उमाकांत त्रिपाठी। दिल्ली के भारत मंडपम में चल रहे PM Modi BRICS Summit 2026 के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टेक्नोलॉजी और क्रिटिकल मिनरल्स को लेकर बड़ा संदेश दिया। पीएम मोदी ने कहा कि टेक्नोलॉजी और जरूरी खनिजों यानी क्रिटिकल मिनरल्स का हथियार की तरह इस्तेमाल BRICS देशों की साझा तरक्की के रास्ते में रुकावट पैदा कर सकता है। उन्होंने कहा कि नई तकनीक को अपनाने की प्रक्रिया में सभी देशों और समाजों को साथ लेकर चलना जरूरी है।
पीएम मोदी ने भारत की BRICS अध्यक्षता के दौरान रेजिलिएंस, इनोवेशन, सहयोग और सस्टेनेबिलिटी पर फोकस का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि इसी सोच के तहत टेक्नोलॉजी, स्टार्टअप, सप्लाई चेन और डिजिटल खेती जैसे कई क्षेत्रों में नई पहल की गई हैं।
टेक्नोलॉजी और क्रिटिकल मिनरल्स के वेपनाइजेशन पर PM मोदी की चिंता
PM Modi BRICS Summit 2026 में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि टेक्नोलॉजी और क्रिटिकल मिनरल्स का वेपनाइजेशन यानी इन्हें दबाव या हथियार के रूप में इस्तेमाल करना साझा विकास में बाधा डाल सकता है।
उन्होंने कहा कि आज दुनिया तेजी से तकनीकी बदलाव के दौर से गुजर रही है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लेकर डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग तक, टेक्नोलॉजी आर्थिक विकास का महत्वपूर्ण आधार बन चुकी है। ऐसे में कुछ देशों या समूहों तक तकनीक और जरूरी संसाधनों की पहुंच सीमित रहने से वैश्विक असमानता बढ़ सकती है।
पीएम मोदी ने टेक्नोलॉजी को लेकर समावेशी दृष्टिकोण अपनाने की जरूरत बताई। इसका मतलब है कि नई तकनीकों का लाभ ज्यादा से ज्यादा देशों और लोगों तक पहुंचना चाहिए।
ग्लोबल साउथ की भी हो बराबर भागीदारी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भविष्य की तकनीकों के विकास और उनसे जुड़े नियम तय करने में ग्लोबल साउथ की भी बराबर भागीदारी होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि तकनीक से जुड़े वैश्विक फैसलों में सिर्फ विकसित देशों की भूमिका पर्याप्त नहीं है। विकासशील देशों को भी नई तकनीकों के विकास, इस्तेमाल और उनके लिए नियम बनाने की प्रक्रिया में अपनी बात रखने का समान अवसर मिलना चाहिए।
PM Modi BRICS Summit 2026 में यह संदेश ऐसे समय आया है जब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर, दुर्लभ खनिज और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्र वैश्विक रणनीतिक प्रतिस्पर्धा के केंद्र में हैं।
AI से किसानों को जोड़ने पर भारत का फोकस
पीएम मोदी ने टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल का उदाहरण देते हुए डिजिटल खेती की पहल का भी जिक्र किया। उन्होंने BRICS Network on Digital Agriculture की बात कही, जिसका उद्देश्य किसानों के लिए तकनीक के जरिए नए अवसर तैयार करना है।
इस पहल में AI, जियोस्पेशियल टेक्नोलॉजी और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी तकनीकों को कृषि क्षेत्र की वास्तविक जरूरतों से जोड़ने पर जोर दिया गया है।
इसका मकसद सिर्फ किसानों तक नई तकनीक पहुंचाना नहीं, बल्कि खेती से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए तकनीक का व्यावहारिक इस्तेमाल करना है। इससे कृषि क्षेत्र में बेहतर जानकारी, संसाधनों के इस्तेमाल और निर्णय लेने की क्षमता को मजबूत करने की दिशा में मदद मिल सकती है।
