खबर इंडिया की।बालाकोट एयरस्ट्राइक के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव के दौरान अपनी बहादुरी से देशभर में पहचान बनाने वाले पूर्व ग्रुप कैप्टन अभिनंदन वर्तमान ने भारतीय वायुसेना से रिटायरमेंट ले लिया है। करीब दो दशक तक देश की सेवा करने के बाद अब उन्होंने प्राइवेट एविएशन सेक्टर में नई पारी शुरू की है। रिपोर्ट के मुताबिक, अभिनंदन ने गोवा की प्राइवेट एयरलाइन Fly91 जॉइन कर ली है। अब वह फाइटर जेट के बजाय कमर्शियल यात्री विमान उड़ाते नजर आएंगे।
PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, अभिनंदन ने 31 मार्च 2026 को भारतीय वायुसेना छोड़ी थी और अगस्त 2026 में Fly91 से जुड़ गए। वायुसेना में उनका सामान्य रिटायरमेंट वर्ष 2037 माना जा रहा था, जब उनकी उम्र करीब 54 वर्ष होती। हालांकि, करीब 20 साल की सेवा के बाद उन्होंने सैन्य करियर से अलग होकर कमर्शियल एविएशन को अपना नया क्षेत्र चुना है।
बालाकोट एयरस्ट्राइक के बाद सुर्खियों में आए थे अभिनंदन
अभिनंदन वर्तमान का नाम देश में सबसे ज्यादा उस समय चर्चा में आया था, जब फरवरी 2019 में भारत और पाकिस्तान के बीच हवाई संघर्ष हुआ था। इससे पहले 14 फरवरी 2019 को पुलवामा में CRPF के काफिले पर आतंकी हमला हुआ था, जिसमें 40 जवान शहीद हुए थे।
इसके जवाब में भारत ने 26 फरवरी 2019 को पाकिस्तान के बालाकोट में एयरस्ट्राइक की थी। इसके अगले दिन पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों ने भारतीय सीमा की ओर बढ़ने की कोशिश की। उस समय अभिनंदन श्रीनगर एयरफोर्स स्टेशन पर MiG-21 बाइसन स्क्वाड्रन में तैनात थे।
पाकिस्तानी विमानों को रोकने के लिए उन्हें ऑपरेशनल ड्यूटी पर भेजा गया। आधिकारिक प्रशस्ति-पत्र के मुताबिक, अभिनंदन ने एक पाकिस्तानी लड़ाकू विमान का पीछा किया और हवाई मुकाबले के दौरान उसे मार गिराया।
हालांकि, इसी दौरान उनके MiG-21 बाइसन पर भी मिसाइल हमला हुआ। विमान को गंभीर नुकसान पहुंचने के बाद अभिनंदन ने इजेक्ट किया और पैराशूट से पाकिस्तान के कब्जे वाले इलाके में उतर गए।
60 घंटे तक पाकिस्तान की कैद में रहे अभिनंदन
पैराशूट से उतरने के बाद अभिनंदन को पाकिस्तानी सुरक्षाबलों ने पकड़ लिया था। उनकी गिरफ्तारी के बाद भारत में उनकी सुरक्षित वापसी को लेकर भारी दबाव बना।
करीब 60 घंटे तक पाकिस्तान की हिरासत में रहने के बाद 1 मार्च 2019 को अभिनंदन वर्तमान भारत लौटे। उन्हें अटारी-वाघा बॉर्डर के रास्ते भारत लाया गया था। उनकी वापसी के दौरान बड़ी संख्या में लोग सीमा पर मौजूद थे।
अभिनंदन की बहादुरी को देखते हुए भारत सरकार ने उन्हें 2021 में वीर चक्र से सम्मानित किया। यह सम्मान उन्हें 2019 के हवाई संघर्ष के दौरान उनके साहस और कर्तव्यनिष्ठा के लिए दिया गया था।
एयरफोर्स छोड़ने के बाद क्या होगा अभिनंदन को फायदा?
