उमाकांत त्रिपाठी।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पहाड़ से हमेशा ही प्रेम रहा है। वह यहां जब भी आते हैं तो कुछ नया जरूर करते हैं। आज वह सीमांत गांव उत्तरकाशी के मुखबा में मां गंगा की पूजा के लिए पहुंचे। पूजा के बाद उन्होंने पहाड़ी खाने का स्वाद चखा।जानकारी के अनुसार, पीएम मोदी ने स्थानीय उत्पाद चीणा का भात और फाफरे के पोले और क्षेत्र की स्वादिष्ट राजमा के साथ बद्री गाय की दही मठ्ठा का सेवन किया। चीणा और फाफरा का उत्पादन जनपद के हर्षिल घाटी और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में होता है। तो वहीं यह स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण होता है। मुखबा में स्थानीय महिलाओं ने यह पकवान तैयार कर पीएम मोदी को परोसा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वागत के लिए मां गंगा के शीतकालीन प्रवास और सीमांत गांव मुखबा में अलग ही माहौल देखने को मिला। शीतकाल में भी मुखबा रोशनी से चकाचौंध चमक रही है। तो वहीं यहां पर पीएम नरेंद्र मोदी ने मां गंगा के दर्शन का पुण्य प्राप्त किया।

इसके साथ ही वह सीमांत क्षेत्र के स्थानीय पकवान और पंरपरा से भी रूबरू हुए। इसके साथ ही मुखबा गांव में मां गंगा की पूजा अर्चना के बाद पीएम हर्षिल की सुदंर प्राकृतिक सौंदर्य के साथ यहां की समृद्ध संस्कृति परंपरा से भी अवगत हुए।

पूजा के बाद मोदी को मां गंगा को चढ़ने वाले फाफरे के भोग के साथ ही चीणा के भात दिया गया। इसके साथ ही उन्हें हर्षिल घाटी की स्वादिष्ट राजमा और बद्री गाय की दही और मठ्ठा भी परोसी गया।

इसके लिए मुखबा गांव की चार महिलाओं को इसकी जिम्मेदारी दी गई थी। इसके साथ ही गांव की 22 महिलाओं ने पीएम को स्थानीय लोकनृत्य रासों तांदी से अवगत करवााया।
