पीएम मोदी ने इस पहल को BRICS देशों के बीच तकनीकी सहयोग का एक महत्वपूर्ण उदाहरण बताया।
BRICS Startup Innovation Fund और Incubator Network का जिक्र
PM Modi BRICS Summit 2026 के दौरान प्रधानमंत्री ने स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए की गई पहलों का भी उल्लेख किया।
पीएम मोदी ने BRICS Incubator Network का जिक्र करते हुए बताया कि इसके जरिए BRICS देशों के स्टार्टअप और इनक्यूबेटर्स को आपस में जोड़ने की कोशिश की गई है।
इसके अलावा Startup Innovation Fund का प्रस्ताव भी रखा गया है। इसका उद्देश्य नए और बड़े स्तर पर लागू किए जा सकने वाले समाधानों को बढ़ावा देना है।
BRICS देशों में अलग-अलग क्षेत्रों में काम कर रहे स्टार्टअप्स के बीच सहयोग बढ़ने से नई तकनीकों, निवेश और इनोवेशन को बढ़ावा मिलने की संभावना है।
मजबूत और भरोसेमंद सप्लाई चेन पर जोर
पीएम मोदी ने BRICS Logistics Supply Chain Cooperation Framework का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में सप्लाई चेन की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।
पिछले कुछ वर्षों में महामारी, भू-राजनीतिक तनाव और विभिन्न वैश्विक संकटों ने सप्लाई चेन की कमजोरियों को सामने ला दिया है। एक क्षेत्र में पैदा हुई समस्या का असर दूसरे देशों और महाद्वीपों तक पहुंच सकता है।
ऐसे में BRICS देशों के बीच लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने से इन्हें अधिक भरोसेमंद और मजबूत बनाने में मदद मिल सकती है।
पीएम मोदी ने कहा कि रेजिलिएंट सप्लाई चेन आज की वैश्विक अर्थव्यवस्था की जरूरत है।
बीमारी और आपदा से निपटने के लिए Early Warning System
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में सहयोग का भी जिक्र किया। BRICS देशों के बीच संक्रामक बीमारियों से निपटने के लिए Integrated Early Warning System पर सहमति की बात सामने आई।
पीएम मोदी ने कहा कि किसी भी चुनौती की समय पर पहचान, उसके लिए तैयारी और तुरंत कार्रवाई बेहद जरूरी है।
इसके अलावा डिजास्टर मैनेजमेंट के लिए Early Warning Data Integration Guidelines तैयार करने का भी उल्लेख किया गया।
महामारी और जलवायु से जुड़ी आपदाओं ने यह दिखाया है कि आज की आपस में जुड़ी दुनिया में किसी एक क्षेत्र का संकट तेजी से दूसरे क्षेत्रों को भी प्रभावित कर सकता है।
रेजिलिएंस, इनोवेशन और सस्टेनेबिलिटी पर भारत की BRICS अध्यक्षता का फोकस
भारत की BRICS अध्यक्षता के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने रेजिलिएंस, इनोवेशन, सहयोग और सस्टेनेबिलिटी को प्रमुख प्राथमिकताओं में रखा है।
PM Modi BRICS Summit 2026 के दौरान सामने रखी गई पहलों में टेक्नोलॉजी, डिजिटल कृषि, स्टार्टअप, सप्लाई चेन, स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन जैसे अलग-अलग क्षेत्र शामिल हैं।
पीएम मोदी का संदेश साफ था कि भविष्य की वैश्विक व्यवस्था में तकनीक और संसाधनों का इस्तेमाल सहयोग के लिए होना चाहिए, न कि दबाव बनाने के साधन के रूप में।
उन्होंने BRICS देशों के बीच सहयोग को मजबूत करने और विकास के लाभ को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया। टेक्नोलॉजी और क्रिटिकल मिनरल्स जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में समावेशी सहयोग को बढ़ावा देना आने वाले वर्षों में BRICS देशों के लिए महत्वपूर्ण मुद्दा बन सकता है।















