उमाकांत त्रिपाठी। पीएम विश्वकर्मा योजना… कारीगर और मूर्तिकारों के लिए शुरू की गई केंद्र सरकार की इस योजना की लोकप्रियता में लगातार इजाफा हो रहा है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भी लगातार इस योजना को प्रचारित कर रहे हैं। इसी कड़ी में धर्मेंद्र प्रधान ने 26 ओडिशा कारीगरों को सम्मानित किया।

इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने कहा कि- ओडिशा में प्रत्येक कारीगर और मूर्तिकार एक विश्वकर्मा है। हम जागरूकता पैदा करने और ज्यादा से ज्यादा कारीगरों को जोड़ने के मिशन पर काम कर रहे हैं। प्रधान ने ये भी बताया की पीएम विश्वकर्मा पोर्टल पर अब तक 17 लाख से ज्यादा रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं।

‘पीएम विश्वकर्मा’ योजना के तहत ‘विश्वकर्मा गुरुओं के सम्मान समारोह’ के दौरान 26 कारीगरों और शिल्पकारों को सम्मानित किया। इस सम्मान समारोह में प्रधान ने कहा कि- ये सम्मानित गुरू इस योजना के ब्रांड एंबेसडर के रूप में काम करेंगे। इस दौरान पीएम विश्वकर्मा गुरुओं ने अपने अनुभव भी साझा किए। जिस पर प्रधान ने कहा कि- ओडिशा में प्रत्येक कारीगर और मूर्तिकार एक विश्वकर्मा है।

इस सम्मान समारोह में धर्में प्रधान ने देश के कारीगरों की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि- भारतीय कारीगरों ने भारत की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हमारे कपड़ों को सजाने वाले हाथ से बुने हुए कपड़ों के जटिल डिजाइनों से लेकर हमारे खाने को रखने वाले खूबसूरती से तैयार किए गए मिट्टी के बर्तनों तक… कारीगर हमारे रोजमर्रा की जिंदगी पर अपनी अमिट छाप छोड़ते हैं। 
इस कार्यक्रम में कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के सचिव श्री अतुल कुमार तिवारी, प्रशिक्षण महानिदेशालय (डीजीटी) की महानिदेशक श्रीमती त्रिशालजीत सेठी, कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय की संयुक्त सचिव श्रीमती सोनल मिश्रा, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय की अपर विकास आयुक्त श्रीमती इशिता गांगुली त्रिपाठी, एनएसडीसी के सीईओ श्री वेद मणि तिवारी, एनएसडीसी के मुख्य कार्यक्रम अधिकारी कर्नल महेंद्र सिंह पयाल भी मौजूद रहे।















