उमाकांत त्रिपाठी।अगर आप पहली बार नौकरी शुरू करने जा रहे हैं और आपका नाम पहली बार EPFO में दर्ज होने वाला है, तो PM Viksit Bharat Rozgar Yojana आपके लिए महत्वपूर्ण हो सकती है। इस योजना के तहत पात्र पहली बार नौकरी पाने वाले कर्मचारियों को सरकार की ओर से ₹15,000 तक की प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान है। वहीं नए कर्मचारियों को नौकरी देने वाली कंपनियों को भी हर कर्मचारी के हिसाब से प्रोत्साहन राशि दी जाती है।
यह योजना पहले Employment Linked Incentive (ELI) Scheme के नाम से प्रस्तावित थी। इसका उद्देश्य देश में रोजगार के नए अवसर बढ़ाना और पहली बार वर्कफोर्स में शामिल होने वाले युवाओं को प्रोत्साहित करना है।
PM Viksit Bharat Rozgar Yojana क्या है?
PM Viksit Bharat Rozgar Yojana को पहली बार नौकरी पाने वाले युवाओं और नए रोजगार पैदा करने वाली कंपनियों को प्रोत्साहन देने के लिए शुरू किया गया है।
इस योजना में खासतौर पर ऐसे कर्मचारी शामिल हैं, जो पहली बार EPFO के सदस्य बन रहे हैं। पात्र कर्मचारियों को अधिकतम ₹15,000 तक का लाभ दो किस्तों में दिए जाने का प्रावधान है।
सरकार ने इस योजना के लिए ₹99,446 करोड़ का प्रावधान किया है। योजना का लक्ष्य दो साल में 3.5 करोड़ से अधिक रोजगार को बढ़ावा देना है।
पहली नौकरी पर ₹15,000 कैसे मिलेंगे?
योजना के कर्मचारी वाले हिस्से के तहत पहली बार EPFO से जुड़ने वाले पात्र कर्मचारियों को अधिकतम ₹15,000 तक का लाभ मिलेगा।
यह राशि नौकरी ज्वाइन करते ही एक साथ खाते में नहीं आती। इसके लिए कर्मचारी को निर्धारित अवधि तक नौकरी में बने रहना होगा।
पहली किस्त नौकरी में 6 महीने पूरे करने के बाद और दूसरी किस्त 12 महीने पूरे करने के बाद मिलने का प्रावधान है। दूसरी किस्त के लिए वित्तीय साक्षरता से जुड़ी निर्धारित शर्त भी पूरी करनी होगी।
यानी केवल पहली नौकरी मिलने से ही पूरा ₹15,000 तुरंत खाते में नहीं आएगा।
कंपनियों को भी मिलेगा हर कर्मचारी पर पैसा
इस योजना का दूसरा हिस्सा नियोक्ताओं यानी कंपनियों के लिए है। नए कर्मचारियों को नियुक्त करने वाली पात्र कंपनियों को भी सरकार की ओर से प्रोत्साहन राशि मिलेगी।
बताई गई वेतन श्रेणी के अनुसार कंपनी को प्रति नए कर्मचारी हर महीने ₹1,000 से ₹3,000 तक प्रोत्साहन मिल सकता है।
मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए इस प्रोत्साहन की अवधि सामान्य अवधि से अधिक रखी गई है।
वेतन के हिसाब से कंपनी को कितना पैसा?
| कर्मचारी की मासिक सैलरी | कंपनी को संभावित प्रोत्साहन |
|---|---|
| ₹10,000 तक | ₹1,000 तक |
| ₹10,000 से ₹20,000 | ₹2,000 |
| ₹20,000 से ₹1 लाख | ₹3,000 |
कौन ले सकता है योजना का लाभ?
PM Viksit Bharat Rozgar Yojana के तहत कर्मचारी के लिए कुछ प्रमुख पात्रता शर्तें हैं।
- कर्मचारी पहली बार EPFO का सदस्य बना हो।
- कर्मचारी की Gross Salary ₹1 लाख या उससे कम हो।
- कर्मचारी का नियोक्ता EPFO के तहत पंजीकृत हो।
- कर्मचारी को निर्धारित न्यूनतम अवधि तक नौकरी में बने रहना होगा।
- योजना की अन्य निर्धारित शर्तें भी पूरी करनी होंगी।
इसका मतलब यह है कि अगर किसी व्यक्ति का पहले से EPFO रिकॉर्ड है और वह बाद में दूसरी नौकरी ज्वाइन करता है, तो केवल नई नौकरी शुरू करने के आधार पर उसे पहली बार नौकरी पाने वाला कर्मचारी नहीं माना जाएगा।
क्या इस योजना के लिए अलग से आवेदन करना होगा?
नहीं, पात्र कर्मचारियों के लिए अलग से आवेदन करने की जरूरत नहीं है।
योजना का लाभ EPFO और UAN से जुड़े रिकॉर्ड के आधार पर दिया जाता है। इसलिए नौकरी ज्वाइन करने वाले कर्मचारी का EPFO रिकॉर्ड और अन्य जरूरी विवरण सही होना महत्वपूर्ण है।
आधार से जुड़ा बैंक खाता भी जरूरी प्रक्रिया का हिस्सा है, क्योंकि लाभ की राशि DBT के जरिए खाते में भेजी जाती है।
पैसे की पहली और दूसरी किस्त कब मिलेगी?
