उमाकांत त्रिपाठी। शुक्रवार को देहरादून में स्पर्श हिमालय महोत्सव 2024 का भव्य उद्घाटन हुआ। इस मौके पर उत्तराखंड के राज्यपाल गुरमीत सिंह और भारत के पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भी मौजूद रहे। आपको बता दें कि महोत्सव में साहित्य, संस्कृति, और कला को समर्पित एक विशेष मंच ‘लेखक गांव’ का उद्घाटन किया गया है। इस आयोजन का मकसद साहित्य और संस्कृति को बढ़ावा देना है।

इस दौरान उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और दिग्गज साहित्यकार डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ की नई किताब हिमालय में राम का विमोचन भी किया गया। इस किताब का विमोचन राज्यपाल गुरमीत सिंह, पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रसिद्ध गीतकार प्रसून जोशी ने किया। ये किताब हिमालय की धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को बताती है। आपको बता दें कि ये की ये लेखक गांव से प्रकाशित होने वाली पहली पुस्तक है।

इस महोत्सव में 65 देशों आए प्रतिनिधी भी शामिल हुए। डॉ. निशंक ने इन सभी मेहमानों का वेलकम किया। डॉ. निशंक के मुताबिक लेखक गांव युवा लेखकों, कलाकारों, और विचारकों को बेहद प्रेरित करेगी। इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने का भी संबोधन हुआ। उन्होंने कहा कि ये पहल को रचनात्मक लेखकों के लिए एक बेहतरीन है।
इस तरह का उत्सव उत्तराखंड की समृद्ध साहित्यिक परंपरा को फिर से सिंजदा करेगा। इस मौके पर स्वामी अवधेशानंद, पर्यावरणविद अनिल जोशी, प्रसिद्ध नृत्यांगना पद्मविभूषण डॉ. सोनल मानसिंह और अन्य पद्मभूषण एवं पद्मश्री से सम्मानित हस्तियों ने भी शिरकत की। इन दिग्गजों ने हिमालय की सांस्कृतिक धरोहर और साहित्यिक परंपराओं के संरक्षण की जरुरत को समझाताय।

इस दौरान पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अपने व्यक्तिगत अनुभव भी शेयर किए उन्होंने कहा कि, लेखन ने COVID-19 के दौरान उन्हें साहस और प्रेरणा दी, और इस महोत्सव के जरिए नई पीढ़ी को लेखन और कला से जोड़ने का मौका मिलेगा। आपको बता दें कि स्पर्श हिमालय महोत्सव का मकसद हिमालयी संस्कृति की धरोहर को संरक्षित करना और उसे वैश्विक मंच पर लाना है। यह महोत्सव युवा लेखकों, कलाकारों, और विचारकों के लिए एक प्रेरणादायक मंच देता है।













