उमाकांत त्रिपाठी। सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोलकाता में सुधारों, परिवर्तन और अभियानगत तैयारियों पर केंद्रित सशस्त्र बल कमांडर सम्मेलन का उद्घाटन किया इस सम्मेलन के दौरान शीर्ष सैन्य अधिकारी भविष्य में जरूरी सुधारों पर मंथन भी हुआ। दरअसल कोलकाता स्थित पूर्वी कमान मुख्यालय में सशस्त्र बल कमांडरों के तीन दिवसीय संयुक्त सम्मेलन की थीम ‘सुधारों का वर्ष- भविष्य के लिए परिवर्तन’ है।
तीन दिवसीय संयुक्त कमांडर सम्मेलन में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी शामिल हुए। आपको बता दें कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद इस तरह का पहला सम्मेलन है।
क्या है सीसीसी?
संयुक्त कमांडरों का सम्मेलन (सीसीसी) सशस्त्र बलों के लिए एक विचार-मंथन मंच के रूप में कार्य करता है। यह देश के शीर्ष नागरिक और सैन्य नेताओं को वैचारिक और रणनीतिक स्तरों पर विचारों का आदान-प्रदान करने के लिए एकसाथ लाता है। सीसीसी का अंतिम आयोजन 2023 में भोपाल में हुआ था, जिसका उद्घाटन भी प्रधानमंत्री मोदी ने किया था। पिछली सीसीसी 2023 में भोपाल में आयोजित की गई थी।
कोलकाता के बाद बिहार रवाना हो जाएंगे पीएम मोदी
प्रधानमंत्री रविवार शाम असम के जोरहाट से कोलकाता पहुंचे। राजभवन में उन्होंने रात्रि विश्राम किया। पीएम के दौरे से जुड़े अधिकारी ने बताया कि यह एक महीने से भी कम समय में पीएम का कोलकाता का यह दूसरा दौरा है। उन्होंने कहा कि मोदी सोमवार सुबह भारतीय सेना के पूर्वी कमान मुख्यालय विजय दुर्ग में सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे और दोपहर में बिहार के पूर्णिया के लिए रवाना हो जाएंगे। विजय दुर्ग को पहले फोर्ट विलियम कहा जाता था।
एक महीने में दूसरा बिहार दौरा
प्रधानमंत्री एक महीने के अंदर दूसरी बार 15 सितंबर को बिहार दौरे पर पहुंचेंगे, जहां वह राष्ट्रीय मखाना बोर्ड का शुभारंभ करेंगे। यह बोर्ड उत्पादन और नई तकनीक के विकास को बढ़ावा देगा, कटाई के बाद के प्रबंधन को मजबूत करेगा, मूल्य संवर्धन और प्रसंस्करण को बढ़ावा देगा और मखाना के बाजार, निर्यात और ब्रांड विकास को सुगम बनाएगा।