योजना के तहत मिलने वाली कर्मचारी प्रोत्साहन राशि को दो हिस्सों में देने का प्रावधान है।
पहली किस्त: नौकरी में 6 महीने पूरे होने के बाद।
दूसरी किस्त: 12 महीने की नौकरी पूरी करने और निर्धारित वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम पूरा करने के बाद।
इसलिए पात्र कर्मचारी को योजना का लाभ लेने के लिए नौकरी की निर्धारित अवधि पूरी करनी होगी।
कंपनी के लिए भी हैं कुछ शर्तें
सिर्फ कर्मचारी की नियुक्ति करने से कंपनी को प्रोत्साहन राशि नहीं मिलती। नियोक्ता को योजना की निर्धारित पात्रता और अतिरिक्त रोजगार से जुड़ी शर्तें पूरी करनी होती हैं।
मसलन, कर्मचारियों की संख्या के आधार पर नए कर्मचारियों की न्यूनतम नियुक्ति से जुड़ी शर्तें लागू हो सकती हैं। कंपनी का EPFO के तहत पंजीकृत होना भी जरूरी है।
अगर पहले नौकरी की थी तो क्या ₹15,000 मिलेंगे?
अगर व्यक्ति पहले से EPFO से जुड़ा हुआ था और उसका UAN/EPFO रिकॉर्ड पहले बन चुका है, तो बाद में नौकरी बदलने पर उसे इस योजना के कर्मचारी वाले हिस्से का लाभ पहली नौकरी के प्रोत्साहन के रूप में नहीं मिलेगा।
योजना का मुख्य फोकस पहली बार EPFO में शामिल होने वाले कर्मचारियों पर है।
जरूरी दस्तावेज और जानकारी
लाभ लेने की प्रक्रिया में कर्मचारी से जुड़े कुछ रिकॉर्ड जरूरी होते हैं, जैसे:
- UAN नंबर
- आधार से जुड़ा बैंक खाता
- EPFO से संबंधित जानकारी
- नियुक्ति से संबंधित विवरण
कर्मचारी को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि EPFO में उसका नाम, आधार और बैंक से जुड़ी जानकारी सही दर्ज हो।
आसान भाषा में समझें
अगर कोई युवा पहली बार ऐसी नौकरी ज्वाइन करता है जहां उसका EPFO/UAN पहली बार बनता है और उसकी Gross Salary योजना की तय सीमा के अंदर है, तो वह योजना के कर्मचारी वाले हिस्से के लिए पात्र हो सकता है।
उसे नौकरी में निर्धारित अवधि पूरी करनी होगी। इसके बाद नियमों के मुताबिक प्रोत्साहन राशि किस्तों में खाते में भेजी जाएगी।
वहीं जिस कंपनी ने उस नए कर्मचारी को नियुक्त किया है, उसे भी पात्रता पूरी करने पर सरकार की ओर से प्रोत्साहन राशि मिल सकती है।
FAQs
सवाल: PM Viksit Bharat Rozgar Yojana क्या है?
जवाब: यह रोजगार को बढ़ावा देने और पहली बार वर्कफोर्स में शामिल होने वाले कर्मचारियों तथा नए रोजगार पैदा करने वाले नियोक्ताओं को प्रोत्साहित करने वाली योजना है।
सवाल: पहली नौकरी पर कितने रुपये मिलेंगे?
जवाब: पात्र पहली बार EPFO सदस्य बनने वाले कर्मचारियों को अधिकतम ₹15,000 तक का प्रोत्साहन मिलने का प्रावधान है।
सवाल: क्या ₹15,000 पहली सैलरी के साथ मिलेंगे?
जवाब: नहीं। राशि निर्धारित शर्तें पूरी होने के बाद किस्तों में दी जाती है।
सवाल: क्या पहले से EPFO सदस्य व्यक्ति को लाभ मिलेगा?
जवाब: योजना का कर्मचारी वाला लाभ पहली बार EPFO से जुड़ने वाले कर्मचारियों के लिए है। पहले से EPFO रिकॉर्ड वाले व्यक्ति को केवल नई नौकरी ज्वाइन करने के आधार पर यह लाभ नहीं मिलेगा।
सवाल: क्या अलग से फॉर्म भरना होगा?
जवाब: पात्र कर्मचारियों के लिए अलग से आवेदन की आवश्यकता नहीं होने का प्रावधान है। लाभ EPFO/UAN से जुड़े रिकॉर्ड के आधार पर दिया जाता है।
सवाल: कंपनी को कितना फायदा मिलेगा?
जवाब: पात्र नए कर्मचारियों की नियुक्ति पर कंपनी को वेतन श्रेणी के अनुसार ₹1,000 से ₹3,000 तक मासिक प्रोत्साहन मिल सकता है।
सवाल: कर्मचारी को कितने समय तक नौकरी करनी होगी?
जवाब: कर्मचारी को योजना के तहत निर्धारित न्यूनतम अवधि तक नौकरी में बने रहना जरूरी है। पहली किस्त के लिए 6 महीने और दूसरी किस्त के लिए 12 महीने की अवधि से जुड़ी शर्त बताई गई है।।














