उमाकांत त्रिपाठी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक अधूरा सपना जल्द ही पूरा होने वाला है। साल 2030 तक हम जापान को पछाड़कर एक बड़ा कमाल करने वाले हैं। दरअसल भारत दुनिया में सबसे तेजी से आगे बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था बना हुआ है और आईएमएफ से लेकर वर्ल्ड बैंक तक तमाम ग्लोबल एजेंसियों ने देश के लिए सकारात्मक रुख बनाए रखा है। भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी बनाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपने पर एक और ग्लोबल एजेंसी ने अपनी मुहर लगाई है।
तीसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी बनेगा भारत
एसएंडपी ग्लोबल ने भारत पर भरोसा जताते हुए अपनी रिपोर्ट में कहा है कि देश आने वाले सात साल में यानी 2030 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी बन सकता है। एजेंसी ने अनुमान जाहिर करते हुए भरोसा जताया है और कहा कि सात साल में यानी 2030 तक भारत की जीडीपी का आकार 7300 अरब डॉलर तक हो जाएगा और इस आंकड़े से जापान की जीडीपी भी पीछे रहेगी। एजेंसी की ओर से कहा गया है कि साल 2021 के बाद साल 2022 में लगातार दो वर्षों की देश की इकोनॉमी में तेज रफ्तार देखने को मिली और इस चालू वित्त वर्ष 2023 में भी भारत मजबूत वृद्धि के साथ आगे बढ़ रहा है। फिलहाल अगर जीडीपी के लिहाज से देखा जाए तो अमेरिका सबसे बड़ी इकोनॉमी है, जिसके बाद चीन और जापान का नाम आता है।
फिलहाल पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था हैं हम
आपको बता दें कि फिलहाल हमारा देश दुनिया में पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, लेकिन 2030 तक ये जापान को पछाड़ते हुए विश्व की तीसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी बन सकता है। रिपोर्ट्स की मानें तो भारत का सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी 6.2 फीसदी से 6.3 फीसदी तक बढ़ने की उम्मीद है। यानी इस लिहाज से मार्च 2024 में खत्म होने वाले वित्त वर्ष में भी भारतीय अर्थव्यवस्था दुनिया में सबसे तेजी से आगे बढ़ती हुई इकोनॉमी बना रहेगा। भारतीय इकोनॉमी का आकार ब्रिटेन और फ्रांस जैसे देशों से भी बड़ा है।















