कानपुर: Kanpur Murder Case में करोड़पति दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की हत्या के आरोप में जेल भेजी गई उनकी बहू शालू की पहली रात बेचैनी में गुजरी। घर की सुख-सुविधाओं की आदी बताई जा रही शालू को सोमवार शाम जेल पहुंचने के बाद महिला बंदियों के साथ बैरक में रखा गया। शुरुआत के करीब दो घंटे वह गुमसुम रही और किसी से ज्यादा बातचीत नहीं की। जब महिला बंदियों ने उससे जेल आने की वजह पूछी तो वह रोने लगी। उसने रात का खाना खाने से भी इनकार कर दिया।
मंगलवार सुबह करीब 6:30 बजे उसे अन्य बंदियों के साथ जगाया गया। सुबह उसने दलिया और गुड़ खाया। दोपहर में दाल, चावल और रोटी-सब्जी दी गई। महिला बंदियों ने उससे बातचीत कर उसे समझाने की कोशिश की। जब उससे बच्चों के बारे में पूछा गया तो वह अपने 5 साल के बेटे को याद कर रोने लगी। कुछ देर बाद वह चुप हो गई और फिर सिसकते हुए सो गई। शाम को उसने चाय-बिस्किट लिए और रात में दाल-सब्जी व रोटी खाई।
इस बीच, Kanpur Murder Case की जांच में पुलिस को ऐसे कई सुराग मिले हैं, जिनसे कारोबारी के बेटे सुब्रत पर भी सवाल उठ रहे हैं। पुलिस शालू, उसके पति सुब्रत और हत्या के आरोपी विशाल के बीच हुई बातचीत, डिलीट किए गए मैसेज और घटना से पहले की गतिविधियों की जांच कर रही है।
हत्या के बाद शालू के बयान से पुलिस को हुआ शक
इंदिरा नगर स्थित रतन ऑर्बिट में 63 वर्षीय दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की 5 सितंबर की रात करीब 11:28 बजे हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद पुलिस को शुरुआत से ही आशंका थी कि वारदात में कोई करीबी व्यक्ति शामिल हो सकता है।
पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने महिला अधिकारियों के साथ शालू से पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक, शालू इस दौरान रोती रही और बेहोश होने का नाटक करने लगी। उसने विनीत मिनोचा को अच्छा बताते हुए कहा कि वह उसकी छोटी-बड़ी जरूरतों का ध्यान रखते थे।
पूछताछ के दौरान पुलिस ने शालू से पूछा कि क्या वह शिवम को जानती है। इस पर उसने बताया कि शिवम का नाम विशाल भी है। इसके बाद उसने खुद ही कहा कि पता नहीं विशाल ने उसके ‘पापा’ को क्यों मार डाला।
पुलिस के लिए यही बात महत्वपूर्ण हो गई। सवाल यह था कि अगर शालू को घटना के बारे में पहले से कोई जानकारी नहीं थी तो उसे कैसे पता चला कि हत्या में विशाल का हाथ है? इसी बिंदु से पुलिस ने उसकी भूमिका को लेकर जांच तेज कर दी।
हत्या वाले दिन शालू ने विशाल को 14 बार किया कॉल
पुलिस ने इसके बाद शालू, उसके पति सुब्रत और आरोपी विशाल समेत अन्य संदिग्धों के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाली। जांच में सामने आया कि हत्या वाले दिन दोपहर 12 बजे से रात 9 बजे के बीच शालू और विशाल के बीच 14 बार फोन पर बातचीत हुई थी।
वहीं, कारोबारी के बेटे सुब्रत और विशाल के बीच 25 बार वॉट्सऐप कॉल होने की बात सामने आई है। पुलिस अब इन कॉल्स के समय और उनकी अवधि की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि हत्या की साजिश को लेकर इनके बीच क्या बातचीत हुई थी।
पुलिस के मुताबिक, हत्या के दौरान भी शालू और विशाल के बीच तीन बार वॉट्सऐप कॉल हुई थी। यह तथ्य जांच के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
आमने-सामने पूछताछ में बदले शालू के हाव-भाव
सोमवार सुबह करीब 7 बजे पुलिस ने शालू को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। उसके साथ उसकी बहन भी थाने पहुंची थी। पुलिस के सामने शालू ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि उसने कुछ नहीं किया और उसे जबरन फंसाया जा रहा है।
कॉल डिटेल सामने रखे जाने पर उसने पुलिस को बताया कि विशाल अच्छा इलेक्ट्रीशियन था और घर के छोटे-मोटे कामों में मदद करता था। शालू ने दावा किया कि हत्या वाले दिन उसने विशाल को गजरा लाने के लिए फोन किया था, क्योंकि उसे पति और बेटे के साथ कपल किटी पार्टी में जाना था।
पुलिस ने जब शालू और विशाल को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की तो दोनों के बयानों में अंतर सामने आने लगा। पुलिस के मुताबिक, इसी दौरान विशाल ने कथित तौर पर हत्या की बात स्वीकार की और शालू के कहने पर वारदात को अंजाम देने की बात कही।
पुलिस का आरोप है कि शालू ने विशाल से कहा था कि अगर पुलिस उसे पकड़ती है तो वह हत्या का जिम्मेदार सुब्रत को बताए। इसके बाद पुलिस ने शालू को भी गिरफ्तार कर लिया और सोमवार देर शाम उसे जेल भेज दिया।
जेल प्रशासन के मुताबिक, शालू को सामान्य प्रक्रिया के तहत महिला बंदियों वाली मुलाहिजा बैरक में रखा गया।
कारोबारी के बेटे सुब्रत पर क्यों बढ़ा पुलिस का शक?
