभाल लेंगे’ ने इस बातचीत को सुर्खियों में ला दिया है।
फिलहाल शरद पवार की प्राथमिकता अपनी सेहत में सुधार करना है। डॉक्टरों की सलाह के मुताबिक उन्हें अगले कुछ दिनों तक सार्वजनिक कार्यक्रमों और राजनीतिक गतिविधियों से दूरी बनाकर आराम करना होगा। उनके समर्थकों को उम्मीद है कि स्वास्थ्य पूरी तरह ठीक होने के बाद वे फिर से सक्रिय राजनीतिक भूमिका में नजर आएंगे।














