दिल्लीदुनियान्यूज़भारतराजनीतिराज्यहेडलाइंस

PM Modi Bastar Diwali Speech: पीएम मोदी बोले- जंगलों से नक्सली खत्म, अब दिमागी नक्सलियों से खतरा; राजनीतिक संगठनों में घुसपैठ का दावा

उमाकांत त्रिपाठी। PM Modi Bastar Diwali Speech: छत्तीसगढ़ के बस्तर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नक्सलवाद को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि देश में हथियारबंद नक्सलियों का जंगलों से सफाया हो चुका है, लेकिन नक्सलवाद का खतरा अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। अब देश को दिमागी नक्सलियों से खतरा है। प्रधानमंत्री के इस बयान ने राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्रों में नई चर्चा छेड़ दी है।

PM Modi Bastar Diwali Speech के दौरान प्रधानमंत्री ने दावा किया कि ऐसे लोगों ने कई राजनीतिक संगठनों में घुसपैठ कर ली है। वे लोगों को संविधान और लोकतंत्र के खिलाफ भड़काने का काम कर रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि ऐसे लोगों की पहचान करना और उन्हें खत्म करना जरूरी है।

प्रधानमंत्री रविवार को छत्तीसगढ़ के बस्तर स्थित कोबरा ऑपरेशंस बेस पहुंचे थे। यहां उन्होंने CRPF जवानों के साथ दिवाली मनाई और करीब 42 मिनट तक भाषण दिया। पीएम मोदी लगातार 13वीं बार सुरक्षा बलों के जवानों के साथ दिवाली मनाने पहुंचे।

13वीं बार जवानों के साथ दिवाली मनाने पहुंचे पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बार दिवाली छत्तीसगढ़ के बस्तर में CRPF जवानों के साथ मनाई। उन्होंने जवानों से मुलाकात की, उनका उत्साह बढ़ाया और देश की सुरक्षा में उनके योगदान की सराहना की।

पीएम मोदी लगातार 13वीं बार जवानों के बीच दिवाली मनाने पहुंचे। इससे पहले वे 12 मौकों पर देश के अलग-अलग सीमावर्ती और संवेदनशील इलाकों में जवानों के साथ त्योहार मना चुके हैं।

इन दौरों में प्रधानमंत्री सबसे ज्यादा तीन बार जम्मू-कश्मीर गए हैं। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश और लद्दाख में भी वे दो-दो बार जवानों के साथ दिवाली मना चुके हैं।

पीएम मोदी के भाषण की 5 बड़ी बातें

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में नक्सलवाद, आंतरिक सुरक्षा, CRPF के जवानों की भूमिका और देश की आर्थिक प्रगति जैसे मुद्दों पर बात की। उनके भाषण की पांच प्रमुख बातें इस प्रकार हैं।

1. देश का हर जिला नक्सलवाद के डर से मुक्त

पीएम मोदी ने कहा कि 2026 की दिवाली देश के लिए बेहद खास है। 40-50 साल बाद पहली बार देश का हर जिला नक्सलवाद के डर से मुक्त हुआ है। उन्होंने कहा कि करोड़ों लोगों ने नक्सलवाद के भय से बाहर निकलकर राहत की सांस ली है।

प्रधानमंत्री ने इसे सुरक्षा बलों के प्रयासों और सरकार की नीतियों का परिणाम बताया। उनके मुताबिक, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास की स्थिति में बड़ा बदलाव आया है।

2. एक साल में ड्यूटी के दौरान CRPF का कोई जवान शहीद नहीं हुआ

प्रधानमंत्री ने CRPF जवानों की बहादुरी की तारीफ करते हुए कहा कि पिछले एक साल में ड्यूटी के दौरान CRPF के किसी जवान की जान नहीं गई।

उन्होंने इसे सुरक्षा बलों के शौर्य, साहस और सरकार की सही नीतियों की जीत बताया। पीएम मोदी ने कहा कि जवानों के समर्पण और मेहनत की वजह से देश की आंतरिक सुरक्षा मजबूत हुई है।

3. पिछली सरकारों पर नक्सलवाद को लेकर साधा निशाना

पीएम मोदी ने अपने भाषण में पिछली सरकारों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 2004 से 2013 के बीच हर साल नक्सलियों के मुकाबले सुरक्षा बलों के ज्यादा जवान शहीद हुए।

प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों ने नक्सलवाद को ऐसी बीमारी मान लिया था, जिसका कोई इलाज नहीं है। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार ने इस चुनौती से निपटने के लिए ठोस कदम उठाए और सुरक्षा बलों को मजबूत किया।

4. आंतरिक सुरक्षा मजबूत होना जरूरी

प्रधानमंत्री ने कहा कि किसी भी देश की मजबूती के लिए उसकी आंतरिक सुरक्षा मजबूत होना बेहद जरूरी है।

उन्होंने कहा कि जब किसी देश की आंतरिक सुरक्षा मजबूत होती है, तो बाहरी दुश्मन भी अपने मंसूबों में सफल नहीं हो पाते। वहीं, जब देश की आंतरिक सुरक्षा कमजोर होती है, तो बाहरी दुश्मनों को भी सिर उठाने का मौका मिल जाता है।

पीएम मोदी ने सुरक्षा बलों को देश की आंतरिक सुरक्षा की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए उनके योगदान की सराहना की।

5. पिछले 12 साल में 50 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में देश की आर्थिक और सामाजिक प्रगति का भी जिक्र किया। उन्होंने वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि पिछले 12 साल में भारत के 50 करोड़ लोग भीषण गरीबी से बाहर आए हैं।

पीएम मोदी ने इसे केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं और गरीबों के जीवन में आए बदलाव का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के जरूरतमंद वर्गों तक पहुंचा है।

अब दिमागी नक्सलियों से निपटने की चुनौती: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री के भाषण का सबसे अहम हिस्सा दिमागी नक्सलियों को लेकर दिया गया बयान रहा। उन्होंने कहा कि जंगलों में हथियार उठाने वाले नक्सलियों का सफाया हो चुका है, लेकिन नक्सलवाद की विचारधारा से जुड़ा खतरा अभी बाकी है।

पीएम मोदी ने दावा किया कि ऐसे लोगों ने कई राजनीतिक संगठनों में घुसपैठ की है और वे संविधान तथा लोकतंत्र के खिलाफ लोगों को भड़काने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे तत्वों की पहचान करना और उनके प्रभाव को खत्म करना जरूरी है।

प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है, जब केंद्र सरकार नक्सलवाद के खिलाफ अभियान और प्रभावित क्षेत्रों में विकास को लेकर लगातार जोर दे रही है।

बस्तर में जवानों के साथ दिवाली मनाने का खास संदेश

बस्तर में CRPF जवानों के साथ दिवाली मनाकर प्रधानमंत्री ने सुरक्षा बलों के प्रति सम्मान और भरोसे का संदेश दिया। नक्सलवाद से प्रभावित रहे इस क्षेत्र में प्रधानमंत्री का पहुंचना भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

अपने संबोधन में उन्होंने जवानों के साहस, बलिदान और देश के प्रति समर्पण की सराहना की। साथ ही नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में मिली सफलता का जिक्र करते हुए कहा कि देश की सुरक्षा के लिए अभी भी सतर्क रहने की जरूरत है।

पीएम मोदी के भाषण में एक तरफ नक्सलवाद के खिलाफ अभियान की उपलब्धियां रहीं, तो दूसरी तरफ उन्होंने विचारधारा के स्तर पर मौजूद चुनौतियों को लेकर भी चिंता जताई।

Related Posts

1 of 1,006

Leave A Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *