उमाकांत त्रिपाठी।संसद में महिला आरक्षण बिल पर जारी बहस के बीच सीटों के परिसीमन को लेकर विपक्ष और सरकार आमने-सामने आ गए. विपक्ष ने सरकार पर 2029 चुनाव को ध्यान में रखकर राजनीतिक फायदा लेने का आरोप लगाया. वहीं, गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में 850 सीटों का पूरा गणित समझाते हुए इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया. गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि परिसीमन को लेकर खासतौर पर दक्षिण भारत के राज्यों में एक अफवाह फैलाई जा रही है कि इससे उनकी ताकत कम हो जाएगी.
विपक्ष ने दिया ताना, तो शाह ने समझाया 850 सीटों का पूरा गणित
उन्होंने आंकड़ों के साथ बताया कि ऐसा नहीं होगा, बल्कि दक्षिण के राज्यों को भी फायदा मिलेगा और उनकी सीटें बढ़ेंगी. उन्होंने बताया कि प्रस्तावित परिसीमन के बाद तमिलनाडु को 20 अतिरिक्त सीटें मिल सकती हैं. इसी तरह केरल को 10, तेलंगाना को 9 और आंध्र प्रदेश को 13 सीटों का फायदा होने का अनुमान है. उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश के बाद लोकसभा में सबसे ज्यादा सांसद भेजने वाले महाराष्ट्र को भी करीब 24 सीटों का फायदा मिलेगा.
2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन
गृहमंत्री अमित शाह ने साफ किया कि सरकार का प्लान 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन करने का है. उसके बाद लोकसभा सीटों की कुल संख्या में लगभग 50 फीसदी की बढ़ोतरी करने का है.
इसी प्रक्रिया के तहत लोकसभा की कुल सीटें बढ़कर करीब 850 हो सकती हैं. गृहमंत्री अमित शाह के अनुसार, देश इससे देश के हर हिस्से को अधिक प्रतिनिधित्व मिलेगा.
दूसरी ओर, विपक्ष इस योजना को लेकर लगातार सवाल उठा रहा है. विपक्षी दलों का कहना है कि जनसंख्या आधारित परिसीमन से हिंदी पट्टी के राज्यों को ज्यादा फायदा होगा.
विपक्ष का यह भी आरोप है कि- इस परिसीमन से दक्षिण भारत के राज्य हाशिए पर चले जाएंगे. उनका तर्क है कि यह संघीय ढांचे के खिलाफ है. हर राज्य को बराबर महत्व मिलना चाहिए.
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जानिए- 816 सीट सीटों का पूरा गणित
क्रम राज्य कुल सीट (543)सीटों की संख्या आज की स्थिति543 का प्रतिशत 50% वृद्धि (लगभग) नई सीट (816) नया प्रतिशत
1 कर्नाटक 28 5.15% 42 42 5.14%
2 आंध्र प्रदेश 25 4.60% 38 38 4.65%
3 तेलंगाना 17 3.13% 26 26 3.18%
4 तमिलनाडु 39 7.18% 59 59 7.23%
5 केरल 20 3.68% 30 30 3.67%
कुल 129 23.76%(लगभग 24%) 195 195 23.87%(लगभग 24%)
गृहमंत्री ने कहा-किसी को नहीं होगा नुकसान
विपक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि- सरकार महिला आरक्षण बिल को परिसीमन से जोड़कर राजनीतिक लाभ लेना चाहती है. कई विपक्षी नेताओं का कहना है कि वे महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन इसे परिसीमन से अलग किया जाना चाहिए. इन आरोपों का जवाब देते हुए गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि सरकार का मकसद किसी क्षेत्र को कमजोर करना नहीं, बल्कि पूरे देश में प्रतिनिधित्व को बेहतर बनाना है. उन्होंने कहा कि सीटों में बढ़ोत्तरी होने से सभी राज्यों को लाभ मिलेगा और किसी का नुकसान नहीं होगा.
संसद में चाहिए होगा दो-तिहाई बहुमत
संविधान संशोधन बिल पास कराने के लिए दोनों सदनों में दो-तिहाई बहुमत जरूरी होता है. लोकसभा में मौजूदा संख्या 541 है, जिसके हिसाब से 360 सांसदों का समर्थन चाहिए. एनडीए के पास 293 सांसद हैं, यानी वह बहुमत से 67 सीट पीछे है. वहीं राज्यसभा में जादुई आंकड़ा 163 का है, जबकि एनडीए के पास करीब 142 सदस्य हैं. यह संख्या बहुमत से 21 कम है. ऐसे में अगर विपक्ष एकजुट रहता है, तो सरकार के लिए बिल पास कराना एक बड़ी चुनौती हो सकती है.














