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जरा मेरे मैसेज देखिए… आप कितने लोकप्रिय हैं’, मलेशिया के प्रधानमंत्री इब्राहिम ने की पीएम मोदी की जमकर तारीफ

खबर इिंडिया की।नई दिल्ली के भारत मंडपम में BRICS Summit 2026 का आयोजन चल रहा है और इस बार भारत इसकी अध्यक्षता कर रहा है। सम्मेलन के दौरान दुनिया के कई प्रमुख नेताओं की भारत यात्रा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी मुलाकातें चर्चा में हैं। इसी बीच भारत और मलेशिया के बीच द्विपक्षीय संबंधों को लेकर हुई बातचीत के दौरान एक ऐसा पल सामने आया, जिसने सबका ध्यान खींच लिया।

मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता का जिक्र करते हुए उनकी तारीफ की। लाइव बातचीत के दौरान अनवर इब्राहिम ने मुस्कुराते हुए कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात को लेकर शुभकामनाओं के कई संदेश मिल रहे हैं। उन्होंने कहा, “आप बहुत लोकप्रिय हैं।”

अनवर इब्राहिम ने PM मोदी से क्या कहा?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के बीच बातचीत के दौरान अनवर इब्राहिम ने पीएम मोदी से कहा कि उन्हें लोगों की तरफ से शुभकामनाएं देने के लिए लगातार संदेश मिल रहे हैं।

उन्होंने कहा, “देखिए, मुझे लोगों की तरफ से आपको शुभकामनाएं देने के लिए इतने सारे संदेश मिल रहे हैं।” इसके बाद उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की लोकप्रियता का जिक्र किया और कहा, “आप बहुत लोकप्रिय हैं।”

अनवर इब्राहिम की इस टिप्पणी के दौरान दोनों नेताओं के बीच हल्का-फुल्का और सहज माहौल भी नजर आया। BRICS Summit 2026 जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच के बीच हुई यह बातचीत भारत और मलेशिया के बीच बढ़ती नजदीकी को भी दर्शाती है।

द्विपक्षीय बैठक में किन मुद्दों पर हुई चर्चा?

यह टिप्पणी दोनों नेताओं के बीच हुई महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक के बाद सामने आई। बैठक में भारत और मलेशिया के बीच संबंधों को और मजबूत करने से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।

मलेशिया के विदेश मंत्रालय के अनुसार, BRICS के सदस्य और सहयोगी देशों के बीच सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया। खासतौर पर विकास से जुड़ी चुनौतियों का सामना करने, आर्थिक अवसरों का विस्तार करने और तकनीकी प्रगति का फायदा सभी देशों तक पहुंचाने को लेकर चर्चा हुई।

दोनों देशों के बीच सहयोग का दायरा अब केवल पारंपरिक क्षेत्रों तक सीमित नहीं है। डिजिटल अर्थव्यवस्था, विज्ञान और तकनीक, निवेश और ऊर्जा जैसे नए क्षेत्रों में भी भारत और मलेशिया के बीच सहयोग बढ़ रहा है।

भारत-मलेशिया संबंधों में आया नया बदलाव

भारत और मलेशिया के संबंध लंबे समय से आपसी सम्मान और साझा हितों पर आधारित रहे हैं। अगस्त 2024 में दोनों देशों ने अपने संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया था। इसके बाद रक्षा, व्यापार, डिजिटल तकनीक और समुद्री सहयोग सहित कई क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच संपर्क बढ़ा है।

फरवरी 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मलेशिया का दौरा भी किया था। इस दौरान पीएम मोदी और अनवर इब्राहिम के बीच द्विपक्षीय संबंधों को लेकर व्यापक बातचीत हुई थी।

दोनों नेताओं की बातचीत में राजनीतिक जुड़ाव के साथ-साथ रक्षा और सुरक्षा सहयोग, समुद्री सहयोग, व्यापार एवं निवेश, डिजिटल अर्थव्यवस्था, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, ऊर्जा और कृषि जैसे मुद्दे शामिल रहे।

इसके अलावा स्वास्थ्य, शिक्षा, संस्कृति और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में भी दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया।

BRICS में भारत की अध्यक्षता क्यों अहम?

BRICS Summit 2026 की भारत में मेजबानी ऐसे समय हो रही है जब वैश्विक अर्थव्यवस्था, तकनीकी बदलाव और विकासशील देशों के सामने मौजूद चुनौतियों को लेकर बहस तेज है।

भारत की अध्यक्षता में BRICS के मंच पर आर्थिक सहयोग, तकनीकी विकास, नवाचार और समावेशी विकास जैसे मुद्दों को महत्व दिया जा रहा है। भारत लगातार यह संदेश देता रहा है कि तकनीकी प्रगति का लाभ केवल कुछ देशों तक सीमित न रहकर विकासशील और उभरती अर्थव्यवस्थाओं तक भी पहुंचना चाहिए।

मलेशिया की ओर से भी BRICS के सदस्य और सहयोगी देशों के बीच सहयोग मजबूत करने पर जोर दिया गया है। ऐसे में भारत और मलेशिया की यह बातचीत दोनों देशों के बीच बढ़ते रणनीतिक और आर्थिक सहयोग के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

PM Modi Popularity की चर्चा ने खींचा ध्यान

BRICS Summit 2026 के दौरान कई महत्वपूर्ण कूटनीतिक मुद्दों पर चर्चा हो रही है, लेकिन अनवर इब्राहिम की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर की गई टिप्पणी ने एक अलग वजह से लोगों का ध्यान खींचा।

मलेशियाई प्रधानमंत्री का यह कहना कि पीएम मोदी “बहुत लोकप्रिय” हैं और उन्हें उनकी मुलाकात को लेकर शुभकामनाओं के कई संदेश मिल रहे हैं, दोनों नेताओं की बातचीत का एक खास हिस्सा बन गया।

भारत-मलेशिया संबंधों को मजबूत करने के लिए लगातार हो रही उच्चस्तरीय बैठकों के बीच यह अनौपचारिक टिप्पणी दोनों नेताओं के बीच सहज संबंधों की झलक भी देती है। वहीं, दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी का विस्तार आने वाले समय में व्यापार, निवेश, रक्षा, तकनीक और अन्य क्षेत्रों में सहयोग को और गति दे सकता है।

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