खबर इंडिया की। आई लव मोहम्मद को लेकर जिस बात का डर था वही हुआ. बरेली में जबरदस्त हंगामा हुआ क्योंकि बरेली पोस्टर विवाद के बाद बवाल का हॉटस्पॉट बना है. बरेली में जुम्मे की नमाज हुई और इसी के बाद हालात बिगड़ने लगे. लोग सड़कों पर निकले, पुलिस के साथ टकराव बढ़ा. इसके बाद जो तस्वीरें सामने आई वो पूरे दिन सुर्खियां बने रहे. छोटे-छोटे बच्चों के हाथ में पत्थर थे और वर्दी वालों पर पथराव कर रहे थे. उन्हें आगे करके पथराव किया गया. अगर वक्त पर हालात काबू ना होते तो आज अनहोनी हो सकती है. सबसे पहले जानिए कि कैसे जुम्मे की नमाज के बाद मस्जिद के बाहर हंगामा किया.
कल बरेली में एक मौलाना भूल गया कि राज्य में सत्ता किसकी है। उसे लगा कि वो जब चाहे व्यवस्था को रोक सकता है, लेकिन हमने साफ़ कर दिया कि न तो नाकाबंदी होगी और न ही कर्फ्यू। लेकिन, हमने जो सबक सिखाया है, उससे आने वाली पीढ़ियाँ दंगे करने से पहले दो बार सोचेंगी। pic.twitter.com/kNwLmTpHYZ
— sanket Mishra (@sanketM86749078) September 27, 2025
सैकड़ों की संख्या में मौजूद लोगों ने हाथों में आई लव मोहम्मद का पोस्टर लेकर नारेबाजी की. हंगामा बढ़ता हुआ देखकर मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने हालात संभालने की कोशिश की. लोगों को समझाया बुझाया, लेकिन हंगामा और नारेबाजी इसके बावजूद प्रदर्शन करते-करते लोग पुलिस के आमने-सामने आ गए.
बवाल क्यों भड़का?
सवाल तो यह है कि आखिर यह नौबत आई तो आई क्यों? क्यों जुम्मे की नमाज के बाद सैकड़ों की संख्या में लोग सड़कों पर उतरे और प्रदर्शन करने लगे, नारेबाजी हुई. इसके पीछे मौलाना तौकीर रजा की एक अपील है. जिसमें उन्होंने जुम्मे की नमाज के बाद मार्च निकालने का ऐलान किया. लेकिन प्रदर्शनकारियों ने हाथ में आई लव मोहम्मद का पोस्टर लेकर नारेबाजी शुरू की. इसके बाद हालात बिगड़ते चले गए. मौलान तौकीर रजा ने कहा कि अगर जिला प्रशासन लोगों के साथ रोक-टोक करेगा और बदतमीजी की जाएगी या उनके साथ ज्यादती की जाएगी तो उसकी जवाबदेही जिला प्रशासन की खुद होगी.
सीएम योगी का सख्त बयान
अब इस पूरे बवाल को लेकर सीएम योगी का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि- मौलाना भूल गया कि शासन किसका है। वो मानता था कि धमकी देंगे और जबरदस्ती जाम कर देंगे। हमने कहा कि जाम नहीं होगा। कर्फ्यू भी नहीं लगने देंगे। कर्फ्यू का सबक ऐसा सिखा देंगे कि तुम्हारी आने वाली पीढ़ियां दंगा करना भूल जाएंगी।
ये क्या तरीका है। आप सिस्टम को ब्लॉक करना चाहते हैं। यूपी के अंदर 2017 से पहले यही होता था। हमने 2017 के बाद प्रदेश में कर्फ्यू नहीं लगने दिया। लेकिन, ऐसे बैरियर बने लोगों को उन्हीं की भाषा में समझाकर सजा दी है। यूपी की ग्रोथ यहीं से शुरू होती है।
यहां से शुरू हुआ था विवाद
विवाद कानपुर में 4 सितंबर से शुरू हुआ। बारावफात (ईद मिलाद-उन्नबी) के जुलूस के दौरान एक समूह ने ‘I Love Muhammad’ लिखा एक बैनर/लाइटबोर्ड जुलूस मार्ग पर लगाया। स्थानीय हिंदू संगठनों ने इसका विरोध किया। पुलिस ने बैनर हटाए और 9 लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज की। 15 अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई। बाद में विवाद बढ़ गया और कई अन्य शहरों व राज्यों में ‘I Love Muhammad’ के समर्थन में रैलियां, बैनर और पोस्टर लगे। हिंदू समुदाय ने इसके जवाब में “I Love Mahadev/Mahakaal” जैसे बैनर लगाए।















