उमाकांत त्रिपाठी। प्रधानमंत्री ने बेंगलुरु में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के दौरे के दौरान लड़ाकू विमान तेजस लड़ाकू में उड़ान भरी। कर्नाटक के बेंगलुरु में मोदी ने तेजस विमान से भ्रमण किया। पीएम शनिवार को बेंगलुरु में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमटेड (HAL) की फैसिलिटी के दौरे पर गए थे। उड़ान के बाद पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। उन्होंने लिखा, ‘तेजस पर सफलतापूर्वक उड़ान पूरी की। यह अनुभव अविश्वसनीय था। इस अनुभव ने हमारे देश की स्वदेशी क्षमताओं में मेरे विश्वास को काफी हद तक बढ़ा दिया है। इसने हमारी राष्ट्रीय क्षमता के बारे में मुझमें नए सिरे से गर्व और आशावाद की भावना जागृत की है।

प्रधानमंत्री मोदी एचएएल की यूनिट की समीक्षा के दौरान तेजस जेट की भी पूरी जानकारी ली। आपको बता दें कि पीएम मोदी रक्षा उत्पादों के स्वदेशी उत्पादन पर जोर दे रहे हैं। उन्होंने इस बात को अक्सर रेखांकित किया है कि कैसे उनकी सरकार ने भारत में ही रक्षा उपकरणों के विनिर्माण और निर्यात को बढ़ावा दिया है।

आपको बता दें कि कई देशों ने हल्के लड़ाकू विमान तेजस को खरीदने में रुचि दिखाई है और अमेरिकी रक्षा दिग्गज जीई एयरोस्पेस ने प्रधानमंत्री मोदी की अमेरिका यात्रा के दौरान एमके-द्वितीय-तेजस के लिए संयुक्त रूप से इंजन बनाने के लिए एचएएल के साथ एक समझौता किया था।

मोदी सरकार ने देश की रक्षा तैयारियों को बढ़ाने और स्वदेशीकरण के लिए जो बड़क कदम उठाए हैं, उनमें तेजस विमान भी शामिल है। पहला विमान 2016 में वायुसेना में शामिल किया गया था। वर्तमान में IAF के दो स्क्वाड्रन, 45 स्क्वाड्रन और 18 स्क्वाड्रन LCA तेजस के साथ पूरी तरह से काम कर रही हैं।

इस दौरान भारतीय वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहली उड़ान की तैयारियों की निगरानी के लिए मौके पर मौजूद थे। इस उड़ाने के बाद पीएम मोदी ने कई शानदार तस्वीरें भी शेयर की है। 
कई देशों ने हल्के लड़ाकू विमान तेजस को खरीदने में रुचि दिखाई है और अमेरिकी रक्षा दिग्गज जीई एयरोस्पेस ने प्रधानमंत्री की अमेरिका यात्रा के दौरान एमके-2-तेजस के लिए संयुक्त रूप से इंजन का उत्पादन करने के लिए एचएएल के साथ एक समझौता किया है।

तेजस एक स्वदेशी लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट विमान है जो किसी भी मौसम में उड़ान भर सकता है। ये दो पायलट वाला फाइटर जेट है. इसे LiFT यानी लीड-इन फाइटर ट्रेनर कहते हैं। इसे ग्राउंड अटैक एयरक्राफ्ट भी बुलाते हैं यानी जरुरत पड़ने पर इससे हमला भी किया जा सकता है।














