उमाकांत त्रिपाठी।बिजनौर में रहकर सोहनपापड़ी का व्यापार करने वाले नवनीत चतुर्वेदी ने लखनऊ में एक जिला एक व्यंजन (ODOC) योजना में सोहनपापड़ी का स्टाल लगाया। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी उनके उत्पाद के बारे में पूछा। गृहमंत्री ने उनसे अपने उत्पाद के जरिए बिजनौर का नाम पूरे यूपी में आगे बढ़ाने को कहा।
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा एक जिला एक व्यंजन योजना के अंतर्गत हर जिले के प्रमुख व्यंजनों को चिन्हित किया गया है। इनका स्वाद दूसरे जिलों व राज्यों में भी भेजने की योजना है। जिले से एक जिला एक व्यंजन में सोहनपापड़ी, गजक, बतीसा व सिंघाड़े की कचरी को एक जिला एक व्यंजन योजना में शामिल किया गया है।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उनके स्टाल पर पहुंचे। गृहमंत्री अमित शाह ने नवनीत चतुर्वेदी से उनके प्रोडक्ट के बारे में पूछा। नवनीत चतुर्वेदी ने बताया कि वे बिजनौर से आए हैं। वे सोहनपापड़ी प्रदर्शित कर रहे हैं। अमित शाह ने सोहनपापड़ी के माध्यम से यूपी में जिले का नाम आगे बढ़ाने को कहा।
2012 में हुई थी शुरूआत
नजीबाबाद में कत्था फैक्ट्री चौराहे पर चतुर्वेदी फूड प्रोडक्ट में वर्ष 2012 से सोहनपापड़ी बनाई जा रही है। इसकी शुरूआत मधुर चतुर्वेदी ने कराई थी। यहां बनने वाली सोहनपापड़ी आसपास के जिलों व उत्तराखंड में प्रसिद्ध हैं। वर्तमान में स्व.मधुर चतुर्वेदी के बेटे नवनीत चतुर्वेदी, सौरभ चतुर्वेदी व विवेक चतुर्वेदी प्रतिष्ठान को चला रहे हैं। तीसरे पीढ़ी से नवनीत चतुर्वेदी के पुत्र मनु चतुर्वेदी और सौरभ चतुर्वेदी के पुत्र ओम चतुर्वेदी भी प्रतिष्ठान पर पुश्तैनी काम को आगे बढ़ा रहे हैं।














