उमाकांत त्रिपाठी। मध्यप्रदेश के विधानसभा चुनावों में एक बार फिर बीजेपी की सरकार बनते दिख रही है। शुरूआती 4 घंटों के रूझानों की मानें 230 सीटों में से बीजेपी 150 से ज्यादा सीटों पर आगे चल रही है और प्रचंड बहुमत से सरकार बनाने की ओर अपने कदम बढ़ा चुकी है। वहीं कांग्रेस 2018 के चुनाव नतीजों का अपना प्रर्दशन नहीं दोहरा पाई है। कांग्रेस राज्य में सिर्फ 70 सीटों पर सिमटती दिख रही है। आपको बता दें कि मध्यप्रदेश में 17 नवंबर को मतदान हुआ था इसके 16 दिन बाद राज्य में मतगणना हो रही है।
लाडली बहना योजना से फिर सत्ता में हुई शिवराज की वापसी
मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव होने 6 महीने पहले तमाम राजनीतिक विश्लेषक और रिपोर्ट्स राज्य में बीजेपी को कमजोर बता रही थी। माना जा रहा था कि एमपी में 20 साल से राज कर रही बीजेपी के खिलाफ उपजी एंटी इंकम्बेंसी इस बार शिवराज सरकार को ले डूबेगी। लेकिन सीएम शिवराज सिंह चौहान को अपनी जनकल्याणकारी योजना पर पूरा भरोसा था। इस प्रचंड जीत में एमपी सरकार की महत्वकांक्षी योजना ‘लाडली बहना योजना’ को भी बड़ा फैक्टर माना जा रहा है। बीजेपी ने चुनावी साल में ना सिर्फ इस योजना को जोर-शोर से लॉन्च किया, बल्कि इसकी जमकर ब्रॉन्डिंग भी की। जिसके बाद बीजेपी को महिलाओं का समर्थन मिला। 17 नवंबर को हुई वोटिंग में राज्य की महिलाओं ने जमकर मतदान किया।
मोदी के लगातार दौरे और शाह की रणनीति ने किया खेला
मध्यप्रदेश का विधानसभा चुनाव पूरी तरह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री अमित शाह के इर्द-गिर्द घूमता नजर आया। जहां पिछले तीन महीनों में पीएम मोदी जमकर सभाएं और रोड शो किया तो वहीं अमित शाह चुनाव के छह महीने पहले से ही चुनावी रणनीति बनाने में जुट गए थे। पीएम मोदी ने एमपी के हर संभाग और जिले को कवर किया था और प्रदेश की जनता को साधा था। इस बार एमपी के चुनाव में बीजेपी ने किसी भी चेहरे को आगे नहीं किया था। यहां मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पीछे कर कमल के चुनाव चिन्ह पर चुनाव लड़ने की रणनीति काम कर गई।