अब अभिनंदन वर्तमान ने प्राइवेट एविएशन सेक्टर में कदम रखा है। वायुसेना से रिटायरमेंट के बाद उन्हें सैन्य सेवा से मिलने वाली पेंशन का लाभ भी मिलेगा। पूर्व सैनिक कल्याण विभाग के वेतन ढांचे के अनुसार, ग्रुप कैप्टन रैंक के अधिकारी का मूल वेतन करीब ₹1.40 लाख से ₹2.18 लाख तक हो सकता है, जबकि मिलिट्री सर्विस पे यानी MSP अलग से मिलता है।
अलग-अलग भत्तों और अंतिम वेतन के आधार पर उनकी पेंशन की वास्तविक राशि तय होगी। उपलब्ध अनुमान के मुताबिक उनकी मासिक पेंशन करीब ₹88 हजार से ₹98 हजार के आसपास हो सकती है। इसके अलावा पात्रता के अनुसार महंगाई राहत भी मिल सकती है।
हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि अभिनंदन की वास्तविक पेंशन उनके अंतिम वेतन, सेवा अवधि और संबंधित नियमों के आधार पर निर्धारित होगी।
Fly91 में लाखों रुपये की सैलरी मिलने की संभावना
वायुसेना में फाइटर पायलट के रूप में लंबा अनुभव रखने वाले अभिनंदन के लिए कमर्शियल एविएशन में भी अनुभव बड़ा फायदा साबित हो सकता है। पायलट ट्रेनिंग से जुड़े प्लेटफॉर्म के अनुसार, प्राइवेट एयरलाइंस में पायलटों की कमाई अनुभव और पद के हिसाब से काफी अलग-अलग हो सकती है।
अनुभवी पायलटों की सैलरी कई लाख रुपये प्रतिमाह तक पहुंच सकती है, जबकि सीनियर कैप्टन के स्तर पर यह ₹10 लाख या उससे अधिक भी हो सकती है। अभिनंदन के मामले में उनकी सैन्य उड़ान का अनुभव और फाइटर पायलट के तौर पर लंबा करियर महत्वपूर्ण माना जा सकता है।
हालांकि, Fly91 में अभिनंदन को मिलने वाली वास्तविक सैलरी सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आई है। इसलिए ₹10 लाख से अधिक की कमाई को निश्चित वेतन के तौर पर नहीं बताया जा सकता।
अब ATR 72-600 विमान उड़ाएंगे अभिनंदन
वायुसेना में अभिनंदन ने MiG-21 जैसे फाइटर जेट उड़ाए हैं। अब उनकी नई जिम्मेदारी काफी अलग होगी। रिपोर्ट के मुताबिक, Fly91 में वह ATR 72-600 जैसे कमर्शियल यात्री विमान उड़ाएंगे।
फाइटर जेट और पैसेंजर एयरक्राफ्ट उड़ाने में काफी अंतर होता है। लड़ाकू विमान में पायलट को तेज गति, हवाई युद्ध और बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में तत्काल निर्णय लेने पड़ते हैं, जबकि कमर्शियल एविएशन में सुरक्षा, यात्रियों की सुविधा, एयर ट्रैफिक कंट्रोल और तय ऑपरेटिंग प्रक्रियाओं का पालन सबसे महत्वपूर्ण होता है।
फिर भी अभिनंदन का लगभग दो दशक का सैन्य विमानन अनुभव उनके नए करियर में बेहद उपयोगी साबित हो सकता है।
फाइटर पायलट से कमर्शियल पायलट तक का सफर
Abhinandan Varthaman Retirement सिर्फ उनके सैन्य करियर का अंत नहीं है, बल्कि एविएशन की दुनिया में उनके करियर के एक नए अध्याय की शुरुआत भी है। करीब 20 साल तक भारतीय वायुसेना में सेवा देने के बाद अब वह नागरिक विमानन क्षेत्र में काम करेंगे।
2019 में MiG-21 से पाकिस्तान के F-16 को निशाना बनाने से लेकर पाकिस्तान की हिरासत और फिर भारत वापसी तक अभिनंदन की कहानी देश के सबसे चर्चित सैन्य घटनाक्रमों में शामिल रही है। वीर चक्र से सम्मानित अभिनंदन अब कमर्शियल पायलट के तौर पर नई जिम्मेदारी संभालेंगे।
उनका यह बदलाव यह भी दिखाता है कि सैन्य एविएशन में हासिल किया गया लंबा अनुभव रिटायरमेंट के बाद नागरिक विमानन क्षेत्र में किस तरह काम आ सकता है।














