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PM Modi Bastar Speech: पीएम मोदी बोले- छत्तीसगढ़ में 1,000 से ज्यादा जवान शहीद हुए, नक्सलियों की फंडिंग और सप्लाई लाइन तोड़ी

उमाकांत त्रिपाठी। PM Modi Bastar Speech: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के बस्तर में CRPF जवानों के साथ दिवाली मनाई। इस दौरान उन्होंने नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई, सुरक्षा बलों के बलिदान और सरकार की नीतियों को लेकर कई अहम बातें कहीं। प्रधानमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ सफलता हासिल करने के लिए सही इरादे और सही नीतियां जरूरी हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने के लिए सरकार ने कई कड़े फैसले लिए, जिनमें से कुछ की जानकारी आज भी सार्वजनिक नहीं है।

PM Modi Bastar Speech में प्रधानमंत्री ने दावा किया कि सरकार के फैसलों से नक्सलियों और अलगाववादियों की फंडिंग पर बड़ी चोट हुई है। नकली नोटों के नेटवर्क को खत्म करने से उनकी आर्थिक ताकत कमजोर हुई और सप्लाई लाइन बाधित हुई। उन्होंने कहा कि इसका असर हथियारों की आपूर्ति, नक्सलियों की आवाजाही और उनकी भर्ती पर भी पड़ा।

पीएम मोदी ने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती लंबे समय तक जवानों के खून से लाल होती रही। अकेले छत्तीसगढ़ में 1,000 से ज्यादा सुरक्षाकर्मी शहीद हुए। उन्होंने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि उस दौर में नक्सलवाद को ऐसी बीमारी मान लिया गया था, जिसका कोई इलाज नहीं है।

नक्सलियों की फंडिंग और सप्लाई लाइन पर सरकार ने की चोट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि किसी भी अभियान में सफलता पाने के लिए सही इरादे और सही नीतियां होना जरूरी है। राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए केंद्र सरकार ने एक के बाद एक कई कड़े फैसले लिए हैं। उन्होंने कहा कि कुछ ऐसे कदम भी उठाए गए, जिनके बारे में लोगों को आज तक जानकारी नहीं है।

पीएम मोदी के मुताबिक, इन फैसलों से नक्सलियों और अलगाववादियों की आर्थिक ताकत को कमजोर किया गया। नकली नोटों के नेटवर्क पर कार्रवाई से उनकी फंडिंग प्रभावित हुई और पूरी सप्लाई लाइन बाधित हुई।

उन्होंने कहा कि आर्थिक नेटवर्क कमजोर होने का असर हथियारों की सप्लाई पर पड़ा। इसके साथ ही नक्सलियों की आवाजाही और नए लोगों की भर्ती पर भी रोक लगाने में मदद मिली।

छत्तीसगढ़ में 1,000 से ज्यादा सुरक्षाकर्मी शहीद हुए

प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में छत्तीसगढ़ में नक्सली हिंसा के दौरान शहीद हुए जवानों को याद किया। उन्होंने कहा कि यह धरती हमारे बहादुर जवानों के खून से लाल हो गई थी, लेकिन उस समय के प्रभावशाली नेताओं की ओर से दुख जताने वाली एक आवाज तक सुनाई नहीं दी।

पीएम मोदी ने कहा कि नक्सली हमलों का सिलसिला लगभग हर दिन कहीं न कहीं जारी रहता था। यह स्थिति दशकों तक बनी रही। इस दौरान अकेले छत्तीसगढ़ में 1,000 से ज्यादा सुरक्षाकर्मी शहीद हुए।

उन्होंने कहा कि देश के दुश्मनों के सामने ऐसी सोच के साथ नहीं चला जा सकता कि हालात हमेशा ऐसे ही बने रहेंगे और हम उन्हें स्वीकार कर लेंगे। प्रधानमंत्री ने सुरक्षा बलों के बलिदान को याद करते हुए कहा कि देश की एकता और अखंडता के लिए जवानों ने बहुत बड़ी कीमत चुकाई है।

2004 से 2013 के बीच जवानों की शहादत पर उठाए सवाल

पीएम मोदी ने 2004 से 2013 के बीच नक्सलवाद के खिलाफ अभियान के आंकड़ों का जिक्र करते हुए पिछली सरकारों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उस दौरान हर साल नक्सलियों के मुकाबले हमारे ज्यादा बहादुर जवान शहीद हुए।

प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि उस समय की सरकारों ने नक्सलवाद को ऐसी बीमारी मान लिया था, जिसका कोई इलाज नहीं है। उन्होंने कहा कि माओवादी आतंक के खिलाफ लड़ाई आसान नहीं थी।

