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यूपी में उपचुनाव का रण: मुस्लिम चेहरे पर दांव खेलकर चौंकाएगी बीजेपी, जानिए कुंदरकी सीट पर क्या बन रहे समीकरण?

उमाकांत त्रिपाठी। उत्तर प्रदेश में विधानसभा उपचुनाव को लेकर भले ही अभी औपचरिक घोषणा न हुई हो, लेकिन सियासी बिसात बिछाई जाने लगी है. सूबे की 10 सीटों पर होने वाले उपचुनाव को जीतने के लिए बीजेपी हरसंभव कोशिश कर रही है. योगी सरकार में मंत्रियों को उपचुनाव की जिम्मेदारी सौंप दी गई है. लोकसभा चुनाव में मिले झटके के बाद उपचुनाव बीजेपी के लिए साख का सवाल बना गया है. इसके चलते पार्टी नया सियासी प्रयोग कर सकती है. 2014 के बाद से मुस्लिम नेताओं को टिकट देने से बचती रही बीजेपी क्या उपचुनाव में मुस्लिम चेहरे पर दांव खेलेगी?

मुस्लिम नेता को मिलेगा टिकट?
मुरादाबाद की कुंदरकी विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव में बीजेपी के एक बड़े मुस्लिम कद्दावर नेता टिकट की दावेदारी कर रहे हैं. 2022 विधानसभा चुनाव में सपा के जियाउर रहमान विधायक चुने गए थे, लेकिन 2024 में संभल सीट से लोकसभा के लिए चुने जाने के बाद कुंदरकी सीट खाली हो गई. मुस्लिम बहुल इस सीट पर उपचुनाव के लिए सियासी सरगर्मी तेज हो गई है. ऐसे में यूपी बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के संगठन से जुड़े मुस्लिम नेता कुंदरकी सीट से उपचुनाव लड़ने की तैयारी में हैं. इसके लिए उन्होंने पार्टी के कई नेताओं से भी संपर्क किया है. कुंदरकी विधानसभा सीट पर अब तक के इतिहास में बीजेपी सिर्फ एक बार साल 1993 में जीती है. उसके बाद से सपा और बसपा का ही कब्जा रहा है. 1967 में कुंदरकी सीट अस्तित्व में आई. उसके बाद से 15 बार विधानसभा चुनाव हो चुके हैं. 1993 में बीजेपी के टिकट पर चंद्र विजय सिंह उपचुनाव लड़े और जीते. वो इस सीट पर बीजेपी के एकलौते विधायक बने. चंद्र विजय 18 महीने ही विधायक रहे. कुंदरकी सीट पर ज्यादातर मुस्लिम ही जीतते रहे हैं, क्योंकि इस सीट पर 65 फीसदी के करीब मुस्लिम मतदाता हैं. ऐसे में बीजेपी कुंदरकी के उपचुनाव में किसी मुस्लिम चेहरे को उतारने का दांव चल सकती है.

मुस्लिम बहुल सीट पर हो रहा उपचुनाव
बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष कुंवर बासित अली ने टीवी-9 डिजिटल के साथ बातचीत करते हुए कहा कि कुंदरकी विधानसभा सीट पूरी तरह से मुस्लिम बहुल है. ऐसे में उपचुनाव चुनाव लड़ने की हम तैयारी कर रहे हैं. पार्टी से टिकट मांगने का काम करेंगे लेकिन शीर्ष नेतृत्व को तय करना है कि किसे टिकट देना है और किसे नहीं. बीजेपी में टिकट जाति और धर्म के आधार पर नहीं दिया जाता बल्कि जीत की संभावना को देखकर पार्टी तय करती है. ऐसे में पार्टी को लगता है कि हमें चुनाव लड़ाने पर कुंदरकी सीट जीत सकते हैं तो संभव है कि हमें टिकट देगी. बीजेपी ने कुंदरकी विधानसभा सीट पर योगी सरकार के मंत्री धर्मपाल सिंह और जेपीएस राठौर को जिम्मेदारी सौंपी है. यूपी के दोनों ही मंत्री गुरुवार को कुंदरकी का दौरा करेंगे और उपचुनाव को लेकर सियासी मंथन करेंगे. माना जा रहा है कि कुंदरकी विधानसभा सीट पर पार्टी का शीर्ष नेतृत्व अगर किसी मुस्लिम नेता को प्रत्याशी बनाता है तो ये बड़ा और दूरगामी कदम हो सकता है. उत्तर प्रदेश के चुनावी इतिहास पर नजर डालें तो बीजेपी मुस्लिम नेताओं को टिकट देकर चुनाव लड़ाती रही है.

 

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