इस मामले में अभी कारोबारी के बेटे सुब्रत को क्लीन चिट नहीं मिली है। पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि विशाल का परिवार से लगातार संपर्क क्यों बना हुआ था।
बताया गया है कि विशाल को करीब चार साल पहले चोरी के आरोप में नौकरी से निकाल दिया गया था। इसके बावजूद वह शालू और सुब्रत के संपर्क में बना रहा। जांच में सामने आया कि हत्या से पहले भी विशाल और सुब्रत के बीच लगातार बातचीत होती रही।
29 अगस्त से हत्या की रात तक सुब्रत और विशाल के बीच 25 बार वॉट्सऐप कॉल हुईं। इसी अवधि में शालू और विशाल के बीच भी बातचीत जारी रही। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इन कॉल्स में किन मुद्दों पर चर्चा हुई थी।
एक और सवाल पुलिस के सामने है। पुलिस के मुताबिक, पिता की हत्या में पत्नी की कथित भूमिका सामने आने के बावजूद सुब्रत ने तत्काल कोई जानकारी क्यों नहीं दी? इसके अलावा, जब पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज में विशाल को दिखाया तो सुब्रत ने कथित तौर पर उसे पहचानने से इनकार क्यों किया? इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगे।
49 डिलीट मैसेज से खुल सकता है हत्या का राज
Kanpur Murder Case में पुलिस की जांच अब मोबाइल डेटा पर भी केंद्रित है। पुलिस को शालू और विशाल के मोबाइल से 49 डिलीट मैसेज मिले हैं, जिन्हें रिकवर कराने की कोशिश की जा रही है।
बताया गया है कि एक मई से हत्या वाले दिन तक कई मैसेज डिलीट किए गए थे। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन संदेशों में क्या बातचीत हुई थी और क्या इनका संबंध हत्या की कथित साजिश से था।
पुलिस के अनुसार, शालू और विशाल गौतम के बीच एक मई से घटना वाले दिन तक करीब 309 बार कॉल हुई। अब इन कॉल्स और डिलीट मैसेज के डेटा को एक साथ जोड़कर घटनाक्रम समझने की कोशिश की जा रही है।
पुलिस के सामने अभी कई सवाल बाकी
इस हत्याकांड में पुलिस ने आरोपी विशाल और उसके साथी राजकिशोर को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में सामने आए बयानों और मोबाइल डेटा के आधार पर शालू को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। हालांकि जांच अभी जारी है और मामले के कई पहलुओं पर पुलिस को और सबूत जुटाने हैं।
सबसे अहम सवाल यही हैं कि हत्या की कथित साजिश कब और कैसे बनी, इसमें किसकी क्या भूमिका थी, 49 डिलीट मैसेज में क्या था और हत्या वाले दिन शालू, सुब्रत और विशाल के बीच हुई लगातार बातचीत का वास्तविक मकसद क्या था।
फिलहाल पुलिस मोबाइल डेटा, कॉल डिटेल, सीसीटीवी फुटेज और आरोपियों के बयानों को मिलाकर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि इस सनसनीखेज हत्याकांड के पीछे पूरी साजिश क्या थी और इसमें कौन-कौन लोग किस भूमिका में शामिल थे।