पीएम मोदी ने बताया कि नक्सलियों ने कई इलाकों में लोगों से वोट डालने का अधिकार तक छीन लिया था। एक साल में नक्सली हमलों की संख्या 2,000 तक पहुंच गई थी।

दंतेवाड़ा हमले में शहीद हुए थे CRPF के 76 जवान

प्रधानमंत्री ने 2010 के दंतेवाड़ा हमले का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उस साल दंतेवाड़ा में नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में CRPF के 76 जवान शहीद हुए थे।

इसी साल दंतेवाड़ा में हुई एक अन्य घटना में 44 निर्दोष नागरिकों की हत्या कर दी गई थी। पीएम मोदी ने इन घटनाओं को याद करते हुए कहा कि देश को लंबे समय तक नक्सली हिंसा का दर्द झेलना पड़ा।

47 साल में पहली बार बदले हालात, एक साल में CRPF का जवान शहीद नहीं

प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 के बाद बस्तर और दूसरे नक्सल प्रभावित इलाकों में हालात बदलने शुरू हुए। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक ऐसी स्थिति रही, जिसमें नक्सलियों के मुकाबले हमारे ज्यादा जवान मारे जा रहे थे।

पीएम मोदी ने दावा किया कि 47 साल में पहली बार एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। पिछले एक साल में ड्यूटी के दौरान CRPF के एक भी जवान की जान नहीं गई।

उन्होंने इसे देश की सही नीतियों, मजबूत संकल्प और सुरक्षा बलों के शौर्य, साहस और संयम की जीत बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि जवानों की मेहनत और बलिदान के कारण बस्तर में हालात बदल रहे हैं।

जवानों से बोले- आप सभी मेरे परिवार का हिस्सा हैं

बस्तर में दिवाली मनाने पहुंचे प्रधानमंत्री ने जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि वे सभी उनके परिवार का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि इस बार वे बस्तर के जंगलों में जवानों के साथ दिवाली मनाने आए हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि यह वही इलाका है, जहां कभी नक्सलवाद का आतंक था। जवानों के बलिदान और समर्पण की वजह से अब यहां नक्सलवाद खत्म हुआ है और विकास की नई लहर शुरू हुई है।

उन्होंने 140 करोड़ देशवासियों की ओर से जवानों के बलिदान, समर्पण और सेवा भाव के प्रति आभार जताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि सीमाओं पर सेना जिस तरह देश की रक्षा करती है, उसी तरह सुरक्षा बल देश के भीतर आंतरिक सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाते हैं।

पीएम मोदी बोले- आंतरिक सुरक्षा मजबूत होगी, तभी बाहरी दुश्मन असफल होंगे

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में आंतरिक सुरक्षा को देश की मजबूती से जोड़ते हुए कहा कि जब किसी देश की आंतरिक सुरक्षा मजबूत होती है, तो बाहरी दुश्मन सफल नहीं हो पाते।

उन्होंने कहा कि अगर आंतरिक सुरक्षा कमजोर होती है, तो बाहरी दुश्मन भी सिर उठाने लगते हैं। इसलिए देश के भीतर शांति और सुरक्षा बनाए रखना बेहद जरूरी है।

पीएम मोदी ने कहा कि सुरक्षा बलों ने देश की एकता और अखंडता के लिए अनगिनत बलिदान दिए हैं। जवानों ने अपने निजी जीवन में भी कई तरह के त्याग किए हैं। करोड़ों देशवासियों को उन पर गर्व है।

2026 की दिवाली को बताया ऐतिहासिक

प्रधानमंत्री ने कहा कि 2026 की दिवाली देश के लिए बेहद खास है। उन्होंने दावा किया कि यह पहली दिवाली है, जब देश का हर जिला नक्सलवाद से मुक्त हुआ है और करोड़ों लोगों ने नक्सलवाद का डर पीछे छोड़ दिया है।

पीएम मोदी ने इस उपलब्धि का श्रेय सुरक्षा बलों के लाखों बहादुर जवानों को दिया। उन्होंने कहा कि जवानों के साहस और समर्पण के कारण देश के नक्सल प्रभावित इलाकों में बदलाव आया है।

बस्तर में CRPF जवानों के साथ दिवाली मनाते हुए प्रधानमंत्री ने नक्सलवाद के खिलाफ अभियान में मिली सफलता को देश की बड़ी उपलब्धि बताया। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मामले में सतर्कता और मजबूत नीतियों की जरूरत हमेशा बनी रहेगी।

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