खबर इंडिया की।बिहार के बक्सर जिले से एक बेहद गंभीर और सनसनीखेज मामला सामने आया है। Buxar News से जुड़ी इस घटना में डुमरांव प्रखंड के एक स्कूल में तैनात दो शिक्षकों पर करीब 12 नाबालिग छात्राओं के साथ दुष्कर्म करने और कथित तौर पर उनके अश्लील वीडियो बनाने का आरोप लगा है। आरोप है कि कई महीनों से छात्राओं का कथित रूप से शोषण किया जा रहा था। मामला तब सामने आया, जब कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
वीडियो सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। जानकारी मिलते ही ग्रामीणों और पीड़ित छात्राओं के परिजनों में भारी आक्रोश फैल गया। ग्रामीणों ने स्कूल पहुंचकर दोनों शिक्षकों को घेर लिया और उनके साथ मारपीट की। स्थिति बिगड़ने की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों आरोपियों को ग्रामीणों के कब्जे से निकालकर स्थिति को नियंत्रित किया।
वीडियो वायरल होने के बाद सामने आया मामला
बताया जा रहा है कि घटना से जुड़ा वीडियो करीब तीन दिन पहले सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसके बाद छात्राओं के परिजनों और स्थानीय लोगों को कथित घटनाओं की जानकारी मिली। आरोप है कि दोनों शिक्षक पिछले कई महीनों से नाबालिग छात्राओं को निशाना बना रहे थे।
आरोपों के मुताबिक, छात्राओं के साथ यौन अपराध करने के साथ ही उनके आपत्तिजनक वीडियो भी बनाए गए। वीडियो वायरल होने के बाद जब मामला लोगों के सामने आया तो ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने स्कूल पहुंचकर दोनों शिक्षकों को पकड़ लिया।
हालांकि, वायरल वीडियो की सत्यता और उसमें मौजूद लोगों की पहचान की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। नाबालिगों से संबंधित किसी भी आपत्तिजनक सामग्री को साझा करना या उसे आगे प्रसारित करना कानूनन गंभीर अपराध हो सकता है।
POCSO Act के तहत केस दर्ज
परिजनों की ओर से दिए गए आवेदन के आधार पर कृष्णाब्रह्म थाने में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ POCSO Act समेत गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है।
पुलिस आरोपियों की तलाश और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच में जुटी है। अधिकारियों के मुताबिक, वायरल वीडियो और परिजनों के बयानों समेत उपलब्ध साक्ष्यों को जांच का आधार बनाया जा रहा है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित वीडियो कैसे बनाया गया और इसे सोशल मीडिया पर किसने वायरल किया।
दोनों आरोपी शिक्षक निलंबित
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा विभाग ने दोनों आरोपियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की है। दोनों शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया है। शिक्षा विभाग की ओर से मामले में आगे की विभागीय कार्रवाई भी की जा सकती है।
स्कूल में पढ़ने वाली नाबालिग छात्राओं से जुड़े आरोपों ने शिक्षा व्यवस्था और बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अभिभावक यह जानना चाहते हैं कि आखिर इतने समय तक कथित घटनाओं की जानकारी स्कूल स्तर पर क्यों सामने नहीं आई।
एसपी और डीएसपी ने दी मामले की जानकारी
बक्सर के एसपी शुभम आर्या और प्रभारी डीएसपी समीर कुमार सिंह के मुताबिक, मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि परिजनों के आवेदन, वायरल वीडियो और अन्य उपलब्ध जानकारी के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस का कहना है कि मामले में कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जांच के दौरान पीड़ित छात्राओं के बयान और अन्य साक्ष्यों को भी महत्वपूर्ण माना जाएगा। पुलिस यह भी जांच करेगी कि इस मामले में केवल दो आरोपी शामिल हैं या फिर किसी अन्य व्यक्ति की भी भूमिका रही है।
नाबालिगों की पहचान उजागर करना कानूनन गलत
इस मामले में नाबालिग छात्राएं कथित पीड़ित हैं, इसलिए उनकी पहचान से जुड़ी कोई भी जानकारी सार्वजनिक नहीं की जानी चाहिए। उनके नाम, तस्वीर, स्कूल की ऐसी जानकारी जिससे पहचान उजागर हो, या कथित आपत्तिजनक वीडियो को शेयर करना उचित नहीं है।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपों की पूरी तस्वीर जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। दोनों आरोपियों के खिलाफ दर्ज मामला अदालत में आगे बढ़ेगा, जहां उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कानूनी प्रक्रिया पूरी होगी।














